Wednesday, January 1, 2014

‘मैं अन्ना हूं’ वाली टोपी पहन कैदी ने अस्पताल में काटा हंगामा

kejriwal supporter furore in hospital
जिला जेल से इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचा कैदी सिर पर 'मैं अन्ना हूं' की टोली लगाकर मंगलवार को जमकर हंगामा किया।

खुद को अन्ना और केजरीवाल का समर्थक बताते हुए लोगों से कह रहा था कि अब दिल्ली में आम आदमी को मूल सुविधाएं और उनका अधिकार मिल गया है।

समाज से भ्रष्टाचार खत्म होने का समय नजदीक आ रहा है। उसने एक पत्रक की प्रति भी पत्रकारों को दी। कैदी को ठंड लग गई थी। उसे बुखार भी था। जिला जेल की पुलिस उसे इलाज के लिए लेकर आई थी।

मंगलवार दोपहर अचानक जिला अस्पताल परिसर में 'मैं अन्ना हूं' की आवाज गूंजी और थोड़ी ही देर में वहीं भीड़ लग गई। जिला कारागार में एनडीपीएस एक्ट में बंद मारकंडेय सिंह पुत्र भरत सिंह निवासी सहतवार ने पुलिस कस्टडी के बाद भी हंगामा किया।

वह भ्रष्ट पुलिस अफसरों और सिपाहियों को गाली दे रहा था। उसे देखने के लिए दर्जनों लोगों की भीड़ जुट गई थी। बाद में कोतवाली पुलिस ने लोगों को हटाना चाहा लेकिन लोग उसे घेर ले रहे थे।

उसने एक डीएम और एसपी को सौंपे गए एक पत्रक की प्रति भी पत्रकारों को उपलब्ध कराई। पत्रक दो दिन पूर्व किसी परिचित के माध्यम से वह अधिकारियों को भेजवाया था।

पत्रक में बताया है कि वह शहर के कुंवर सिंह पीजी कॉलेज का पूर्व महामंत्री भी रह चुका है। इसमें कहा कि उसने और उसकी टीम सहतवार क्षेत्र में अवैध शराब, गांजा, लाटरी और हेरोइन बंद कराने के लिए अफसरों से मिले थे। मारकंडेय ने बताया कि पुलिस ने उसपर एनडीपीएस की धारा लगाया।

उसी मामले में वारंट जारी हुआ और गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। पत्रक में मारकंडेय ने लिखा था कि अब विकास का पहिया चलेगा और देश तरक्की करेगा।

'मुस्लिमों के खिसकने से बौखला गए हैं मुलायम'

mistri comment on mulayam singh yadav
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि मुस्लिम और अमन पसंद लोगों के खिसक जाने से मुलायम सिंह यादव बौखला गए हैं।

यही वजह है कि उनके निशाने पर कांग्रेस सबसे ऊपर है। उन्होंने दावा कि केंद्र में फिर यूपीए-3 सरकार बनेगी। नरेंद्र मोदी को गुजरात में भी मुंह की खानी पड़ेगी।

मंगलवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में खरबनवीसों से मुखातिब मिस्त्री ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों पर मुलायम सिंह के बयान और कांग्रेस पर उनके हमले को वह उनकी बौखलाहट के रूप में देख रहे हैं।

उन्हें अब आलोचना बर्दाश्त नहीं है। कांग्रेस पर अटैक करके वह भाजपा के साथ समझौते की संभावना को बनाए रखना चाहते हैं।

उन्हें डर है कि मुजफ्फरनगर दंगे के बाद अल्पसंख्यक समुदाय और अमन पसंद लोग कांग्रेस की तरफ जा सकते हैं। इसी डर से वह कांग्रेस पर बार-बार वार कर रहे हैं।

मिस्त्री ने दावा किया कि कांग्रेस को कमजोर आंकने वाले गफलत में हैं। 2014 में केंद्र में फिर यूपीए-3 सरकार बनेगी। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मुद्दे अलग होते हैं।

हर संसदीय सीट का मिजाज अलग होता है। विधानसभा चुनावों के नतीजों के आधार पर लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का आकलन करना ठीक नहीं है।

