Monday, January 13, 2014

बसपा अकेले लड़ेगी लोकसभा चुनाव

no prepoll tie up says bsp
चुनाव पूर्व गठबंधन की संभावना को नकारते हुए बसपा का कहना है कि वह लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी।

पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने बसपा के लोकसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने की खबरों को आधारहीन करार दिया और कहा कि पार्टी की हमेशा से नीति अकेले चुनाव लड़ने की रही है।

मिश्रा ने कहा कि चुनाव पूर्व गठबंधन की अटकलें केवल मीडिया में ही लग रही हैं। पार्टी की हमेशा से अपने दम पर चुनाव लड़ने की नीति रही है। इस वक्त ऐसी कौन सी आफत आ गई जो पार्टी को अपनी नीति बदलनी पड़े।

चुनाव पूर्व गठबंधन का कोई फैसला नहीं लिया गया है और पार्टी अकेले दम पर 543 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है।

चुनाव बाद गठबंधन किए जाने पर पार्टी महासचिव ने कहा कि वह अभी इस मसले पर कोई भी टिप्पणी करने की हालत में नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख मायावती 15 जनवरी को अपने 58वें जन्मदिन पर लखनऊ में आयोजित रैली में चल रही अटकलों को साफ कर देंगी।

'मोदी की रैली में बुर्का पहने बैठे थे आरएसएस कार्यकर्ता'

RSS workers donned burqas at Modi's rally in Goa says congress
भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की गोवा रैली में बुर्का पहन कर आईं महिलाएं मुस्लिम नहीं बल्कि आरएसएस कार्यकर्ता थे।

यह आरोप मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने लगाया है। पार्टी का कहना है कि इससे भाजपा साबित करना चाहती है कि अल्पसंख्यक समुदाय के बीच मोदी और भाजपा की लोकप्रियता बढ़ रही है। हालांकि भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को बकवास करार दिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जॉन फर्नांडीस की मौजूदगी में पार्टी प्रवक्ता मनोहर अस्गांवकर ने कहा कि आरएसएस के कार्यकर्ता भाजपा नेताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए बुर्का पहन कर बैठे हुए थे। ये सभी एक समूह में बैठे थे ताकि लोगों को लगे कि अल्पसंख्यक समुदाय ने भी रैली में बड़ी संख्या में शिरकत की।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पारंपरिक वेशभूषा में बुर्का पहने महिलाओं को भीड़ से अलग एक जगह पर बैठाया गया था ताकि लोगों को लगे कि रैली में बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को कम से कम यह तो पता होना चाहिए कि गोवा में मुस्लिम समुदाय की महिलाएं बुर्का नहीं पहनती हैं।

वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को बकवास करार दिया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस का बयान मोदी की रैली में उमड़े लोगों को देखकर हताशा का परिचायक है।

भाजपा प्रवक्ता विलफ्रेड ने कहा कि मोदी की रैली में उमड़े जनसमूह को देखकर कोई भी विपक्षी पार्टी हताश हो सकती है। रविवार की रैली में 1.2 लाख से ज्यादा लोगों ने शिरकत की।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगने लगा है कि वह गोवा की दोनों लोकसभा सीटें गंवाने वाली हैं, इसलिए ऐसे बयान दे रही है।

जसपाल भट्टी की पत्नी AAPमें शामिल

breaking news:  savita bhatti join AAP
देश में फैले भ्रष्टाचार और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अपने अनोखे अंदाज में कई सालों तक कटाक्ष करते आए ‌दिवंगत जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी ने सोमवार को दोपहर बाद आम आदमी पार्टी (आप) ज्वाइन कर ली है।

भट्टी के आप ज्वाइन करने के साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में उनके चंडीगढ़ संसदीय चुनाव क्षेत्र से आप के लोकसभा उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

सविता भट्टी ने भी अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि अगर उन्हें आप चंडीगढ़ से लोकसभा का उम्मीदवार बनाती है तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।

