Wednesday, January 15, 2014

ऑपरेशन ब्लू स्टार: इंदिरा की ब्रिटिश सरकार ने की थी मदद

Operation Bluestar hero trashes talk of UK help
करीब 30 साल बाद एक बार फिर बोतल से बाहर आए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जिन्न ने ब्रिटेन के साथ भारत में भी सियासी विवाद खड़ा कर दिया है।

वर्ष 1984 में हुए इस ऑपरेशन में तत्कालीन मारग्रेट थैचर सरकार की कथित सैन्य मदद की जहां ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने जांच के आदेश दिए हैं, वहीं भारत ने इस संबंध में ब्रिटेन से जानकारी मंगाने की बात कही है।

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब लेबर पार्टी के सांसद टॉम वाटसन और लॉर्ड इंद्रजीत सिंह ने गोपनीयता सूची से हटाए गए दस्तावेजों के आधार पर इस ऑपरेशन में ब्रिटेन की विशेष वायु सेवा (एसएएस) के शामिल होने का दावा किया। ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत स्वर्ण मंदिर में चलाए गए सैन्य अभियान में करीब एक हजार लोग मारे गए थे।

ब्रिटेन में सोमवार को हुए इस खुलासे की लपटें अगले ही दिन यहां पहुंच गई। इस बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि फिलहाल इस बारे में महज मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ही जानकारी मिल रही है। इसलिए इस पर टिप्पणी नहीं की जा सकती।

विदेश मंत्रालय इस बारे में ब्रिटिश विदेश मंत्रालय से जानकारी मांगेगा। इसके बाद ही कोई प्रतिक्रिया दी जाएगी। ऑपरेशन ब्लू स्टार पर नए सिरे से विवाद तब छिड़ा जब ब्रिटेन के लेबर पार्टी के दो सांसदों ने दावा किया कि उस दौरान तत्कालीन थैचर सरकार ने भारत सरकार को सैन्य मदद दी थी।

दोनों सांसदों का दावा है कि गोपनीयता सूची से हटाए गए दस्तावेजों का अध्ययन करने पर उन्हें पता चला कि उस दौरान थैचर सरकार ने ऑपरेशन ब्लू स्टार में भारत को सैन्य मदद दी थी। ब्रिटेन में 30 साल की अवधि के बाद गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक किए जाने का प्रावधान है।

क्या है खुलासा
लेबर पार्टी के सांसदों का दावा है कि स्वर्ण मंदिर से सिख चरमपंथियों को बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार शुरू करने से पहले भारत ने ब्रिटेन से सलाह ली थी। ऑपरेशन शुरू करने से चार महीने पहले भारत ने 23 फरवरी 1984 को ब्रिटिश सरकार की सलाह मांगी थी।

सकारात्मक रुख अपनाते हुए ब्रिटिश सरकार ने विशेष वायु सेवा (एसएएस) के एक अधिकारी को भारत भेजा। उक्त अधिकारी ने ऑपरेशन का खाका तैयार किया, जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने स्वीकार कर लिया। इस दौरान ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने ऑपरेशन को अंजाम देने पर अपनी सहमति दी।

सिख संगठनों ने बनाया दबाव
इस खुलासे के बाद ब्रिटेन में सिख संगठनों ने कैमरन सरकार पर ऑपरेशन ब्लू स्टार की जांच के लिए स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की।

नेटवर्क ऑफ सिख आर्गेनाईजेशंस के निदेशक लार्ड सिंह ने कहा कि इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि स्वर्ण मंदिर में सैन्य कार्रवाई के लिए भारत ने महीनों पहले रणनीति तैयार कर ली थी।

गजब हो गया, भारत पहुंचा 120वें नंबर पर

india reach on 120th position
एक अमेरिकी अखबार और फाउंडेशन ने दुनिया भर में भारत को इस मामले में 120वें स्‍थान पर रखा है।

अमेरिका के हेरिटेज फाउंडेशन और वॉल स्ट्रीट जरनल ने आर्थिक स्वतंत्रता के लिहाज से भारत को दुनिया में 120वें स्थान पर रखा है। वर्ष 2014 के लिए जारी किए गए इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स रिपोर्ट में भारत को ग्लोबल स्तर पर यह रैंकिंग दी गई है। हालांकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत को 43 देशों के बीच 25वां स्थान दिया गया है।

