Thursday, January 30, 2014

सामने आई भारत की एक भयावह तस्वीर

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दुनिया में सबसे ज्यादा अनपढ़ वयस्कों की आबादी हमारे देश में है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में युवा देश माने जाने वाले भारत की यह भयावह तस्वीर सामने आई है। इसके मुताबिक, हमारे देश में अनपढ़ वयस्कों की आबादी 28.7 करोड़ है।

यानी दुनिया के 37 फीसदी अनपढ़ वयस्क भारत में हैं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में अमीरों और गरीबों के बीच शिक्षा के स्तर में भारी असमानता भी उजागर हुई है।

'2013-14 एजूकेशन फॉर ऑल ग्लोबल मॉनीटरिंग रिपोर्ट' में कहा गया है कि भारत में साक्षरता दर 1991 में 48 फीसदी थी। वर्ष 2006 में यह बढ़कर 63 फीसदी तक पहुंच गई।

हालांकि साक्षरता दर में बढ़ोत्तरी के बावजूद जनसंख्या बढ़ने के कारण अनपढ़ वयस्कों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।

यूनेस्को द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सबसे अमीर युवतियों ने पहले ही वैश्विक स्तर की साक्षरता हासिल कर ली है, लेकिन सबसे गरीब युवतियों के लिए ऐसा कर पाना 2080 तक ही संभव हो सकता है।

भारत में शिक्षा के स्तर में मौजूद यह भारी असमानता दर्शाती है कि जरूरतमंदों को पर्याप्त सहयोग देने में यह देश असफल रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 के बाद के लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्धता जरूरी है, ताकि सबसे पिछड़े समूह तय लक्ष्यों के मापदंड पर खरे उतर सकें। इसमें असफलता का मतलब यह हो सकता है कि प्रगति का पैमाना आज भी संपन्न को सबसे ज्यादा लाभ पहुंचाने पर आधारित है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 25 करोड़ बच्चे अच्छे शिक्षकों के अभाव में स्कूली शिक्षा के दौरान बुनियादी चीजें भी नहीं सीख पा रहे हैं, जिससे हर साल करीब 129 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है।

इनमें करीब 13 अरब डॉलर का नुकसान हर साल प्राथमिक शिक्षा में खराब गुणवत्ता के कारण हो रहा है और बच्चे कुछ भी सीख नहीं पा रहे हैं। अकेले केरल में हर बच्चे की शिक्षा पर लगभग 685 डॉलर खर्च होता है।

देश के ग्रामीण हिस्सों में अमीर और गरीब राज्यों के बीच गहरी खाई है, लेकिन अमीर राज्यों में भी सबसे गरीब तबके से ताल्लुक रखने वाली छात्राओं का गणित में प्रदर्शन काफी खराब पाया गया।

महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे समृद्ध राज्यों में भी 2012 तक ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर बच्चे पांचवीं कक्षा से अधिक नहीं पढ़ पाते। इनमें से भी केवल 44 फीसदी छात्र दो अंकों का जोड़-घटाना कर पाते थे। इन क्षेत्रों की लड़कियां पढ़ाई में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और हर तीन में से दो लड़की दो अंकों का जोड़-घटाव करने में सक्षम है।

शिक्षित महिलाएं बचा सकती हैं कई जिंदगियां
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और नाईजीरिया में महिलाओं का शैक्षिक स्तर सुधार कर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। यह देश एक तिहाई से ज्यादा बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।

पिछले साल भारत में पांच साल से कम उम्र के करीब 14 लाख और नाईजीरिया में 8.3 लाख बच्चों की मौत हो गई। अगर सभी महिलाओं ने प्राथमिक शिक्षा पूरी की होती तो भारत में मृत्यु दर 13 फीसदी और नाईजीरिया में 11 फीसदी कम होती।

वेबसाइट से बरखा का नाम हटा, मैत्रेयी होंगी अध्यक्ष

maitreyi pushpa will be new dcw president
कानून मंत्री सोमनाथ भारती और राज्य महिला आयोग के बीच शुरू हुई तनातनी के बाद अब दिल्ली सरकार ने अध्यक्ष बरखा सिंह को हटाने की तैयारी कर ली है। दिल्ली सरकार ने उनकी जगह साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा का नाम उपराज्यपाल को सुझाया है। वहीं बरखा ने कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। हालांकि उनका नाम और फोटो आयोग की वेबसाइट से हटा दिया गया है।

