Wednesday, February 26, 2014

AAP विधायक को लोगों ने बंधक बनाया

aap mla rajesh garg held hostage by locals
आम आदमी पार्टी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए रोहिणी के निवासियों ने स्थानीय विधायक राजेश गर्ग को बुधवार को बंधक बना लिया।

करीब पांच घंटे तक आम लोगों की कैद से छूटने में नाकाम रहने के बाद विधायक ने शाम को खुद ही घरने पर बैठने का ऐलान कर दिया। राजेश गर्ग के मुताबिक, जब तक लोगों की मांग पूरी नहीं होती, वह मौके से नहीं हटेंगे। दिन-रात उनका धरना जारी रहेगा।

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दरअसल, समयपुर बादली इंडस्ट्रियल एरिया में डीएसआईआईडीसी ने एक कारोबारी को एक प्लॉट अलॉट किया था। इसी प्लॉट से स्थानीय निवासियों की निकासी का रास्ता भी था। चुनाव से पहले डीएसआईआईडीसी ने प्लॉट पर एक दीवार खड़ी दी। इससे रास्ता बंद हो गया।

चुनाव के दौरान स्थानीय निवासियों ने इसे हटाने की मांग आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने से की थी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उस समय केजरीवाल दीवार हटवाने का वायदा भी किया था। लेकिन सरकार बनी और चली भी गई, आम आदमी पार्टी ने लोगों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया।

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वहीं, बुधवार करीब 11 बजे स्थानीय विधायक राजेश गर्ग डीएसआईआईडीसी अधिकारियों के साथ मौके का मुआयना करने पहुंचे। इस पर लोगों ने उन्हें बंधक लिया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि जब तक दीवार नहीं हटाई जाती विधायक को नहीं छोड़ा जाएगा।

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस भी राजेश गर्ग को छुड़ाने में नाकाम रही। करीब पांच घंटे तक राजेश गर्ग दलील देते रहे कि जमीन पर मालिकाना हक का मामला जांच का विषय है। लेकिन जनता को सहूलियत देना भी जरूरी है। बगैर लोगों के कैद से निकले उपराज्यपाल तक लोगों की फरियाद नहीं पहुंचाई जा सकेगी। लेकिन स्थानीय निवासियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

देर शाम तक कैद से निकलने में नाकाम रहे विधायक ने धरने पर बैठने पर ऐलान कर दिया। राजेश गर्ग ने बताया कि अभी तक हमें आम लोगों ने बंधक बनाया था, लेकिन अब हम खुद धरने पर बैठे हैं। जब तक दीवार नहीं गिराई जाएगी, वह यहां से नहीं उठेंगे।

बंद कमरे में सपा नेता को कैसे लगी गोली?

smajwadi party leader shot by gun
सपा के लोकसभा प्रत्याशी अजमल नवाज खान उर्फ बिल्लू बुधवार सुबह बंद कमरे में रिवाल्वर से चली गोली लगने से घायल हो गए। जौलीग्रांट अस्पताल में ऑपरेशन के बाद आंख के समीप लगी गोली निकाल ली गई।

सपा नेता की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। गोली लगने की खबर पर सपा नेताओं का जमावड़ा जौलीग्रांट अस्पताल में लगा रहा।

घर में ही लगी गोली
पथरी क्षेत्र के गांव ऐथल में सपा नेता का पैतृक आवास है। बुधवार सुबह साढे़ आठ बजे नाश्ता करने के बाद अजमल खान अपने कमरे में थे। अचानक गोली चलने की आवाज होने पर परिजन कमरे की तरफ दौडे़। लहूलुहान अवस्था में भूमि पर गिरे सपा नेता को परिजन सीधे जौलीग्रांट अस्पताल ले गए।

ऑपरेशन कर निकाली गई गोली
जौलीग्रांट अस्पताल में शाम तक चले ऑपरेशन के बाद आंख के समीप फंसी गोली निकाल ली गई। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है।