रिपोर्ट में आर्थिक स्वतंत्रता के मामले में भारत को निचले स्तर पर बताया गया है। हालांकि देश की स्थिति में सुधार होने की बात भी कही गई है। 2014 के लिए जारी की गई सालाना रैंकिंग में भारत ने अब तक का सबसे ऊंचा स्थान (120वां ) पाया है।

हालांकि भारत का स्कोर इस बार भी पिछले साल के बराबर 55.7 अंक पर ही रहा और इनमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। रैंकिंग में आए सुधार के बावजूद फिलहाल भारत सबसे ज्यादा गैरस्वतंत्र (मोस्ट अनफ्री) श्रेणी में बना हुआ है। पिछले 20 वर्षों से जारी किए जा रहे इस सूचकांक के तहत भारत अपने अंकों में अब तक महज 11 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज कर सका है।

हेरिटेज फाउंडेशन सेंटर फॉर इंटरनेशनल ट्रेड एंड इकोनॉमिक्स के निदेशक और इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स 2014 के सह-लेखक टेरी मिलर का कहना है कि आर्थिक स्वतंत्रता के मामले में भारत की प्रगति धीमी है, पर हाल के वर्षों में उसने अपनी स्थिति में निश्चित रूप से सुधार किया है। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था अभी इस मामले में अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रही है।

भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए भारत में सरकार की ओर से उल्लेखनीय ढंग से प्रयास किए गए हैं और स्पष्ट रूप से इसका असर पड़ता भी दिखाई पड़ रहा है। हालांकि इस सबके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में खुलापन अभी दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम दिखाई देता है।

बीते वर्ष में भी इस इस मामले में सरकारी तंत्र का रवैया सुरक्षात्मक ही दिखाई दिया है। हालांकि इस साल होने वाले आम चुनाव को देखते हुए आर्थिक स्वतंत्रता के एजेंडे पर जोर दिया जाने की अपेक्षा है।

भारत ने इकोनॉमिक फ्रीडम के 10 में से करीब आधे सूचकों में सुधार करते हुए दहाई अंकों का स्कोर अर्जित किया है। व्यापार के मामले में सबसे ज्यादा सुधार देखने को मिला है, जिसमें भारत ने 65 अंक हासिल किए हैं। इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स के तहत दुनिया के 186 देशों के प्रदर्शन को कुल 10 मानदंडों के आधार पर परखा जाता है। इन मानकों में देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति, नियामकीय दक्षता का स्तर, सरकार का सीमित हस्तक्षेप और बाजार का खुलापन आदि प्रमुख हैं।

'बिचौलियों का साथ दे रहे हैं केजरीवाल'

'Intermediaries are supporting Kejriwal'
दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्या सच में बिचौलियों का साथ दे रहे हैं। या फिर उन पर सिर्फ आरोप ही लगाए जा रहे हैं।

मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई का फैसला उलटने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने जमकर निशाना साधा है। शर्मा ने इसे एक अल्पमत सरकार का गैर-जिम्मेदार फैसला करार देते हुए केजरीवाल पर बिचौलियों का साथ देने का आरोप लगाया है।

दिल्ली में कांग्रेस के समर्थन से चल रही आम आदमी पार्टी की सरकार के कदम ने एफडीआई समर्थक कांग्रेस की उलझन बढ़ा दी है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने भी इस मुद्दे पर आनंद शर्मा से मुलाकात की है। उन्होंने इस मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है।

आनंद शर्मा ने दिल्ली में मजबूत बहुमत से चुनी हुई शीला दीक्षित सरकार के रिटेल में एफडीआई की छूट के फैसले को एक अल्पमत सरकार द्वारा अचानक बदले जाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है, जहां नीतिगत फैसले इस तरह बदल दिए जाएं। भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ। रिटेल में एफडीआई से रोजगार खत्म होने के तर्क को भी उन्होंने हास्यास्पद बताया है।

गौरतलब है कि फिलहाल औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) दिल्ली सरकार की ओर से भेजे गए पत्र की समीक्षा करने में जुटा है। आनंद शर्मा के मुताबिक, मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई का फैसला सभी पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया गया था। लेकिन क्या बाहरी समर्थन से चल रही अल्पमत सरकार ऐसे फैसले उल्ट सकती है? इसकी पड़ताल की जा रही है।