संभवत: महिला आयोग के पद पर जल्द ही मैत्रेयी की नियुक्ति हो जाएगी। दिल्ली सरकार का मानना है कि इस तरह के पदों पर गैर-राजनीतिक व्यक्ति की नियुक्ति होनी चाहिए।

उधर, मौजूदा अध्यक्ष बरखा सिंह ने कहा है कि उनका कार्यकाल अभी तीन साल बाकी हैं। फिलहाल वह इस्तीफा नहीं देंगी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमने गैर-राजनीतिक मैत्रेयी पुष्पा का नाम सुझाया गया है। वह न सिर्फ साहित्य जगत की नामचीन हस्ती हैं, बल्कि महिलाओं से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाती हैं। आगे दूसरे सभी आयोगों पर गैर-राजनीतिक व्यक्ति नियुक्त किए जाएंगे।

कौन हैं मैत्रेयी पुष्पा?
मैत्रेयी पुष्पा हिंदी उपन्यासकार हैं। उन्होंने दस उपन्यास और सात लघुकथा संग्रह लिखे हैं। इसके अलावा मैत्रेयी पुष्पा महिलाओं से जुड़े सामयिक मुद्दों पर लिखती रहती हैं। उनका जन्म अलीगढ़ जिले के सिकुरज गांव में हुआ था। उनका बचपन बुंदेलखंड में झांसी के पास खिल्ली नामक गांव में बीता और उन्होंने बुंदेलखंड कॉलेज झांसी से स्नातकोत्तर की डिग्री ली।

सामने आई भारत की एक भयावह तस्वीर

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दुनिया में सबसे ज्यादा अनपढ़ वयस्कों की आबादी हमारे देश में है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में युवा देश माने जाने वाले भारत की यह भयावह तस्वीर सामने आई है। इसके मुताबिक, हमारे देश में अनपढ़ वयस्कों की आबादी 28.7 करोड़ है।

यानी दुनिया के 37 फीसदी अनपढ़ वयस्क भारत में हैं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में अमीरों और गरीबों के बीच शिक्षा के स्तर में भारी असमानता भी उजागर हुई है।

'2013-14 एजूकेशन फॉर ऑल ग्लोबल मॉनीटरिंग रिपोर्ट' में कहा गया है कि भारत में साक्षरता दर 1991 में 48 फीसदी थी। वर्ष 2006 में यह बढ़कर 63 फीसदी तक पहुंच गई।

हालांकि साक्षरता दर में बढ़ोत्तरी के बावजूद जनसंख्या बढ़ने के कारण अनपढ़ वयस्कों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।

यूनेस्को द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सबसे अमीर युवतियों ने पहले ही वैश्विक स्तर की साक्षरता हासिल कर ली है, लेकिन सबसे गरीब युवतियों के लिए ऐसा कर पाना 2080 तक ही संभव हो सकता है।

भारत में शिक्षा के स्तर में मौजूद यह भारी असमानता दर्शाती है कि जरूरतमंदों को पर्याप्त सहयोग देने में यह देश असफल रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 के बाद के लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्धता जरूरी है, ताकि सबसे पिछड़े समूह तय लक्ष्यों के मापदंड पर खरे उतर सकें। इसमें असफलता का मतलब यह हो सकता है कि प्रगति का पैमाना आज भी संपन्न को सबसे ज्यादा लाभ पहुंचाने पर आधारित है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 25 करोड़ बच्चे अच्छे शिक्षकों के अभाव में स्कूली शिक्षा के दौरान बुनियादी चीजें भी नहीं सीख पा रहे हैं, जिससे हर साल करीब 129 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है।

इनमें करीब 13 अरब डॉलर का नुकसान हर साल प्राथमिक शिक्षा में खराब गुणवत्ता के कारण हो रहा है और बच्चे कुछ भी सीख नहीं पा रहे हैं। अकेले केरल में हर बच्चे की शिक्षा पर लगभग 685 डॉलर खर्च होता है।

देश के ग्रामीण हिस्सों में अमीर और गरीब राज्यों के बीच गहरी खाई है, लेकिन अमीर राज्यों में भी सबसे गरीब तबके से ताल्लुक रखने वाली छात्राओं का गणित में प्रदर्शन काफी खराब पाया गया।

महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे समृद्ध राज्यों में भी 2012 तक ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर बच्चे पांचवीं कक्षा से अधिक नहीं पढ़ पाते। इनमें से भी केवल 44 फीसदी छात्र दो अंकों का जोड़-घटाना कर पाते थे। इन क्षेत्रों की लड़कियां पढ़ाई में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और हर तीन में से दो लड़की दो अंकों का जोड़-घटाव करने में सक्षम है।

शिक्षित महिलाएं बचा सकती हैं कई जिंदगियां
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और नाईजीरिया में महिलाओं का शैक्षिक स्तर सुधार कर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। यह देश एक तिहाई से ज्यादा बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।

पिछले साल भारत में पांच साल से कम उम्र के करीब 14 लाख और नाईजीरिया में 8.3 लाख बच्चों की मौत हो गई। अगर सभी महिलाओं ने प्राथमिक शिक्षा पूरी की होती तो भारत में मृत्यु दर 13 फीसदी और नाईजीरिया में 11 फीसदी कम होती।

'शीला को जेल भेजकर हीरो बनें केजरीवाल'

kejriwal must sent sheela to jail says ramdev
योग गुरु रामदेव ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप पार्टी की करनी और कथनी में अगर अंतर न होता तो पार्टी की देश में बड़ी भूमिका होती।

उन्होंने कहा कि पार्टी की बदलती नीतियों और मंत्रियों की गलतियों ने पार्टी की छवि को धूमिल किया है।

बेतुके बयान देने वाले कुमार विश्वास पर लगाम लगाकर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजने का प्रयास किया जाए तो केजरीवाल फिर से हीरो बन जाएंगे।

रामदेव स्वाभिमान संस्थान द्वारा शहीद दिवस पर बृहस्पतिवार को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग शिविर के लिए जयपुर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अब देश में आप पार्टी की लोकप्रियता 100 से 10 प्रतिशत पर आ गई है।

आप के मंत्री सोमनाथ भारती को हटा दिया जाना चाहिए। रामदेव ने अन्ना और केजरीवाल के आंदोलन में शामिल होने को अपनी भूल बताया तथा कहा कि वे बिना सिद्धांतों को जाने आंदोलन में उतर गए थे।

कांग्रेस को राहुल को दिलवानी चाहिए ट्यूशन

रामदेव ने कहा कि राहुल गांधी को अभी राजनीति की समझ नहीं है। वे अभी मोदी के सामने बच्चे हैं और लोकसभा चुनाव की जगह कांग्रेस को उन्हें पहले ट्यूशन दिलानी चाहिए।

राहुल लोकसभा चुनाव में 15 साल पुराने बासी मुद्दे उठा रहे हैं। विधानसभा चुनावों में जो हश्र हुआ उससे समझ लेनी चाहिए कि हार की वजह शीर्ष नेतृत्व रहा है।

भाजपा की वाहवाही, कांग्रेस की बुराई

रामदेव ने कहा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पवित्र है जबकि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का हुलिया बिगड़ चुका है। निचले स्तर पर दोनों ही पार्टियों को अभी सुधार की जरूरत है।

रामदेव ने कहा कि अपनी योगमाया से मोदी को पीएम बनाने की कवायद करने जा रहे हैं। सोनिया गांधी की तबीयत खराब है और कांग्रेस के कुछ घाघ नेता राहुल को लोकसभा चुनाव में पटखनी देना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परिवार एक हजार करोड़ का लुटेरा खानदान है।

कई केंद्रों पर SSC की स्नातक परीक्षा रद्द

ssc exam will be conducted on some centers
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (सीजीएल) 2013 की टीयर वन और टीयर टू की सात शहरों इलाहाबाद, लखनऊ, पटना, दिल्ली, देहरादून, जयपुर और शिमला के उन केंद्रों की परीक्षा रद्द कर दी गई है, जहां पर नकल की शिकायत मिली थी।

इन शहरों में नकल की शिकायत पर जांच के बाद दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। टीयर वन की परीक्षा 21 अप्रैल और 19 मई 2013 को जबकि टीयर टू की परीक्षा 29 सितंबर 2013 को हुई थी।

टीयर वन का रिजल्ट भी आ चुका है लेकिन टीयर टू का रिजल्ट अभी घोषित नहीं हुआ है। यह जानकारी आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

'फंड की जानकारी नहीं दे रही आप'

Centre says to HC AAP leaders not providing info on funding
केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में चल रहे एक मामले में कहा है कि आम आदमी पार्टी के नेता पार्टी को मिले फंड के बारे में कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।