वर्ष 2009 में भी यही कहा जा रहा था कि यूपीए सरकार नहीं बनेगी। यूपी में 22 सांसद जीतने का भी अनुमान लोग नहीं लगा रहे थे।

प्रदेश प्रभारी ने कहा कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया 17 जनवरी र्को एआईसीसी के अधिवेशन के बाद शुरू हो जाएगी।

कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने सभी लोकसभा सीटों को लेकर उन्हें अपनी रिपोर्ट दे दी है। जल्द ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी और प्रदेश स्तर पर चुनाव समिति का गठन होगा।

किसी अन्य दल के साथ समझौते की संभावना पर उन्होंने सीधे तौर पर टिप्पणी नहीं की। कहा कि एके एंटोनी कमेटी इस बारे में फीडबैक लेकर कोई निर्णय करती है।

राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करने पर भी उन्होंने टिप्पणी नहीं की और इसे पार्टी नेतृत्व का मसला बताया।

एक सवाल के जवाब में कहा कि मोदी को लेकर यूपी में बहुत शोर है, लेकिन गुजरात में ही उन्हें झटका लगने जा रहा है।

गुजरात की जनता सोचती है कि मोदी प्रदेश चला सकते हैं, देश नहीं, इसलिए वहां के लोग विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देते हैं और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को।

मिस्त्री बुधवार को कांग्रेस के जिला, शहर अध्यक्षों, जोनल प्रभारियों और प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर संगठनात्मक कार्यक्रम घोषित करेंगे।

अपनों को कौड़ियों के भाव जमीन‌ बेच रही है केंद्र सरकार

Central government gave land in throwaway prices
लोकसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को लुभाने के साथ-साथ केंद्र अपनों को भी लाभ पहुंचाने में जुटी हुई है।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में स्थित सरकारी कॉलोनी के सामुदायिक केंद्र को अपने चहेतों के निजी क्लब को सौंप दिया है।

इसके पीछे मंत्रालय का दावा है कि निजी क्लब को सामुदायिक क्लब चलाने से जो लाभ मिलेगा, उसमें तीस प्रतिशत की हिस्सेदारी सरकार की होगी।

दक्षिणी दिल्ली के मोती बाग कॉलोनी के निवासी कल्याण परिषद का दावा है कि शहरी विकास मंत्री के आदेश से की जाने वाली यह कवायद पूरी तरह से मनमानी है और निवासियों के हितों के खिलाफ है।

अभी कुछ साल पहले भी शहरी विकास मंत्रालय ने चाणक्यपुरी स्थित करोड़ों की जमीन को एक निजी होटल को कौड़ियों के भाव बेच दिया था। मंत्रालय की ओर से लिए जा रहे इस तरह के फैसले सरकारी हितों के पूरी तरह खिलाफ� है।

इस कॉलोनी में ज्यादातर सरकार के बड़े अधिकारी और उनके परिवार रहते हैं। होटल की ओर से सामुदायिक केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग को भी बंद कर दिया गया है।

इस सामुदायिक केंद्र में कॉलोनी के निवासी योग, टेबल टेनिस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, निवासी कल्याण परिषद की बैठकें और मेल मिलाप के अलावा लेडीज क्लब भी चलते हैं।

शहरी विकास मंत्रालय ने इन� सारी� गतिविधियों के अलावा दूसरी मनोरंजन कार्यक्रम को संचालित कराने का जिम्मा भी निजी पार्टी को सौंप दिया है।

सरकार के बड़े पदों पर आसीन अधिकारियों ने अब मंत्रालय के इस आदेश के खिलाफ विरोध करने का निश्चय किया है।

21 जनवरी से घोषित होंगे प्रत्याशी: राजनाथ

bjp mission 2014 announce lok sabha candidates in january
भाजपा अध्यख राजनाथ सिंह का कहना है कि भाजपा 'मिशन 2014' को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। पार्टी के लोकसभा प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया जारी है।

राजनाथ सिंह गाजियाबाद से स्‍थानीय सांसद भी हैं। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी तक प्रत्याशियों के चयन को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद क्षेत्रवार प्रत्याशियों की घोषणा होने लगेगी।