कांग्रेस सरकारें खुद उलट चुकी हैं फैसले
जिस तरह दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने पुरानी सरकार के फैसले का बदलते हुए मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई को मंजूरी नहीं देने का फैसला किया है, इसी तरह के फैसले उत्तराखंड और कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद हो चुके हैं। उत्तराखंड और कर्नाटक में भाजपा सरकारें रिटेल एफडीआई का विरोध कर रही थीं, लेकिन वहां कांग्रेस की सरकार आने के बाद पुरानी सरकारों के रुख को बदलते हुए एफडीआई को मंजूरी दी गई।

सही निकला निवेशकों का डर
देश में मल्टीब्रांड रिटेल एफडीआई की नीति को लेकर विदेशी निवेशक का डर सही साबित होता दिख रहा है। इस नीति के तहत राज्य सरकारों को मंजूरी का अधिकार दिया गया है। एफडीआई नीति की कमी के चलते ही एफडीआई की छूट मिलने के बावजूद अभी तक किसी भी विदेशी कंपनी ने मल्टीब्रांड रिटेल में निवेश नहीं किया है। सिर्फएक कंपनी टेस्को ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में निवेश का प्रस्ताव दिया है।

असम से अपहरण कर मेरठ में ब‌िकी व्यापारी की बेटी

Assam businessman's girl sold in meerut
मामला गंभीर है। आसाम की नाबालिग लड़की को बेचने का मामला सामने आया है। दो आरोपियों को लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा है। सीओ ब्रह्मपुरी मामले की जांच करने में लगे है।

- ओंकार सिंह, एसएसपी

असम के हैंडलूम व्यापारी की बेटी की शारदा रोड स्थित एक मकान में बोली लगाई गई। एक लाख रुपए में उसका सौदा भी हो गया लेकिन किसी तरह बाहर आकर उसने शोर मचा दिया।

उसके पास लोग पहुंचे तो उसने सारी कहानी बताई। गुस्साए लोगों ने दोनों आरोपियों को पकड़कर पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

किशोरी का अपहरण उसके परिजनों की दुकान में काम करने वाले नौकर ने ही किया था। दिल्ली में भी बोली लगाकर उसे 50 हजार रुपये में बेचा गया था।

तमाम दावों और दलीलों के बाद भी बेटियों पर हो रहा अत्याचार थम नहीं रहा। अब आसाम के व्यापारी की बेटी का ही मामला ले लीजिये। शुक्रवार को वह आसाम से लापता हुई थी। मामले की रिपोर्ट भी दर्ज है।

दिल्ली से उसे शारदा रोड निवासी मोहित पुत्र नरेश बंसल (राशन विक्रेता) को सौंपा गया। किशोरी ने पुलिस को भी बताया कि मोहित उसे बेचना चाहता था। लेकिन किसी तरह उसने बाहर आकर शोर मचा दिया।

मोहित और उसके दोस्त हरदेश निवासी श्रद्घापुरी कंकरखेड़ा और मोहित के माता-पिता को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

सीओ ब्रह्मपुरी विजय प्रताप यादव ने बताया कि पुलिस ने किशोरी के परिजनों को फोन पर इसकी जानकारी दी है। परिजनों के लौटने पर इस मामले की अन्य जानकारियां पुलिस के हाथ लगेंगी। किशोरी को बुधवार सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया जाएगा।

सहेली की शह पर हुआ था अपहरण
सहेली की शह पर किशोरी का आसाम से अपहरण हुआ था। किशोरी के परिजनों का कपड़े का शोरूम है। यहां राहुल नाम का युवक नौकरी करता है। राहुल की किशोरी और उसकी सहेली से दोस्ती थी।

पिकनिक के बहाने युवक ने शुक्रवार को दोनों लड़कियां को बुलाया। सहेली से सेटिंग कर युवक ने किशोरी को अगवा किया और दिल्ली लाकर राजू नाम के युवक को 50 हजार रुपये में बेच दिया। राजू ने ही किशोरी को मेरठ के मोहित के पास भेजा।

घुमाने की बात कहकर फंसाया
पुलिस ने बताया राहुल कपड़ा व्यापारी का वफादार नौकर था। उसका व्यापारी के घर पर आना जाना था। इसी दौरान उसकी मुलाकात किशोरी से हुई। उसने घुमाने की बात कहकर किशोरी को जाल में फंसाया।

किशोरी की सहेली से राहुल ने नजदीकी बढ़ाकर उसको बेचने की पूरी प्लानिंग बनाई। व्यापारी ने भी राहुल के बारे में पुलिस को बताया।

