Thursday, February 27, 2014

नाबालिग बहन के प्रेमी को उतारा मौत के घाट

murder in madhya pradesh
कहते हैं कि इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपते, ऐसा ही हुआ इंदौर के एक मामले में जहां नाबालिग बहन के इश्क की खबर भाई को लगी तो उसने बहन के प्रेमी का कत्ल कर दिया।

लड़का और लड़की पड़ोसी थे, सात जनवरी को प्यार के पंछी जमाने की बंदिशों को तोड़ कर उड़ गए थे, लेकिन अगले ही दिन पुलिस ने उनको शिकंजे में ले लिया था।

लड़की नाबालिग थी तो लड़के पर 376 का मामला दर्ज हुआ और उसे जेल भेज दिया गया। 15 दिन पहले लड़का जेल से छूट कर वापस आया था और उसी दिन से लड़की के भाई की नज़रें उस पर थीं।

लड़की के भाई ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर रची एक साजिश, लड़के को फुसला कर घर से बुलाया गया और रेत दिया गया उसका गला।

एएसपी विनय पाल ने बताया कि मृतक समीर को जीवन और उसने दो दोस्त बुलाकर ले गए थे और गंगानगर के पास उसकी हत्या कर दी। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।"

अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी कांग्रेस में शामिल

atal bihari niece congress
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला कांग्रेस में शामिल हो गईं। गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में पार्टी में शामिल होने की घोषणा की।

करुणा शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी पर जम कर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के 'अटल युग' का समापन हो चुका है। उन्होंने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसने अपना पति धर्म नहीं निभाया हो, वह राष्ट्र धर्म क्या निभाएगा।

करुणा शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस मेरा घर है। उन्होंने कहा कि कोई कितनी भी हवा बहा ले, मौसम बदलते देर नहीं लगती। करुणा शुक्ला ने कहा कि 2004, 2009 में जो कुछ हुआ, वही 2014 में भी दोहराया जाएगा।

करुणा शुक्ला भाजपा की विधायक और सांसद रह चुकी हैं। इसके अलावा वे भाजपा की महिला इकाई की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। कभी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहीं करुणा शुक्ला ने पिछले साल पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

पार्टी में अनदेखी

इस्तीफा देने के बाद करुणा शुक्ला ने पार्टी में हुई अवहेलना को इसका कारण बताया था और कहा था कि छत्तीसगढ़ में भाजपा दो-तीन सत्ताधारी नेताओं की जागीर बन कर रह गई है जिनमें राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह प्रमुख हैं।

पार्टी में वापस आने की संभावनाओं को नकारते हुए करुणा शुक्ला ने कहा था कि वे मर जाएंगी, लेकिन भाजपा में नहीं लौटेंगी।

अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार प्रधानमंत्री का पद संभाल चुके हैं। अटल बिहारी पहली वर्ष 1996 में मात्र 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद वो वर्ष 1998 से 1999 के बीच 13 महीनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे। साल 1999 में वो तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और अपना कार्यकाल पूरा करते हुए साल 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे थे।

वाजेपयी फ़िलहाल सेहत ठीक न होने के कारण सक्रिय राजनीति से दूर हैं।

160 की स्पीड से दौड़ेगी शताब्दी एक्सप्रेस

Shatabdi speed to go up to 160 kmShab
साल के अंत तक दिल्ली-आगरा और दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर शताब्दी एक्सप्रेस 160 की स्पीड से दौड़ती नजर आएगी।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणेंद्र कुमार ने कहा कि हमें हाई स्पीड रेल कारपोरेशन (एचएसआरसी) से दिल्ली-आगरा और दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर सेमी हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाने के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।�
मौजूदा संसाधनों (पटरी, लोकोमोटिव और कोच) का इस्तेमाल करते हुए ही 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने के लिए इन दोनों रूटों को पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर लिया गया है।

उन्होंने कहा, 'एचएसआरसी ने हमें तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है और हमें उम्मीद है कि साल के अंत तक इस प्रोजेक्ट पर अमल होने की उम्मीद है।'

सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के लिए नई पटरियों के सवाल पर कुमार ने कहा कि मौजूदा ट्रैक और रोलिंग स्टॉक हाई स्पीड के लिए सक्षम है। बस पटरियों के अलावा कोच व इंजनों में थोड़ा बहुत अपग्रेडेशन करना होगा।

इसके अलावा पटरियों के दोनों तरफ कई जगह बाड़ भी लगाई जा सकती है। वर्तमान में दिल्ली-आगरा रूट पर अभी 140 की स्पीड से ट्रेन चल रही है जबकि चंडीगढ़ शताब्दी पर अधिकतम गति 110 से 120 के बीच है।

पुलिस को थी 'सहाराश्री' की तलाश, मिलीं उनकी मां

police reached at sahara shri's residence
पुलिस टीम ने रॉय के परिजनों को कोर्ट के आदेशों की जानकारी देने के साथ ही गैर जमानती वारंट की एक प्रति सहारा शहर में चस्पा भी करा दी है। पुलिस दबाव बना रही है कि शुक्रवार तक सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी करके उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया जा सके।

