Tuesday, January 28, 2014

कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस में झगड़ा, उमर देंगे इस्तीफा?

 congress natonal conference coalition in verge of split omar abdullah may resign
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस की गठबंधन सरकार खतरे में है। माना जा रहा है कि एक विवाद के चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपने पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं।

दरअसल उमर अब्दुल्‍ला राज्य में 700 नई प्रशासकीय इकाई का गठन करने के पक्ष में हैं वहीं कांग्रेस इस फैसले में रोड़े अटका रही है।

पढ़ें, उमर ने मेहर को बताया, कश्मीर का हल

नेशनल कांफ्रेंस को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के इस फैसले से पार्टी को आगामी लोकसभा चुनाव और अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में फायदा मिलेगा।

इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की बीच बैठक हो चुकी है पर ये असफल रही। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, सैफुद्दीन सोज और केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शिरकत की थी।

नेशनल कांफ्रेंस के सूत्रों का कहना है कि विवाद सुलझते न देख उमर अब्दुल्ला अपने पद से हटने पर विचार कर रहे हैं। सीएम को लगता है कि कांग्रेस जानबूझकर प्रशासनिक इकाई के गठन में रुकावट पैदा कर रही है।

मोदी वीजा मामले में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इंकार

high court decision in modi visa case
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को वीजा नहीं देने की मांग करने वाले सांसदों के खिलाफ आदेश पारित करने से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है।

एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि मामला न्यायिक पुनर्विलोकन की श्रेणी का नहीं है। न्यायालय को इस मामले में हस्तक्षेप करने का क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है।

जनहित याचिका में लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति को समादेश जारी कर उक्त सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश देने की मांग की गई थी।

उदित चंद्रा द्वारा दाखिल जनहित याचिका में कहा गया कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब दर्जन भर सांसदों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मांग की थी कि नरेंद्र मोदी को अमेरिका वीजा न दे क्योंकि उन पर गुजरात में हुए नरसंहार में शामिल होने का आरोप है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि सांसदों ने घरेलू मामले को विदेश में उठाकर देश की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई है। उनके कार्य से संसद की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। ऐसे सांसदों को अयोग्य करार देने के लिए आदेश देने की मांग की गई।

खंडपीठ ने याची की मांग को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि हाईकोर्ट को अंतर्निहित शक्तियों के तहत ऐसा आदेश देने का क्षेत्राधिकार नहीं है। सुप्रीमकोर्ट ने राजाराम पाल बनाम लोकसभा स्पीकर के मामले में न्यायिक पुनर्विलोकन का पैरामीटर तय कर दिया है। यह मामला न्यायिक पुनर्विलोकन की परिधि से बाहर है। याची चाहे तो सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपनी बात रख सकता है।

समलैंग‌िकता पर SCने खार‌िज की याच‌िका

Supreme court dismissed petition on homosexuality
उच्चतम न्यायालय ने समलैंगिकता मामले में अपने फैसले की समीक्षा से इन्कार करते हुए केंद्र सरकार और समलैंगिंकों के अधिकारों की लडाई लड रहे कुछ संगठनों की पुनरीक्षण याचिकाएं आज खारिज कर दीं।

न्यायमूर्ति एच.एल दत्तू और न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने सरकार और गैर सरकारी संगठन नाज फाउंडेशन के अलावा जाने-माने लेखक विक्रम सेठ तथा कला और मनोरंजन जगत की कुछ हस्तियों की समीक्षा याचिकाएं यह कहते हुए खारिज कर दी कि उसके फैसले में कोई खामी नजर नहीं आ रही है।

सरकार नाज फाउंडेशन और अन्य ने आपसी सहमति से वयस्कों के बीच बनाए गए समलैंगिक संबंधों को आईपीसी की धारा 377 के तहत अपराध की श्रेणी में रखने संबंधी उच्चतम न्यायालय के बीते 11 दिसम्बर के फैसले की समीक्षा का आग्रह किया था।

सरकार ने दायर की थी याच‌िका
समलैंगिक संबंधों को अवैध करार देने वाले कानून को सही ठहराने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में समलैंग‌िकता को गुनाह बताया था। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के वर्ष 2009 के फैसले को पलटकर 1861 के इस कानून को वैध करार दिया था।

'केजरीवाल ने IITको पहुंचाई ठेस'

Manohar parrikar slams arvind kejriwal
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरोध प्रदर्शन को नौटंकी करार देते हुए कहा कि वह अब खुद को आईआईटी वाले मुख्यमंत्री कहलाना पसंद नहीं करते।

उन्होंने कहा कि आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र केजरीवाल के प्रदर्शन से संस्थान की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

उद्योगपतियों से बातचीत में पर्रिकर ने केजरीवाल का नाम लिए बिना कहा कि वह खुद को आईआईटी वाले मुख्यमंत्री कहलाना पसंद नहीं करते।

पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग को लेकर केजरीवाल के धरना देने के बारे में उन्होंने का कहा कि आजकल आईआईटी से अलग तरह के छात्र बाहर आ रहे हैं। कुछ अच्छे हैं लेकिन कुछ दूसरों की नकल करते हैं।

दिल्ली में दिनदहाड़े 7 करोड़ की लूट

Loot with property dealer in delhi
लाजपतनगर इलाके में हथियारों से लैस करीब आधा दर्जन बदमाश दिनदहाड़े भारी ट्रैफिक के बीच डकैती डालकर प्रॉपर्टी डीलर के 7.69 करोड़ रुपये उसकी कार सहित ले भागे।