जब गले म‌िले व‌िरोधी, स‌िब्बल और केजरीवाल

Kapil sibbal and arvind kejriwal hugged each other
हम पैगम्बर मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में आए थे। यह हमें भाईचारे और मिलकर रहने का संदेश देते हैं। हम गले मिले। एक दूसरे को देखकर मुस्कराए भी। लेकिन यहां राजनीति करने की जरूरत नहीं है। यह धार्मिक मंच है। यहां सबको मिलकर रहने की ही जरूरी है।

- कपिल सिब्बल, केन्द्रीय मंत्री।

आम आदमी पार्टी की राजनीति में मंगलवार को कुछ अद्भुत हुआ। एक दूसरे का धुर विरोध करने वाले अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल गले मिलते दिखाई दिए।

इसे देखकर राजनीति में कोई स्थायी दुश्मनी या दोस्ती नहीं होती-वाली कहावत याद आ गई।

इतना ही नहीं मैं हूं आम आदमी की टोपी पहनने वाले अरविंद केजरीवाल समेत तमाम नेता एक जैसी धार्मिक टोपी पहने इस कार्यक्रम में नजर आए।

चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र के बाड़ा हिंदूराव स्थित शेखा मस्जिद में ईद-मिलाद-उन-नबी के कार्यक्रम में दोनों शामिल होने पहुंचे थे।

धार्मिक मंच सही लेकिन आम आदमी पार्टी के संयोजक, कांग्रेस के केंद्रीय मंत्री व दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री के अलावा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी नजदीक-नजदीक बैठे दिखाई दिए।

कार्यक्रम के सार्वजनिक भाषण में कपिल सिब्बल व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने चुटकी भी ली।

ईद-मिलाद-उन-नबी के कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल पहले से पहुंचे हुए थे और कपिल सिब्बल बाद में पहुंचे। जब कपिल सिब्बल पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों को केजरीवाल का ध्यान उनकी तरफ आकृष्ट किया। इस बीच केजरीवाल खड़े हुए।

तभी केंद्रीय कानून मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने गले मिलने के लिए हाथ आगे बढ़ा दिया। आम आदमी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी खुद को रोक नहीं सके और तपाक से गले लग गए।

उल्लेखनीय है कि जन लोकपाल आंदोलन के समय अरविंद केजरीवाल और कपिल सिब्बल के बीच खूब तू-तू मैं-मैं हुई थी। भ्रष्टाचार के मसले पर केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ही सबसे अधिक निशाने पर थे।

इतना ही नहीं कपिल सिब्बल के बेटे ने कुछ महीने पहले अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं पर मानहानि का मुकदमा भी दर्ज कराया था।

IIM-CAT में अन‌िरुद्ध को 100 परसेंटाइल

Anirudh made record on iim cat exam

खास-खास

अकेला उत्तर भारतीय
  • कैट टॉप करने वाले इकलौते उत्तर भारतीय
  • 2012 में सीमैट एग्जाम भी कर चुके हैं टॉप
  • नोएडा की एट्रेंटा कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर
आईआईएम कैट के रिजल्ट में 100 परसेंटाइल हासिल करने वाले दिल्ली के अनिरुद्ध बत्रा के लिए ये सरप्राइज की तरह है।

उन्होंने दूसरे प्रयास में ये कामयाबी हासिल की, लेकिन उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। अब उनकी ख्वाहिश पुराने आईआईएम संस्थान में ही एडमिशन लेने की है।

दिल्ली के पश्चिम विहार में रहने वाले अनिरुद्ध नोएडा सेक्टर-2 स्थित एट्रेंटा कंपनी (रिसर्च एंड डेवलेपमेंट सेंटर) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

अमर उजाला से बातचीत में अनिरुद्ध ने बताया कि उनका एग्जाम बहुत अच्छा हुआ था, लेकिन 100 परसेंटाइल की उम्मीद नहीं थी।

इस कामयाबी के बाद अब वे एडमिशन के इंटरव्यू के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता में नए आईआईएम संस्थान नहीं हैं। कैट-2013 में उन्होंने आंध प्रदेश के चारों छात्रों ने ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कैट के क्वांटिटेटिव एबिलिटी और डाटा इंटरप्रिटेशन सेक्शन में 193 और वर्बल एबिलिटी एंड लॉजिकल रीजनिंग में 181 अंक हासिल करते हुए 450 में से 374 अंक प्राप्त किए हैं।

पिछले साल कैट एग्जाम में 98 परसेंटाइल से ज्यादा ले चुके अनिरुद्ध पहले भी अपनी काबिलीयत साबित कर चुके हैं।