एसओ रितेश शाह के मुताबिक सपा नेता के अपनी लाईसेंसी रिवाल्वर साफ करने के दौरान गोली चलने की बात घर पर मौजूद पुत्री शबीम ने बताई है। परिजनों से पूछताछ के लिए पुलिस टीम जौलीग्रांट अस्पताल रवाना कर दी गई है। सपा नेता पर एक रायफल व रिवाल्वर का लाईसेंस है।

पिता रहे आजाद हिंद फौज का हिस्सा
सपा नेता के पिता जनरल शाहनवाज खान सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज का अहम हिस्सा रहे है। वे केन्द्र में कई बार मंत्री भी रहे है। सपा प्रत्याशी बेहद सम्पन्न है।

सोती रही स्थानीय पुलिस
सुबह साढे़ आठ बजे की घटना की जानकारी शाम पांच बजे लगने पर स्थानीय पुलिस के सूचना तंत्र का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

शाम को भी खबरनवीसों के सक्रिय होने पर पुलिस को घटना का पता चला। तब कहीं जाकर एसओ रितेश शाह सपा प्रत्याशी के घर पर पहुंचे लेकिन घर पर पुत्री के अलावा कोई नहीं मिला। वो भी दोपहर तीन बजे जौलीग्रांट अस्पताल से लौटी है।पुलिस को अभी वह लाइसेंसी हथियार नहीं मिल पाया है जिससे गोली चली है।

सपा नेता के घर उमड़ता रहा हुजूम
सपा प्रत्याशी को गोली लगने के बाद सपा नेता व ग्रामीणों का हुजूम घर पर उमड़ता रहा। लेकिन घर पर परिजनों के मौजूद न होने पर हर कोई वापस लौटता रहा।

बेहद सम्पन्न व राजनैतिक घराने से ताल्लुक रखने वाले सपा प्रत्याशी का क्षेत्र में अच्छा रसूख है। बुधवार सुबह दिन के चढ़ने के साथ साथ आस पास के गांवों में सपा प्रत्याशी को गोली लगने की खबर आग की तरह फैली। हर कोई सपा नेता का कुशलक्षेम व घटनाक्रम की जानकारी लेने पहुंचता रहा।

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Tuesday, February 25, 2014

अनोखी पहलः यहां खरीदें 10रुपये में 10किताबें

New idea: buy 10 books in rupees 10
अगर ‌इस महंगाई के जमाने में कोई आपको डेढ़ रुपये में एक किताब दे दे तो। मुख्य रूप से यह छात्रों के लिए है लेकिन आम नागरिक भी इस छूट का फायदा उठा सकता है।

अगर आप बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम या एमबीए के छात्र है तो द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज आपके लिए शौगात लेकर आया है।

90 फीसदी की छूट पर कई नामचीन लेखकों की फिजिक्स, कैमेस्ट्री स‌हित अन्य विषयों की किताब खरीदकर ला सकते हैं। यानी महंगाई के इस दौर में दस रुपये में बैग भर कर किताब खरीदा जा सकता है। यह मौका मिल रहा है कॉलेज में आयोजित दस दिवसीय पुरानी किताबों के मेले से। जिसकी शुरुआत मंगलवार से कॉलेज की लाइब्रेरी में हुई है।

छात्रों के अलावा किताबों के शौकीनों के लिए भी हिन्दी व अंग्रेजी के पुराने जमाने की साहित्य रचना मौजूद है। सुबह से ही अनौपचारिक रुप से इसकी शुरुआत कर दी, जिसे खरीदने के लिए छात्रों की भीड़ लगी रही।

कॉलेज छात्रों के अलावा अन्य किताब प्रेमी भी लाइब्रेरी तक पहुंच रहे थे। छात्रों की पहली प्राथमिकता पाठ्यक्रम से संबंधित किताबें थी।Gurgaon book fair

दरअसल, कॉलेज छात्रों को मूल्यवान किताबें सस्ती दरों में छात्रों को उपलब्ध कराने के लिए इस तरह का मेले का आयोजन कर रहा है। इसमें 1950-70 की दशक की वो किताबें है, जिनका प्रयोग प्रोफेसर सरीखे लोग बतौर संदर्भसूची या टेक्स्ट बुक के रूप में करते थे।