इस वारदात को देश की राजधानी की अभी तक की सबसे बड़ी कैश डकैती माना जा रहा है। बदमाशों को दबोचने के लिए लोकल थाना पुलिस समेत स्पेशल सेल, अपराध शाखा, दक्षिण जिले की एफटीएफ व दक्षिण-पूर्व जिले के स्पेशल स्टाफ को लगा दिया गया था।

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. पी. करुणाकरन ने बताया कि पेशे से प्रॉपर्टी डीलर कम कमीशन एजेंट राकेश कालरा कालकाजी में रहते हैं।

सोमवार सुबह करीब नौ बजे वह अपनी होंडा सिटी कार से ग्रेटर कैलाश से 7.69 करोड़ रुपये लेकर करोलबाग स्थित पीएनबी बैंक में जमा कराने जा रहे थे। इस कैश की कई बैंकों में आरटीजीएस करानी थी।

कैश चार बैगों में रखा हुआ था। कार में राकेश सहित पांच लोग सवार थे, इनमें तीन कर्मचारी राजेश, वैजनाथ और मिश्रा थे, जबकि सुबोध कार चला रहा था। राकेश आगे बैठे हुए थे।

जैसे ही उनकी कार मूलचंद फ्लाईओवर से मूलचंद अस्पताल की विपरीत दिशा में लाला लाजपतराय मार्ग पर उतरी तभी एक वैगन आर कार (यूपी नंबर की) ने ओवरटेक कर गाड़ी आगे लगा दी।

सुबोध ने जोर से ब्रेक लगाए, इसके बावजूद दोनों गाड़ियों की टक्कर हो गई। राकेश कुछ समझ पाते तभी एक सफेद रंग की हुंडई वर्ना उनकी होंडा सिटी के पीछे लग गई।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, कारों से करीब चार बदमाश उतरे। दो के हाथ में हथियार थे। उन्होंने राकेश व कर्मचारियों को होंडा सिटी से नीचे उतार दिया। इसके बाद कैश और कार लेकर फरार हो गए। कुछ बदमाश वर्ना से फरार हो गए।

बदमाशों ने वैगन आर को वहीं छोड़ दिया। कुछ देर बाद हुंडई वर्ना भी जंगपुरा मेट्रो स्टेशन के सामने लावारिस हालत में मिल गई।

वहीं होंडा सिटी सेवा नगर क्रॉसिंग के पास मिली। वैगन आर जहांगीरपुरी इलाके से लूटी गई थी, जबकि हुंडई मुंडका इलाके से चुराई गई थी।

रेलवे ग्रुप डी परीक्षा का परिणाम घोषित

railway group d result declared
रेलवे ग्रुप डी की नवंबर और दिसंबर में हुई लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इसमें शामिल हुए करीब साढ़े चार लाख परीक्षार्थियों में से 5850 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए उत्तीर्ण घोषित किया गया है।

इनकी परीक्षाएं तीन और आठ मार्च को कराई जाएंगी। उत्तीर्ण घोषित परीक्षार्थियों में 63 महिलाएं भी हैं। उत्तर मध्य रेलवे के भर्ती सेल की ओर से अक्तूबर से दिसंबर तक पांच चरणों में लिखित परीक्षा कराई गई थी।

इसमें चार लाख 44309 अभ्यर्थी शामिल हुए जबकि 11 लाख 89 हजार 757 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलावा पत्र भेजा गया था। आरआरसी के चेयरमैन संजीव कुमार के मुताबिक 1950 रिक्तयों से तीन गुना ज्यादा अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है।

लिखित परीक्षा में 32029 अभ्यर्थी ऐसे भी निकले जो सही तरीके से अपना रोल नंबर भी दर्ज नहीं कर सके। ऐसे अभ्यर्थियों की कॉपियों की जांच नहीं की गई। सफल पाए गए अभ्यर्थियों को अब शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना होगा। इसमें पुरुषों को एक हजार और महिलाओं को चार सौ मीटर दौड़ पूरी करनी होगी।

मिली अजगर की 'खदान', सबके उड़े होश!

1500 pythons found together in madhya pradesh
मध्यप्रदेश में कान्हा नेशनल पार्क के पास करीब एक एकड़ में फैली चट्टानों के नीचे अजगरों का एक बड़ा समूह मिला है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस स्थान पर करीब 1500 से दो हजार अजगर हैं।

एक ही स्थान पर इतनी अधिक संख्या में अजगर मिलने को वन्य प्राणी विशेषज्ञ शोध का विषय मानते हैं। अजगरों के एक साथ रहने के कारण इस क्षेत्र को अजगर दादर के नाम से भी जाना जाता है।

अंजनिया जगमंडल के रेंजर सुधीर मिश्रा के अनुसार एक एकड़ में फैली चट्टान के नीचे हजारों अजगर होने की संभावना है।

प्राय: इन्हें दो से दस तक के समूह में देखा गया है। देश में इतनी बड़ी तादाद में पहली बार अजगरों के समूह को देखा गया है।

वहीं इस मामले पर कान्हा पार्क के वन्य जीव विशेषज्ञ ने कहा कि चट्टान के नीचे की जगह अजगरों के लिए सुरक्षित है। इस क्षेत्र में उन्हें शिकार भी आसानी से मिल जाता है, जिससे वे एक साथ इस स्थान पर रह रहे हैं।