देश को नई दिशा देगा लोकसभा चुनाव
पार्टी अध्यक्ष ने पत्रकारों को बताया कि 2014 का लोकसभा चुनाव देश को नई दिशा देगा। युवाओं में भाजपा की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। लोकसभा चुनाव के परिणाम विधानसभा चुनाव से भी बेहतर होंगे। नरेंद्र मोदी की स्वीकार्यता राष्ट्रीय नेता के रूप में बन गई है।

सिंह ने कहा कि दिल्ली में आप की सरकार बन गई है। अब जनता से किए गए वादे पूरा करना आप सरकार का काम है। उन्होंने देशवासियों को नए वर्ष की भी शुभकामनाएं दी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार घोषित न करना उनका व्यक्तिगत मामला है।

गोयल दंपति से मिले राजनाथ सिंह
इससे पूर्व उन्होंने पूर्व उपाध्यक्ष मनमोहन गोयल और उनकी पत्नी पुष्पा गोयल का हालचाल लिया। सिंह ने डॉक्टरों से गोयल दंपति और उनके नौकर की स्थिति जानी।

डॉक्टरों ने हालात में सुधार की बात कही। मनमोहन गोयल को भी मंगलवार को आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

दिल्ली: आशियाने की चाहत होगी पूरी, बनेंगे 50 हजार मकान

 Dda i'll make flat in 2014

खास-खास

डीडीए तैयार कर रहा मकान
  • इस वर्ष 50 हजार मकान निर्माण पूरा होने की उम्मीद
  • एलआईजी श्रेणी के 24660 फ्लैट इस वर्ष तैयार होंगे
  • ईडब्ल्यूएस कैटगरी के करीब 4,855 फ्लैट बनकर तैयार
  • रोहिणी में 11060, नरेला में 6580, द्वारका में 2400 फ्लैट्स
नए साल में अगर आप दिल्ली में आशियाने की चाहत रख रहे है तो आपके लिए खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) 2014 हाउसिंग स्कीम लेकर आ रहा है।

इस योजना के तहत सभी वर्ग के लिए फ्लैट्स होंगे। इसमे 1 बीएचके फ्लैट से लेकर 3 बीएचके वाले फ्लैट शामिल है।

यानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी श्रेणी के फ्लैट्स होंगे। तीन साल के इंतजार के बाद डीडीए एक बार फिर हाउसिंग स्कीम 2014 लॉच करने की तैयारी में है।

लिहाजा लंबे इंतजार के बाद दिल्ली में आशियाने का सपना एक बार फिर सच होने वाला है।

डीडीए अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के पास स्वीकृति के लिए फाइल भेजी गई है, स्वीकृति मिलने के साथ ही औपचारिक घोषणा की जाएगी।

उम्मीद है कि चुनाव को देखते हुए लागू होने वाले आचार संहिता के पहले यानी फरवरी महीने में घोषणा कर दी जाए। डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हाउसिंग स्कीम लाँच करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

जल्द ही ब्रोशर लोगों को उपलब्ध किया जाएगा। सुविधा के लिए आवेदन इंटरनेट से भी ऑन लाइन किया जा सकेगा। इस स्कीम में पूरे देश के लोग शामिल हो सकते है।

हाउसिंग स्कीम में शामिल सभी फ्लैट्स फ्री होल्ड श्रेणी के होंगे। लिहाजा आपको लीज होल्ड से फ्री होल्ड कराने के चक्कर में नहीं उलझना होगा। इनमें ज्यादातर फ्लैट्स रोहिणी, द्वारका, जसोला, नरेला आदि इलाके में होंगे।

एचआईजी व एमआईजी श्रेणी वाले ज्यादातर फ्लैट्स जिसमें मल्टीस्टोरी फ्लैट्स शामिल है आधुनिकता से लैस होंगे। मल्टीस्टोरी फ्लैट्स में लिफ्ट की सुविधा, पार्किंग व्यवस्था, हरियाली बिखेरने के लिए पार्क भी होगा।