अब लेखकों से अनुमति लेकर छात्रों को 90 फीसदी छूट पर बेची जा रही है। लाइब्रेरी में साइंस, कॉमर्स, हिन्दी, साहित्य व अन्य विषयों की करीब 53 सौ किताबें रखी गई है।

कुछ लोग हुए परेशान
पुस्तक मेले में रखी किताबों का विषयवार व्यवस्था नहीं होने से छात्रों समेत अन्य किताब प्रेमियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कौन सी किताब किस विषय की कहां की रखी, इसकी कोई अनुक्रमणिका नहीं बनी हुई थी।

कुछ किताबें डेस्क पर रखी थी, तो कुछ जमीन पर रखी थी। इसकी वजह से नीचे रखी किताबों को ढूंढना परेशानी का सबब बना रहा। बाइंडिग बुक में नाम दर्ज नहीं होने से भी छात्रों को परेशान होना पड़ा।

द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके यादव ने बताया ‌कि अनौपचारिक रुप से पुस्तक मेले का शुभारंभ कर दिया गया है। इस दस दिवसीय पुस्तक मेले में 90 फीसदी छूट पर सभी तरह की किताबें दी जा रही है। छात्रों की रुचि बनी हुई है।

वहीं एक छात्र सकिर ने बताया ‌कि इस तरह का प्रयास सराहनीय है। कैमेस्ट्री किताब लेने आया था। डेढ़ रुपये में किताब मिल गई। बाहर 600 रुपये दाम है। इस तरह का आयोजन होते रहना चाहिए। वहीं सागर ने कहा ‌कि बायोटेक की किताबें बहुत आसानी से मिल गई। इतनी सस्ती किताबें मिलेंगी। इसकी उम्मीद नहीं थी। बीस रुपये में 12 किताबें आ गई। आज इनकी कीमत हजारों में है।

मोगा में तेंदुए का हमला, तीन किसान घायल

now leopard attack farmars, three injured
मेरठ में तेंदुए का आतंक अभी खत्म नहीं हुआ कि पंजाब के मोगा से भी अभी अभी एक बड़ी खबर आ रही है।

यहां एक तेंदुए ने खेत में काम कर रहे किसानों पर हमला कर दिया। हमले में तीन किसान घायल हो गए।

तेंदुए के शहर में आने और किसानों पर हमले की खबर फैलते ही लोगों में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीमों ने तुरंत तेंदुए की तलाश शुरू कर दी।

अचानक सामने तेंदुआ देख उसे गोली मार दी गई। तेंदुए के मरने की खबर सुनकर लोगों ने राहत की सांस ली।

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भटकल की हिट लिस्ट में शामिल था अक्षरधाम मंदिर

IM operatives were planning attacking on akshardham temple : NIA
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में दाखिल आरोपपत्र में कहा कि इंडियन मुजाहिदीन के संस्‍थापक भटकल से बरामद दस्तावेजों में दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तस्वीरें मिली हैं।

अदालत ने इस आतंकी साजिश व देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के मामले में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संस्थापक यासीन भटकल उसके सहयोगी असदुल्ला अख्तर व दो अन्य के खिलाफ आईएनए की ओर से दायर आरोपपत्र पर संज्ञान भी ले लिया है।

पढ़ें: हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतं‌की दिल्ली में क्या कर रहा था?

भटकल वही शख्स है जो लादेन के वीडियो दिखाकर युवाओं को जिहाद के नाम पर गुमराह करता था। इसकी हिट लिस्ट में अक्षरधाम मंदिर व पुणे स्थित आर्मी का इलाका भी शामिल था।

पटियाला हाउस अदालत के जिला न्यायाधीश आईएस मेहता ने भटकल, असदुल्ला के अलावा मंजर इमाम व उजैर अहमद के खिलाफ अब मामले की सुनवाई 7 मार्च तय की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में चारों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दायर किया था।

पढ़ें: 'आतंकी है रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा'

