Thursday, January 16, 2014

बिन्नी ने केजरीवाल पर किए तीखे वार

press conference of vinod kumar binny
आम आदमी पार्टी में बगावत का रुख अख्तियार कर चुके पार्टी विधायक विनोद कुमार 'बिन्‍नी' केजरीवाल सरकार पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। प‌ढ़िए, बिन्नी की प्रेस क्राफ्रेंस की लाइव कवरेज-

10:10 जनलोकपाल के लिए समयबद्घ कार्यक्रम बना था, इसे 14 दिन के अंदर बनाना था, 19 दिनों बाद भी बिल क्यों‌ पारित नहीं हुआ।

10:12 ‌बिन्नी ने आरोप लगाया, दिल्‍ली में रेप पर बयान भी नहीं दिया।

10:15 दिल्‍ली के पूर्व मंत्रियों के खिलाफ जाच का आदेश तक नहीं दिया।

10:17 संदीप दीक्षित से अरविंद केजरीवाल की नजदीकियां हैं।

10:18 सारे मंत्री आज वीआईपी नंबर की गाड़ी चला रहे हैं।

10:19 जनता के विरोध के बाद अरव‌िंद केजरीवाल बंगले से पीछे हटे।

10:21 केजरीवाल ने मुझे घर बुलाया और चुनाव लड़ने को कहा। उन्होंने मुझे लोकसभा चुनाव लड़ने को कहा।

10:22 मनीष सिसोदिया ने मेरी ओर से 100 लोगों को साइन कराके दिया।

10:22 कैंडिडेट को चुनने में जनता की बातें नहीं मानीं

10:23 दिल्ली में लोकसभा की सभी टिकट तय हैं। फिर भी हजार लोगों को साइन कराने को ड्रामा क्यों हो रहा है?

10:25 केजरीवाल तानाशाह की तरह बर्ताव करते हैं।

10:27 हम लोग किसी को मुख्यमंत्री बनाने नहीं आए थे। पूर्वी दिल्‍ली को सीटों को जीताने में मेरा भी योगदान रहा है।

10:28 आशुतोष जैसे लोग पार्टी में आए हैं। ये अवसरवादी हैं।

10:29 26 जनवरी तक जनलोकपाल पारित नहीं किया तो 27 जनवरी से मैं अनशन करूंगा।

10:29 दिल्‍ली की सरकार टाइमपास की कोशिश कर रही है।

10:30 मैंने अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए समय मांगा। मुझसे कहा गया आप गाड़ी में बैठ जाइए। विधायकों की सभा में जितने लोगों ने बोलने की कोशिश की उन्हें चुप करा ‌दिया गया।

10:30 संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, केजरीवाल पुराने साथी हैं। ये यूज एंड थ्रो की पॉलिसी पर काम कर रहे है।

10:33 पानी जब सिर के ऊपर से गुजर गया, तब मुझे बोलना पड़ा।

10:36 बिजली-पानी के मुद्दे पर अगर मैंने झूठ बोला हो, ये जनता कहा दे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।

10:37 कांग्रेस औ आप की कही ना कही सांठगांठ हो। इस देश में ऐसा कभी नहीं हो सकता कि बिना मांगे कुछ दे दे।

10:39 मुद्दों के आधार पर मैं आम आदमी पार्टी के साथ हूं। आज पार्टी के अधिकांश फैसलों में कांग्रेस की भूमिका हैं।

10:40 पार्टी कहे तो मैं उसके लिए प्रचार भी करूंगा। पार्टी मुझे निकालेगी की नहीं, दिल्‍ली की जनता ये फैसला करेगी।

10:41 अरविंद केजरीवाल सरकार को चलाने में विफल महसूस करते हैं तो इस्तीफ दे देना चा‌हिए।

10:42 अरविंद केजरवाल को अधिकार नहीं की वे मुझे निकाल दें। मैं मुद्दों के आधार पर आप का समर्थन करूंगा।

10:48 मुख्तार अब्बास नकवी- दिल्ली पार्टी यूनिट इस पर टिप्पणी करेगी।

बिन्‍नी के आरोपों के जवाब आम आदमी पार्टी भी प्रेस कांफ्रेंस कर रही है। पढ़िए, कांफ्रेंस की लाइव कवरेज-