मुश्क‌िल में वीरभद्र, सफाई देने दिल्ली पहुंचे

virbhadra singh under pressure in corrpution charges

खास-खास

मुश्क‌िलें बढ़ीं
  • सोनिया और राहुल से मिलने की संभावना
  • पत्नी प्रतिभा सिंह ने आला नेताओं को दी सफाई
  • अभी तक कांग्रेस हाईकमान वीरभद्र के साथ खड़ा
  • कांग्रेस ने वीरभद्र का बयान जारी किया
  • भाजपा के आरोपों को बताया झूठी कहानी
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

सीबीआई के वीरभद्र सिंह से पूछताछ की संभावना को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान भी सकते में है। वीरभद्र सिंह भी देर शाम दिल्ली पहुंच गए।

उनके बुधवार को सोनिया और राहुल गांधी से मिलकर सफाई देने की संभावना है। वीरभद्र की पत्नी प्रतिभा सिंह ने कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सफाई पेश की है। कांग्रेस हाईकमान अभी तक वीरभद्र के साथ खड़ा दिख रहा है।

वीरभद्र की ओर से जारी बयान को बाकायदा कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया विभाग ने जारी किया है। वीरभद्र ने भाजपा नेता अरुण जेटली के आरोपों का बिंदुवार जवाब देते हुए अपने आठ पेज के बयान में कहा है कि उन्होंने कोई रिश्वत नहीं ली है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता हिमाचल प्रदेश के चुनावों में हार के बाद हताशा में झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं। अपनी सुविधानुसार तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

उन्होंने सफाई दी कि उनके आयकर रिटर्न और परिवार की ओर से लिए गए कर्ज से जुड़े वही पुराने मुद्दे फिर से उठाए जा रहे हैं, जिसका जवाब और स्पष्टीकरण समय पर दिया जा चुका है और इसमें कुछ भी नया नहीं है।

दरअसल, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस पहले से ही बैकफुट पर चल रही है। ऊपर से वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के ताजा आरोपों से पार्टी हाईकमान मुश्किल में पड़ गया है।

परेशानी की बात इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि वीरभद्र सिंह पर सीबीआई का शिकंजा कसने की बात आ रही है।

सीबीआई अगर मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए बुलाती है तो ऐसे में उनका बचाव करना पार्टी के लिए मुश्किल पड़ सकता है।

सोमवार को कांग्रेस ने वीरभद्र का खुलकर बचाव किया था। पार्टी की ओर से वीरभद्र सिंह का आठ पेज का बयान जारी किया गया।

बयान में मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी अधिकारी की� डायरी में वीबीएस लिखे जाने की बात को बेवजह तूल दिया जा रहा है, जबकि डायरी में कई भाजपा नेता और उसके मंत्रियों के नाम है। डायरी में इस तरह की एंट्री किसी तरह का कोई कानूनी सबूत नहीं बन सकती।

सुप्रीम कोर्ट जैन हवाला डायरी में लालकृष्ण आडवाणी के नाम आने के मुद्दे पर यह बात कह चुका है। उन्होंने कहा कि एक बार को छोड़कर इस्पात इंडस्ट्री के लोग उनसे कभी नहीं मिले है। इस्पात मंत्री के नाते उन्होंने कभी उनसे कोई लाभ नहीं लिया।

केजरीवाल ने लगाई तोहफों की झड़ी

kejriwal fulfill election promises, cut down electricity rates
मुफ्त पानी के बाद चौबीस घंटे के अंदर दिल्ली सरकार ने आम आदमी को नए साल का दूसरा तोहफा दिया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 400 यूनिट तक बिजली की वर्तमान दर में 50 फीसदी सब्सिडी देने का ऐलान किया है। इस सब्सिडी से बिजली का बिल आधा तो नहीं होगा, लेकिन इसमें 20 से 35 फीसदी तक की कमी जरूर आएगी।

वहीं, सरकार ने सीएजी ऑडिट के मसले पर बिजली कंपनियों से एक दिन के भीतर जवाब मांगा है। मंगलवार शाम दिल्ली कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने बताया कि नए साल से 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली दरों पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही हैं।