- प्रवीण कुमार/एसएसपी

सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की मुश्किलें खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहीं। जो घटनाक्रम अब तक सामने आया है, उससे साफ हो चुका है कि उन्हें अब अदालत के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना ही होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में पेश न होने की वजह से उनके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी कर दिया था। इसके बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गुरुवार को वह दिन आया, जब पुलिस गैर जमानती वॉरंट की तामील कराने लखनऊ स्थित सहारा श्री सुब्रत रॉय के घर पहुंच गई। हालांकि, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है।

इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिली है कि वह घर पर मौजूद हैं या नहीं। लेकिन यह अब तक साफ हो चुका है कि सुब्रत ने पुलिस ने वादा किया है कि वह 4 मार्च को कोर्ट के सामने पेश हो जाएंगे।

गोमती नगर थाने के एसओ अजीत सिंह चौहान ने बताया कि सहारा शहर और हॉस्पिटल की तलाशी ली गई, लेकिन सहाराश्री नहीं मिले। पुलिस ने अपनी टीम में महिला कांस्टेबल्स को भी रखा था।

हालांकि, पुलिस की मुलाकात सहाराश्री की मां से जरूर हुई, लेकिन उनसे भी सहाराश्री के बारे में कोई खबर नहीं मिली। अब पुलिस को ऊपर बैठे अधिकारियों या कोर्ट के अगले निर्देश का इं‌तजार है।

संभवतः पुलिस सहाराश्री के कुछ अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर सकती है।

इसकी वजह यह भी है कि पुलिस के पास तय प्रक्रिया के तहत ज्यादा कुछ करने की गुंजाइश भी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अवमानना के एक मामले में सहारा प्रमुख सुब्रत राय की याचिका खारिज कर दी और उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया था।

न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस केहर ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करके निवेशकों के 20 हजार करोड़ रुपए न लौटाने को लेकर सहारा प्रमुख को आड़े हाथों लिया है।

वो गैंगरेप कर रहे थे तभी पहुंच गई पुलिस

gangrape with minor girl in delhi
दिल्ली के तिमारपुर इलाके में बुधवार शाम को 16 वर्षीय लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है।

दोनों आरोपी किशोरी के पड़ोसी हैं, जिन्हें तिमारपुर थाने की पुलिस ने गश्त के दौरान घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अगवा करके गैंगरेप का मामला दर्ज किया है।

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पुलिस के अनुसार, बुधवार देर शाम गश्त के दौरान सिपाही ने सुनसान जगह पर किशोरी को शोर मचाते हुए देखा। पुलिस ने मौके से ही आरोपियों किशन (22) और कपिल (24) को दबोच लिया।

पीड़िता ने बताया कि शाम को बाजार से खरीदारी करने के बाद वह घर आ रही थी। रास्ते में उसे अकेला पाकर किशन व कपिल जबरदस्ती खींचकर सुनसान जगह पर ले गए जहां दोनों ने उससे दुष्कर्म किया।

परिजनों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस पीड़िता को अस्पताल लेकर गई, जहां मेडिकल जांच में पीड़िता से दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। बृहस्पतिवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

बहन के प्रेमी को उतारा मौत के घाट

murder in madhya pradesh
कहते हैं कि इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपते, ऐसा ही हुआ इंदौर के एक मामले में जहां नाबालिग बहन के इश्क की खबर भाई को लगी तो उसने बहन के प्रेमी का कत्ल कर दिया।

लड़का और लड़की पड़ोसी थे, सात जनवरी को प्यार के पंछी जमाने की बंदिशों को तोड़ कर उड़ गए थे, लेकिन अगले ही दिन पुलिस ने उनको शिकंजे में ले लिया था।

लड़की नाबालिग थी तो लड़के पर 376 का मामला दर्ज हुआ और उसे जेल भेज दिया गया। 15 दिन पहले लड़का जेल से छूट कर वापस आया था और उसी दिन से लड़की के भाई की नज़रें उस पर थीं।

लड़की के भाई ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर रची एक साजिश, लड़के को फुसला कर घर से बुलाया गया और रेत दिया गया उसका गला।

एएसपी विनय पाल ने बताया कि मृतक समीर को जीवन और उसने दो दोस्त बुलाकर ले गए थे और गंगानगर के पास उसकी हत्या कर दी। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।"

नीतीश के कुनबे में बवाल, पांच सांसद बाहर

JDU expels Shivanand and four other MPs
जेडीयू ने पांच बागी सांसदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। माना जा रहा है कि ये लोग अब बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।

राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी समेत जयनारायण निषाद, पूरणमासी राम, मंगनी लाल मंडल औऱ सुशील कुमार सिंह को भी जेडीयू ने पार्टी से निष्कासित कर दिया।

गौरतलब है कि शिवानंद तिवारी ने सीएम नीतीश कुमार को तानाशाह और अहंकार से भरा बताया था।

पिछले काफी दिनों से तिवारी जिस तरह से मोदी के पक्ष में बोल रहे थे और अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल रहे थे उससे माना जा रहा है कि वो बीजेपी के पाले में बैठ सकते हैं।

आपको बता दें कि पार्टी ने तिवारी से लोकसभा लड़ने के लिए कहा था जिससे उन्होंने इंकार कर दिया था।

इससे पहले आरजेडी के भी 13 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी जिसमें से लालू 9 विधायकों को पार्टी में वापस लाने में सफल रहे थे। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार में और भी कई बड़ी राजनीतिक उथल पुथल देखने को मिल सकती है।