12:09 बिन्‍नी के आरोपों के जवाब में पार्टी के नेता योगेंद्र यादव ने कह कि सरकार ने कम समय में ही कई फैसले किए।

12:10 किसी और की स्पीच पढ़ रहे थे बिन्नी। उन्होंने वही बातें की, जो हर्षवर्धन ने विधानसभा में अपनी स्पीच में कही थी।

12:12 ‌बिन्नी ने पार्टी के फोरम को दरकिनार कर मीडिया में आरोप लगाए। पार्टी बिन्नी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। अनुशासन हीनत की पार्टी में कोई गुंजाईश नहीं है।

12:14 उन्होंने मंत्री पद का मुद्दा खुद उठाया। उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे पहले भी अनदेखा किया गया,लोकसभा चुनाव में भी मुझे अनदेखी की जा रही है।

12:16 चयन की प्रकिया शुरु ही नहीं हुई है। बिन्‍नी ने जो नाम बताएं हैं, समय आने पर आप को इसकी सचाई पता लग जाएगी।

12:16 किसी भी व्यक्ति की इच्छा कहीं से भी चुनाव लड़ने की हो पार्टी को इससे दिक्कत नही है।

12:20 अवसरवादी होने के आरोप पर बोले आशुतोष-मेरी अंतरात्‍मा साफ है।

12:20 मैंने लोकसभा उम्‍मीदवार बनने के लिए फॉर्म नहीं भरा है-आशुतोष

12:23 दिनों में किस सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन शुरु करने, तीन गिरफ्तारी करने, 800 स्‍थानांतण करने, बिजली-पानी सस्ता करने का काम किया है?- संजय सिंह

भारत के बाघों को कुत्तों से खतरा?

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भारत में पहले से ही शिकारियों का निशाना बन रहे बाघों के सामने एक और नया खतरा पैदा हो गया है। बाघों को खतरा अब कुत्तों से भी है।

जी हां, कुत्तों से ही क्योंकि कुत्तों से फैलने वाला एक वायरस, कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस, बाघों के लिए खतरा बन गया है।

भारत में पहले से ही शिकारियों का निशाना बन रहे बाघों के सामने एक और नया खतरा पैदा हो गया है। बाघों को खतरा अब कुत्तों से भी है।

जी हां, कुत्तों से ही क्योंकि कुत्तों से फैलने वाला एक वायरस, कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस, बाघों के लिए खतरा बन गया है।

एनटीसीए ने हाल ही में राज्यों को टाइगर रिजर्व के आसपास के इलाके में घूमने वाले पालतू या आवारा कुत्तों के टीकाकरण के निर्देश दिए हैं।

एनटीसीए के डायरेक्टर राजेश गोपाल ने बीबीसी से कहा, "पिछले जून से इस पर कार्रवाई चल रही है। टाइगर स्टेट्स को हम सलाह देते रहे हैं। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट से मिलकर हिदायतें दी गई हैं। अभी तक एक ही बाघ की मौत सामने आई है जो कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से है।"

दुनिया के करीब 3200 बाघों में से आधे से ज्यादा भारत में हैं। बीमारियों और भूकंप जैसे प्राकृतिक कारणों की वजह से ही सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से कहा था कि वो एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश के साथ भी बांटे।

आईवीआरआई भी इस वायरस को गंभीर समस्या मानता है।
डॉक्टर गया प्रसाद ने कहा, "एक सैंपल हमारे पास दुधवा नेशनल पार्क से था और दूसरा सैंपल पश्चिम बंगाल से एक पांडा का था। दोनों में वायरस पाया गया। ये वायरस इतना खतरनाक है कि अगर ये वाइल्ड लाइफ रिजर्व में अगर फैल जाए तो बाघों के संरक्षण पर गंभीर असर पड सकता है।"

प्रसाद कहते हैं, "हमारा तो यही सुझाव है कि टाइगर रिजर्व के आसपास जितने कुत्ते घूम रहे हैं उन्हें टीके लगाए जाएं। वो अगर इम्यून हैं तो बीमारी नहीं फैला पाएंगे। चिडियाघरों में टीकाकरण किया जा सकता है।"