इससे करीब 34 लाख उपभोक्ताओं में से 28 लाख को सीधा फायदा होगा। फिलहाल यह फैसला मौजूदा वित्तीय वर्ष के तीन महीनों पर लागू होगा। सब्सिडी पर कुल 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इसमें से 61 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार देगी, जबकि बाकी रकम बिजली कंपनियां दिल्ली सरकार से लिए गए कर्ज में से चुकता करेंगी। फिलहाल बिजली कंपनियों पर दिल्ली सरकार का 4500 करोड़ रुपये का बकाया है।

0-200 यूनिट तक खर्च करने वालों के बिल में 20-21 फीसदी तक की कमी आएगी, वहीं 201 से 400 यूनिट तक के खर्च पर बिल में 35 फीसदी तक की कमी आएगी। �

सीएजी ऑडिट पर मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद उनकी सीएजी से मुलाकात हुई। सीएजी बिजली कंपनियों का ऑडिट करने के लिए तैयार हैं।

इसके लिए बुधवार शाम तक बिजली कंपनियों को अपनी आपत्ति दर्ज करानी है। इसके बाद सीएजी ऑडिट पर फैसला लिया जाएगा। केजरीवाल ने बताया कि बिजली पर सब्सिडी सीएजी की रिपोर्ट आने तक जारी रहेगी।

ऑडिट के नतीजे आने के बाद बिजली की दरों पर दोबारा फैसला लिया जाएगा। संभव है कि तब सरकार को सब्सिडी न देनी पड़े और दूसरे उपभोक्ताओं को भी दरों की छूट का फायदा मिल जाए।

केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि कंपनियों के बहीखातों की जांच के बाद सरकार को सब्सिडी देने की जरूरत नहीं रहेगी।

0-200 यूनिट तक
पहले�� ��� ��� ��� ��� �
200 यूनिट पर बिजली चार्ज............780 रुपये
फिक्स चार्ज.................................40 रुपये
सरचार्ज..................................आठ फीसदी
बिजली शुल्क..........................पांच फीसदी
कुल रकम..............................926.60 रुपये
प्रति यूनिट 1.20 रुपये सब्सिडी के बाद देनदारी 686.60 रुपये प्रति माह।

अब
200 यूनिट तक बिजली चार्ज.........780 रुपये
फिक्स चार्ज...............................40 रुपये
सरचार्ज....................................आठ फीसदी
बिजली शुल्क.............................पांच फीसदी
कुल रकम�� ��� ��� ��� �926.60 रुपये

प्रति यूनिट 1.95 रुपये सब्सिडी के बाद देनदारी 536.60 रुपये प्रति माह।
(नोट : प्रति यूनिट बिजली चार्ज 3.90 रुपये)

ये दो किलोवाट लोड के लिए है। इस प्रकार से महीने के बिल में करीब 150 रुपये की बचत हुई।

पूरे बिल पर नहीं है छूट
सब्सिडी सिर्फ यूनिट पर लगने वाले चार्ज पर ही दी जाएगी। बिल के साथ लगने वाले दूसरे चार्ज पर सब्सिडी लागू नहीं होगी। दरअसल, बिजली बिल के साथ उपभोक्ताओं को कई अन्य तरह के चार्ज चुकाने होते हैं।

मसलन डिस्कॉम्स के पुराने घाटे को पाटने के लिए आठ प्रतिशत का सरचार्ज देना होता है। इसके अलावा पांच प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी टैक्स और अलग-अलग स्वीकृत लोड पर फिक्स चार्ज भी उपभोक्ताओं को देना पड़ता है।

यह सभी चार्ज उपभोक्ताओं के बिल को भारी भरकम बना देते हैं।

झूठ बोल रही थी शीला सरकार
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर पूर्व की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी दिल्ली बिजली कंपनियों के सीएजी ऑडिट की मांग कर रही थी। लेकिन तत्कालीन सरकार यह दलील देती रही कि मामला कोर्ट में लंबित है।

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। हाईकोर्ट ने कभी भी बिजली कंपनियों के सीएजी ऑडिट के लिए सरकार को मना नहीं किया था।