पीटीआई के मुताबिक़ हाई कोर्ट में गृह मंत्रालय का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल राजीव मेहरा ने कहा, "हमने चार नवंबर 2013 को भेजे अपने एक पत्र के ज़रिए पार्टी से बैंक अकाउंट और कुछ अन्य जानकारियां मांगी थी जो फंडिंग से जुड़ी थीं। इसके बाद हमने एक और पत्र भेजा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।"

इस बीच जस्टिस प्रदीप नादरजोग की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिका दायर करने वाले वकील एमएल शर्मा से कहा है कि वो अपनी जनहित याचिका में आम आदमी पार्टी को भी शामिल करें।

एमएल शर्मा ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता अरविंद केज़रीवाल और पार्टी के कुछ अन्य संस्थापक सदस्यों के ख़िलाफ़ एक आपराधिक मामला दायर कर के उन पर नियमों की अवहेलना करते हुए विदेशों से फंड लेने का आरोप लगाया है।

याचिका
खंडपीठ का कहना था, ''आम आदमी पार्टी एक रजिस्टर्ड राजनीतिक दल है। क्या आपने उसे इस याचिका का हिस्सा बनाया है। पांच फरवरी को मामले की अगली तारीख से पहले आप नयी याचिका में ये संशोधन कर के पेश करें। ''

याचिकाकर्ता ने केज़रीवाल के अलावा आप के नेता मनीष सिसौदिया, शांति भूषण और प्रशांत भूषण के नाम अपनी याचिका में शामिल किया था।

इससे पहले हाई कोर्ट ने केंद्र से कहा है था कि वो आम आदमी पार्टी के आय के स्रोतों से जुड़े अकाउंटों को एक बार फिर देखे।

हाई कोर्ट के इस आदेश से पहले केंद्र ने एक रिपोर्ट फाइल की थी जिसमें बताया गया था कि हाई कोर्ट की एक अन्य पीठ के समक्ष केंद्र ने पिछले साल टीम अन्ना की सिविल सोसायटी से जुड़े अकाउंटों का ब्योरा सौंपा था। यह ब्योरा भी एमएल शर्मा की एक अन्य याचिका पर था।

'सोनिया जी,लालू को मनाओ वरना मैं चला'

ramvilas paswan meets sonia gandhi
बिहार में कांग्रेस और लालू प्रसाद यादव की राजद के बीच गठबंधन तय माना जा रहा है। मगर इस जोड़ी में तीसरी कड़ी के तौर पर रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी शामिल होगी या नहीं, इसे लेकर संशय बना हुआ है।

पासवान ने लालू यादव और कांग्रेस पर ज्यादा सीटें देने का दबाव बना रखा है। इस सिलसिले में पासवान अपने बेटे चिराग पासवान को लेकर सोनिया से बुधवार को मिले।

सूत्रों का कहना है कि पासवान ने अपने सभी विकल्प खुले रखे हैं। यह बात उन्होंने सोनिया गांधी को भी बता दी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में अगर लालू यादव उन्हें ज्यादा सीटें नहीं देते तो वह नीतीश कुमार या फिर भाजपा के साथ भी गठबंधन कर सकते हैं।

राजद पासवान को ज्यादा से ज्यादा 8 सीटें देने को तैयार हैं। मगर लोजपा प्रमुख 12 सीटें चाहते हैं। बात इसी मुद्दे को लेकर अटकी हुई है। कांग्रेस दोनों के बीच मध्यस्थ का काम कर रही है। मगर पासवान अपनी जिद नहीं छोड़ रहे हैं।

जबकि लालू यादव ज्यादा दरियादिली दिखाना नहीं चाह रहे। वह 20 सीटों के अंदर अंदर कांग्रेस, लोजपा और एनसीपी को निपटाने की कोशिश में हैं।

साथ ही लालू लोजपा के मुकाबले कांग्रेस को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। वह कांग्रेस को 12 सीटें देने के लिए तैयार हैं। पासवान ने सोनिया से मुलाकात कर उनके सामने विकल्प रख दिए है।

पासवान ने कहा है कि लालू यादव ऐसे ही कंजूसी करते रहेंगे तो उन्हें अपना रास्ता अलग करना होगा। उन्होंने अपने विकल्प खुले रखे हैं।

सूत्रों के मुताबिक पासवान ने दांव चला है कि जदयू उन्हें 14 सीटें देने के लिए तैयार है, जबकि भाजपा भी उन पर डोरे डाल रही है। इसलिए वह अपना रास्ता अलग कर सकते हैं।