सिमटते जंगल

समस्या सिर्फ यहीं तक नहीं है। जंगल सिमट रहे हैं और ऐसे में बाघों के सामने शिकार की समस्या भी खडी हो रही है।

डॉक्टर प्रसाद कहते हैं, "बाघों को जब जंगल में कुछ खाने को नहीं मिलता तो वो बाहर निकलते हैं और कुत्ते मिले तो उन्हें भी मार देते हैं।"

बाघों में संक्रमण फैलने के बाद उनका इलाज बहुत मुश्किल है।
डॉक्टर प्रसाद के मुताबिक ये वायरस बाघों के नर्वस सिस्टम पर असर डालता है। वो कहते हैं, "बाघ कई बार रास्ते भूल जाता है, जंगल में जाने की जगह खेतों में चल जाता है। भटक जाता है।"

तो क्या बाघों के आदमखोर होने के पीछे ये वायरस भी वजह हो सकता है?

डॉक्टर प्रसाद कहते हैं कि ये भी एक वजह हो सकती है। वो कहते हैं, "मेरे पास कोई सबूत नहीं है लेकिन दिमाग में जो बदलाव होते हैं उनकी वजह से भी हो सकता है कि वो जंगल से निकलकर गांवों की ओर चल पडे।"

वजह चाहे जो हो लेकिन इतना साफ है कि अगर जल्दी ही बाघों को बचाने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो उनके अस्तित्व पर सवालिया निशान लग सकता है।

1000 करोड़ में हुई BSP की रैली: सपा

statement of ramgopal yadav on BSP
समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा है कि अगर मायावती को दंगा पीड़ितों की चिंता होती तो वो अपना जन्मदिन न मनातीं। पत्रकारों से बात करते हुए रामगोपाल ने कहा कि माया की रैली में 1000 करोड़ खर्च हुए।

सलमान खान और मोदी की मुलाकात पर सपा नेता ने कहा कि," उन्होंने कहा कि बेस्ट मैन को पीएम होना चाहिए, गुड मैन मेरे साथ खड़े हैं।।।इससे साफ है कि वो मोदी को पीएम नहीं देखना चाहते।"

रामगोपाल ने मायावती पर आरोप लगाते हुए कहा कि जितनी गाड़ियां और ट्रेन उनकी रैली के लिए बुक की गईं, RTI के जरिए इसका हिसाब हो तो पता चलेगा कि कुल कितना पैसा खर्च हुआ है।

गौरतलब है कि मायावती ने लखनऊ में 15 जनवरी को जो रैली की उसमें बड़ी तादाद में लोग जमा हुए। बीएसपी की ओर से जो दावा किया गया उसके मुताबिक करीब 20 लाख लोग इस रैली के लिए इकट्ठे हुए।

मायावती इस रैली में सपा पर खूब बरसीं और उन्होंने सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की।

पड़ोसी ले गया घूमाने, लूट ली अस्मत

delhi minor girl raped by neighbour
दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में 14 साल की किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने पड़ोसी युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है।

वारदात के बाद से आरोपी फरार है। किशोरी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

बाप की हैवानियतः बेटी से रेप, बेटे को भी नहीं बख्‍शा

पुलिस के मुताबिक किशोरी परिवार के साथ हर्ष विहार में रहती है। वह पास के सरकारी स्कूल में आठवी कक्षा की छात्रा है।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि मंगलवार को उसके पड़ोस में रहने वाला युवक उसे घुमाने के बहाने पहले आनंद विहार ले गया। वहां से हर्ष विहार के एक कमरे में ले जाकर उसने रेप किया।

70 साल के बुजुर्ग ने सालभर किया रेप

बाद में आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर किसी को कुछ भी न बताने के लिए कहा।

पीड़िता ने खुद ही थाने जाकर मामले की शिकायत दी। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

आदमखोर बाघिन ने उत्तराखंड में दी दस्‍तक

Man-eater tigress reached uttrakhand
बाघिन के उत्तराखंड कार्बेट पार्क में पहुंचने की संभावना के कारण टीमें बार्डर की निगरानी में लग गई है। इसी के साथ अफवाहों का दौर भी खत्म हो गया। सर्चिंग के दौरान टीमों को पुराने पदचिह्न ही दिखाई दिए।