अपने इस 'घर' (शहर) को अगर और भी अच्छा बनाना है तो ड्राइंग रूम से बाहर तो निकलना ही पड़ेगा। यह शहर हमारा अपना है और यह सच है कि इस शहर को हमने काफी कुछ दिया भी है।

राजनीति चाहे मेरे लिए नया फील्ड होगा, लेकिन मुझे हमेशा यही लगता है कि साथ जसपाल जी अभी भी मेरे साथ ही हैं और उनसे मुझे प्रोत्साहन मिलता है।

सविता भट्टी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने मुझसे संपर्क सिर्फ इसलिए किया क्योंकि जसपाल जी इस देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना चाहते थे।

जसपाल जी की इसी सोच को आगे ले जाने के लिए मैंने आप ज्वाइन की है क्योंकि मैं सिर्फ उनका मुखौटा हूं। जसपाल जी की मौत के बाद मेरे अंदर की रूह खत्म हो गई थी।

मेरी लाइफ में कोई मीनिंग नहीं रहा था। अब आप में शामिल होकर मुझे जीने का नया मकसद मिला है। जसपाल जी ने जो सोचा था अगर मैं उसे राजनीति में आकर पूरा कर पाऊं तो मुझे बेहद खुशी होगी।

उनकी जो सोच थी वही सोच आप की भी है। ऐसे में जब विचार मिलते हों तो आप को ज्वाइन करने में मुझे कोई हिचकिचाहट नहीं हुई। अब तो पूरी तरह से आप को समर्पित होकर काम करूंगी।

ध्यान रहे कि इससे पहले उड़न सिख और चंडीगढ़ निवासी मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर और उनकी बेटी डॉ. मोना सिंह ने भी आप ज्वाइन की थी।

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योगेंद्र यादव के ये 'राज' नहीं जानते होंगे आप

aap leader yogender yadav link on chandigarh
आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य योगेंद्र यादव का चंडीगढ़ से पुराना नाता है। ये खुलासा खुद योगेंद्र यादव ने अमर उजाला संवाददाता से बातचीत के दौरान किया।

बातचीत में उन्होंने अपने पुराने दिनों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे चंडीगढ़ में 10 साल गुजार चुके हैं। सेक्टर-11 के अलावा वे डड्डूमाजरा कालोनी में भी रह चुके हैं।

योगेंद्र यादव ने पंजाब विश्वविद्यालय में एमफिल की और वह यहां पर पढ़ा भी चुके हैं। पहले एग्जिट पोल की शुरुआत भी उन्होंने चंडीगढ़ से ही वर्ष 1989 से की थी।

चंडीगढ़ को भी जीतो
रैली में कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए कि दिल्ली हुई हमारी चंडीगढ़ हमारा। इस पर योगेंद्र यादव ने कहा, चंडीगढ़ जीत कर दिखाना होगा। दिखावा छोड़ना होगा।

पार्टी की टोपी पहनने वाले हर व्यक्ति के साथ 99 और लोग आने चाहिए थे। वे नहीं आए।

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'ईमानदार' केजरीवाल जोक्स से परेशान

'Yo Kejriwal So Honest' hashtag goes viral
आजकल ट्विटर पर कभी आलोक नाथ छा जाते हैं, कभी रजनीकांत और कभी रविंद्र जड़ेजा। इसी कड़ी में एक और नाम जुड़ गया है दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का।

शनिवार शाम अचानक से हैशटैग #yokejriwalsohonest ट्विटर पर ट्रेंड कर गया और रविवार शाम तक बना रहा।

इस हैशटैग के जरिए केजरीवाल की ईमानदारी पर बने चुटकुले ट्विटर इस्तेमाल करने वालों के बीच फैल रहे हैं। लोग केजरीवाल की ईमानदारी पर एक से बढ़कर एक चुटकुले बना रहे हैं।

देखिए कुछ मजेदार जोक्स-


















उम्मीद से ज्यादा मिलेगा पीएफ पर ब्याज

epfo gives 8.75 interest
केंद्र सरकार ने नए साल का तोहफा देते हुए पीएफ ब्याज की दर को बढ़ाने का फैसला किया है।