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) द्वारा होने वाले कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीमैट) की सितंबर 2012 की परीक्षा में भी अनिरुद्ध टॉप कर चुके हैं।

उन्होंने 400 में 330 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया था।

अनिरुद्ध ने बिट्स पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन बीई ऑनर्स किया है। उनके पिता अशीम बत्रा सर्विस करते हैं और देहली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के बाद फेकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एफएमएस) कर चुके हैं।

सीआरपीएफ के जवानों ने लूटा ट्रक

crpf soldier allegedly arrested in loot case
खरखौदा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात कार सवार दो युवकों ने चीनी से लदा ट्रक लूट लिया। इससे पहले कि वह ट्रक लेकर फरार होते, पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी सीआरपीएफ के जवान हैं और उनकी तैनाती दिल्ली स्थित एमटी शाखा में बताई जा रही है। पुलिस ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में गिरफ्तार दोनों आरोपी मीडिया के सामने पेश किए।

एसएसपी ओंकार सिंह ने बताया कि अलीगढ़ के थाना चंडोस क्षेत्र के गांव नंगला सरुआ निवासी योगेंद्र सिंह ट्रक चलाता है। सोमवार रात वह बागपत शुगर मिल से 12.6 टन चीनी ट्रक में लादकर हापुड़ के लिए रवाना हुआ।

देर रात करीब 1:20 बजे जब हापुड़ रोड पर एल ब्लाक तिराहा के पास पहुंचे, तो मारुति 800 सवार दो युवकों ने ओवरटेक करके चेकिंग के नाम पर ट्रक रुकवा लिया।

एक युवक ट्रक में सवार हो गया, जबकि दूसरा कार में ही बैठा रहा। इसके बाद बिजली बंबा चौकी से आगे ले जाकर चालक को ट्रक से फेंक दिया और ट्रक लेकर आरोपी हापुड़ की तरफ फरार हो गए।

इसी बीच चालक योगेंद्र ने बिजली बंबा चौकी पर खड़ी जीप के पास पहुंचकर पुलिसकर्मियों को वारदात की सूचना दी। इसके बाद एसओ खरखौदा तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी करके रात करीब दो बजे लोहिया नगर चौकी क्षेत्र में निर्माणाधीन बाईपास पर ट्रक पकड़ लिया। दोनों आरोपी भी दबोच लिए।

एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विजेंद्र पुत्र नत्थी सिंह निवासी ग्राम गोगवान जलालपुर (शामली) और अमर सिंह पुत्र जसवीर निवासी ग्राम किनौनी थाना शाहपुर मुजफ्फरनगर हैं।

इनकी कार भी पुलिस ने कब्जे में ले ली। आरोपी कार के कागजात भी नहीं दिखा पाए। इसके चलते पुलिस ने कार सीज कर दी। वारदात में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने से आरोपियों ने इंकार किया है।

एसएसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में यही मालूम चला है कि दोनों आरोपी सीआरपीएफ दिल्ली में एमटी शाखा में तैनात हैं।

अफसरों को भेजी जाएगी सूचना
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के संबंध में सीआरपीएफ के अफसरों को सूचना भेजी जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों सीआरपीएफ में किस पद पर तैनात हैं। सीआरपीएफ के अधिकारियों से संपर्क किया गया।

बगैर हथियार के लूट लिया ट्रक ?

पुलिस ने विजेंद्र और अमर सिंह को ट्रक लूट के आरोप में गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन लूट का यह मामला बेहद चौंकाने वाला है। पुलिस ने आरोपियों से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ।

वहीं ट्रक चालक योगेंद्र ने भी यही बताया कि आरोपियों के� पास कोई हथियार नहीं था। इससे सवाल उठ रहा है कि बगैर हथियार से आतंकित किए आखिर ट्रक कैसे लुट गया, जबकि ट्रक में एक ही आरोपी सवार था। दूसरा अपनी कार लेकर ट्रक के� पीछे-पीछे चलता रहा।

आरोपियों ने कहा, हमने नहीं की लूट

गिरफ्तार दोनों आरोपियों से जब मीडिया कर्मियो ने पूछा कि तुमने ट्रक लूटा है, तो वह बोले कि हमने नहीं लूटा। ट्रक चालक से साइड लगने पर विवाद जरूर हुआ था, लेकिन हमने उसके साथ मारपीट भी नहीं की।