वापस लौटने के अंदेशे को देख टीमें शूटरों के साथ सात दिन तक बॉर्डर पर डटी रहेंगी। मंगलवार को किसी जंगली जानवर ने जिम कार्बेट पार्क की कालागढ़ रेंज में एक महिला को अपना शिकार बनाया।

अधिकारियों और ग्रामीणों के अनुसार बाघिन यूपी की सीमा से बाहर चली गई है। अधिकारियों को डर है कि कही बाघिन पुन: बार्डर गांवों में प्रवेश न कर जाए।

बुधवार को सुबह से ही विभागीय अधिकारी टीम और शूटरों को लेकर उत्तराखंड बार्डर पर तैनात हो गई है। मंडल के वन अधिकारी अमानगढ़ रेंज में डेरा डाले हैं।

इनमें से एक टीम शून्य प्वाइंट (केहरीपुर) से पीली डैम के बीच, दूसरी टीम पीली डैम से गढ़ी मानिया वाला तक, तीसरी टीम भज्जा वाला बार्डर के पास लगाई है।

इसके अतिरिक्त एक टीम को अफजलगढ़ - कालागढ़ रोड पर तैनात किया है। वहीं, कालागढ़ रेंज के रेंजर भारत सिंह सजवाण ने बताया कि वन में टीम ने घटना क्षेत्र में बाघ और बाघिन की उपस्थिति दर्ज की है। बाघिन के पंजों के निशानों की जांच की जा रही है।

कार्बेट में शूट नहीं होगी बाघिन
उपनिदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने बताया कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क में कोई बाघिन या बाघ आदमखोर नहीं है। यदि जांच में मौत बाघिन द्वारा आती है तो फिर उसे बाकायदा ट्रैंक्यूलाइज किया जाएगा।

अभी तक कार्बेट में शूट आउट के कोई निर्देश नहीं है। यूपी में आतंक मचाने वाली बाघिन की कालागढ़ में कोई लोकेशन नहीं है।

मृतका के परिजनों को तीन लाख और नौकरी

कार्बेट टाइगर रिजर्र्व/नेशनल पार्क की कालागढ़ रेंज में जंगली जानवर का शिकार महिला के परिजनों को उत्तराखंड शासन ने तीन लाख रुपये एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया।

कालागढ़ रेंज में हेड़िया बस्ती निवासी जयपाल सिंह की पत्नी आनंदी उर्फ हरनंदी को किसी जंगली जानवर ने मंगलवार की दुपहर बाद हमला कर मारा डाला था।

बुधवार को कांबिंग के बाद वापस लौटी वन विभाग की टीम ने आनंदी उर्फ हरआनंदी की मौत का खुलासा किया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक सुरेंद्र कुमार मेहरा के अनुसार ये महिला फायर लाइन से पांच किलोमीटर दूर घने कोर जोन के जंगल में पहुंच गई थी।

वहां उसके चप्पल आदि मिले हैं और पास में ही एक बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। इस आधार पर कहा जा सकता है कि महिला को इसी बाघ ने मौत के घाट उतारा।

राहुल गांधी की ताजपोशी तय, ओहदे पर माथापच्ची

rahul gandhi may be congress prime minister candidate
विधानसभा चुनावों की करारी हार के बाद कांग्रेस में नई जान फूंकने की पूरी कोशिश की जा रही है।

17 जनवरी को पार्टी कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम के सामने कांग्रेस अपने युवा उपाध्यक्ष के प्रमोशन का ऐलान कर सकती है। मगर ये ऐलान किस पद को लेकर होगा, इसे लेकर पार्टी में शीर्ष स्तर पर बैठकों का दौर जारी है।

राहुल की मौजूदगी में हुई कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में भी इस मसले पर घंटों चर्चा हुई। पार्टी की बैठक से पहले बृहस्पतिवार को होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल की ताजपोशी को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव जारी हो सकता है। प्रस्ताव का प्रारूप और उनका ओहदा क्या होगा, इसका खुलासा नहीं हुआ है। मगर राहुल गांधी की ताजपोशी तय है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राहुल के करीबी युवा नेताओं की राय को देखे तो उनके प्रमोशन को लेकर तीन तरह के विकल्पों पर विचार हो रहा है। पहला कि राहुल को सीधे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए।