आम चुनाव से पहले भविष्य निधि जमा पर 8.75 फीसदी ब्याज का तोहफा देकर सरकार ने पांच करोड़ से ज्यादा नौकरीशुदा लोगों को खुश करने का दांव चला है।

श्रम मंत्री ऑस्कर फर्नांडिस की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में नए ब्याज दर पर निर्णय लिया गया। इस निर्णय के मुताबिक कर्मचारियों के पीएफ खाते में 2013-14 के दौरान जमा रकम पर 8.75 फीसदी ब्याज मिलेगा। जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 0.25 फीसदी अधिक है।

वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद ब्याज दर की राशि को कर्मचारियों के खाते में जमा कर दिया जाएगा। हालांकि मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों की ओर से ब्याज दर को नौ फीसदी करने का प्रस्ताव किया गया था। लेकिन केंद्रीय भविष्य निधि संगठन(ईपीएफओ) ने इस मांग को पूरा करने में अपनी असमर्थता जताई।

पीएफ संगठन के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में 20,796.96 करोड़ रुपए के आय का अनुमान है। नौ फीसदी ब्याज दर तय करने के लिए 1229 करोड़ रुपए के अतिरिक्त कोष की जरूरत है। श्रम मंत्री ने कहा कि पीएफ पर ब्याज ईपीएफओ के कमाई के आधार पर दी जाती है। इसलिए प्रस्तावित मांग पर आम सहमति नहीं बन पाई। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि 8.75 फीसदी ब्याज दर तय करने पर कितने कोष की जरूरत पड़ेगी।

सीबीटी की बैठक में शामिल भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि जगदीश्वर राव ने कहा कि श्रम मंत्री ने ब्याज दर में इजाफे के प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय से बातचीत करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा पीएफ पेंशनरों के लिए मोडिकल सुविधाएं बढ़ाने पर भी उन्होंने अपनी सहमति जताई है।

सचिन पायलट बने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष

Sachin Pilot appointed Rajasthan Congress chief
राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में तीसरा चेहरा सचिन पायलट के रूप में उभरा है।

पिछले दो विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश में कांग्रेस से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में दो ही नाम सभी के जेहन में आता था, अशोक गहलोत या सी.पी.जोशी।

राजस्थान में शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी ने प्रदेश की बागडोर युवा नेता सचिन पायलट को सौंपकर भविष्य में उन्हें इससे भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की ओर इशारा कर दिया है।

पायलट 21 जनवरी को सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार सम्भालेंगे।

धड़ों की राजनीति से दूर, छवि सुधारने का प्रयास

कांग्रेस ने पायलट को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपकर धड़ों की राजनीति से दूर होने और छवि सुधार की ओर कदम बढ़ाने के प्रयास किए हैं।

पिछले विधानसभा में महंगाई, मोदी लहर के साथ प्रदेश कांग्रेस की जाति व धड़ों की भीतरी राजनीति ने चारों खाने चित कर दिया था। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रभान के इस्तीफे के बाद ब्राह्मणों व जाटों की ओर से दवाब डाला जा रहा था कि अगला प्रदेश अध्यक्ष उनकी जाति से हो।

यही नहीं जयपुर के दो सांसद महेश जोशी व लाल चंद कटारिया भी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर अपनी-अपनी दावेदारी के लिए दवाब बनाए हुए थे। लेकिन पायलट के अध्यक्ष बनने के निर्णय से कांग्रेस आलाकमान ने बताया दिया है कि प्रदेश में पार्टी की हार के बाद नेता बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अब गहलोत और सीपी की छवि से अलग छवि के नेता की जरूरत है जो सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता हो।

पहली बैठक पहले दिन
पायलट 21 जनवरी को पद सम्भालने के कुछ समय बाद ही दोपहर 2.30 बजे प्रदेश चुनाव समिति की बैठक लेंगे। बैठक में लोकसभा चुनावों के बारे में चर्चा होगी। सचिन पायलट वर्तमान में बतौर केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रदेश और केन्द्र राजनीति में सक्रिय है।