आईएनए ने आरोपपत्र में कहा है कि बरामद दस्तावेजों में दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तस्वीरें मिली हैं। साथ ही पुणे आर्मी इलाके के भी कई फोटो हैं। यह फोटो रियाज भटकल ने आतंकी असादुल्ला अख्तर को भेजे थे।

एनआईए के मुताबिक, उसने दूसरे आतंकियों के साथ मिलकर दिल्ली, दरभंगा, नांदेड़, मुंबई, पुणे, भटकल व हैदराबाद में मॉड्यूल व स्लीपर सेल तैयार किए। वह भटकल स्थित अंजुमन इंजीनियरिंग के छात्रों से भी मिला था। चार्जशीट में यह भी दावा किया गया था कि आईएम की स्थापना बाबरी मस्जिद विध्वंस व गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए की गई थी।

आईएसआई करती है प्रबंध
एनआईए के अनुसार, आईएम को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समय-समय पर फंड देने के अलावा उसके सदस्यों की ट्रेनिंग का भी प्रबंध करती रही है। आतंकियों से पूछताछ व बरामद दस्तावेजों से इस तथ्य की पुष्टि हुई है।

नियमावली तैयार, जल्द होंगी भर्तियां

guidelines ready for shiksha mitra recruitment
शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए नियमावली तैयार कर ली गई है। बेसिक शिक्षा विभाग चुनाव आयोग से सहमति के बाद ही इसे जारी करेगा।

विभाग का मानना है कि मौजूदा समय शिक्षक, स्नातक निर्वाचन की अधिसूचना के कारण आदर्श आचार संहिता लगी है, इसलिए चुनाव आयोग की सहमति जरूरी है।

चुनाव आयोग से सहमति मिलते ही शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर समायोजन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। राज्य सरकार शिक्षा मित्रों को जल्द से जल्द शिक्षक पद पर समायोजित करना चाहती है।

इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन किया गया है। शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।

कैबिनेट से निर्णय के आधार पर नियमावली तैयार की जा चुकी है। सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने लंदन से लौटने के बाद सोमवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की।

सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग से इस संबंध में राय ली जाएगी कि नियमावली जारी करते हुए शिक्षा मित्रों का समायोजन किया जाए या नहीं।

वहां से अनुमति मिलने के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहले चरण में 58 हजार शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जाना है।

4 रुपये महीना पेंशन पाते हैं ये बुजुर्ग!

protest in janatar mantar, rupees 4 gettings as a pension
किसी को अगर आज की तारीख में 4 रुपये महीने की आमदनी हो तो क्या कहेंगे। और अगर वह चार रुपये महीने के रूप में देने वाला केंद्र की सरकार हो तब, कहने की जरूरत भी बचती है क्या!

श्रम मंत्रालय के अधीन पेंशन पाने वाले बुजुर्ग पूर्व कर्मचारियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान चार रुपये महीना पेंशन पाने वाले बुजुर्ग भी शामिल रहे।

बुजुर्गों ने कहा कि सभी मंत्रालयों के पेंशनरों को ऊंची पेंशन मिलती है लेकिन श्रम विभाग ऐसा है जहां कुछ लोगों के खाते में चार रुपये महीना भी पेंशन आती है।Pension protest

इस दौरान जंतर-मंतर आए भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बदलाव का दौर है, भाजपा की सरकार आने दीजिए। बुजुर्गों को उनका न्याय दिलाया जाएगा।

भारत पेंशनर समाज के बैनर तले जमा हुए लोगों पेंशनधारकों ने कहा कि अन्य विभागों में उनकी रैंक के लोगों को ऊंची पेंशन मिल रही है लेकिन श्रम विभाग में ऊंची पेंशन दूर न्यूनतम भी नहीं मिल पा रही।Pension protest

इस संबंध में समाज के महासचिव एसपी माहेश्वरी ने कहा कि उनके कुछ साथी ऐसे हैं जिनके खाते में चार रुपये महीने ही पेंशन के रूप में आते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि एक सचिव के पद के बराबर होने के बावजूद उन्हें उसकी तीन गुनी कम पेंशन मिलती है।