दूसरा उनको कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर तरक्की दी जाए। ये दोनों नहीं तो इस बात का ऐलान हो कि वह अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी के अभियान का नेतृत्व करेंगे।

पार्टी के अंदर कई नेता तो यहां तक चाहते है कि राहुल को सीधे प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालते हुए अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करना चाहिए। आठ दिसंबर को चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे पक्ष में नहीं आने के बाद सोनिया गांधी ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि प्रधानमंत्री उम्मीदवार को लेकर पार्टी सही समय पर फैसला करेगी।

उनकी इस बात के कुछ दिनों बाद ही 17 जनवरी को कांग्रेस की राष्ट्रीय बैठक का ऐलान हो गया। मंगलवार को राहुल ने एक इंटरव्यू में जिम्मेदारी लेने के संकेत भी दिए।

उन्होंने कहा था कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं, पार्टी का जो भी आदेश होगा। वह उसे मानने के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पार्टी चुनाव अभियान के दौरान पारंपरिक रूप से पीएम उम्मीदवार का ऐलान नहीं करती।

शुक्रवार को कांग्रेस की बैठक में पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया और उपाध्यक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने अभी अपनी तीन जनवरी की प्रेस कांफ्रेंस में पीएम के तौर पर अपनी तीसरी पारी की संभावना को खारिज कर दिया था और साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के नाम का समर्थन भी किया था।

उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी में प्रधानमंत्री बनने के सभी गुण हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ मंत्री और नेता राहुल का नाम पीएम उम्मीदवारी के लिए आगे बढ़ा रहे हैं।

मगर पार्टी का एक वर्ग मानता है कि ऐसा करने से राहुल का चुनाव अभियान पटरी से उतर सकता है और इसका फायदा नरेंद्र मोदी को सीधे हो सकता है, जोकि अभी तक चुनाव अभियान में पार्टी उपाध्यक्ष के मुकाबले ज्यादा तेज तर्रार हैं।

कलंक: विदेशी महिला की जींस तक उतार ले गए दर‌िंदे

Delhi gangrape case with denmark lady
दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के पास सरेशाम 7-8 दरिंदे तीन घंटे तक विदेशी महिला की आबरु के साथ खेलते रहे।

लेकिन न तो दिल्ली पुलिस और न ही रेलवे पुलिस को मामले की भनक तक लगी। गणतंत्र दिवस को देखते हुए दिल्ली पुलिस राजधानी में कड़ी सुरक्षा इंतजामों के दावे कर रही है।

लेकिन मंगलवार हुई वारदात ने पुलिस के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जिस जगह वारदात हुई वहां पर रेलवे अधिकारियों का क्लब है।

सूत्रों की मानें तो सूनसान इलाका होने की वजह से अक्सर यहां छोटी-मोटी वारदात होती रहती है। बावजूद इसके लोकल पुलिस और रेलवे पुलिस यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं देती।

वारदात के दौरान आरोपियों ने महिला के विरोध करने पर उसकी पिटाई भी कर दी। पीड़िता ने बताया कि उसने मदद के खूब शोर भी मचाया। लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।

पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपियों ने महिला की पहनी हुई जींस तक लूट ली।

महिला को एक आरोपी को पजामा पहनकर वहां से जाना पड़ा। ऐसे में सवाल उठता है कि कनॉट प्लेस से सटी सूनसान जगहों पर पुलिस गश्त क्यों नहीं करते हैं।

दिल्ली पुलिस आयुक्त बार-बार महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और सूनसान जगहों की पहचान कर गश्त करने की दुहाई देते रहते हैं।

वारदात से करीब 500 मीटर पहले कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल पर पुलिस बूथ मौजूद है। लेकिन पुलिस के सुस्त रवैये की वजह से वह हादसे का शिकार हो गई। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई होती तो वह हादसे से बच सकती थी।