Wednesday, December 18, 2013

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की विदाई तय!

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की विदाई तकरीबन तय है। चार राज्यों की हार के बाद अब लोकसभा चुनाव की सियासी जंग के लिए तैयार हो रहे कांग्रेस हाईकमान ने बहुगुणा को हटाने का फैसला कर लिया है।

हरीश रावत के पक्ष में हाईकमान
अब कभी भी इस फैसले की घोषणा हो सकती है। दूसरी तरफ लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहे केंद्रीय मंत्री हरीश रावत को पार्टी हाईकमान उत्तराखंड की कमान सौंपने के पक्ष में नहीं है।

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जबकि नए मुख्यमंत्री के लिए हाईकमान के सुझाए नामों को लेकर रावत मान नहीं रहे हैं। हाईकमान ने प्रदेश सरकार में मंत्री इंदिरा हृदयेश, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह के नाम सुझाए हैं। ऐसे में तीसरी बार हाथ से फिसलती बाजी देख रावत के बागी होने की आशंका जताई जा रही है।

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इसलिए बहुगुणा को लेकर फैसले का ऐलान रुका हुआ है। कांग्रेस हाईकमान ने बहुगुणा को फैसले की जानकारी दे दी है, जबकि रावत को बुलाकर समझाने की कोशिश की, लेकिन रावत ने दो टूक कह दिया है कि इस बार भी उनके नाम को खारिज करने पर वे अपने समर्थक विधायकों के कांग्रेस में बने रहने की गारंटी नहीं दे सकते हैं।

राहुल गांधी रावत के पक्ष में नहीं
ऐसे में कांग्रेस हाईकमान नए मुख्यमंत्री को लेकर आम सहमति बनाने की कोशिश में है। दरअसल, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ कह दिया है कि वे हर राज्य में नए नेतृत्व को आगे लाना चाहते हैं। राहुल भी रावत के पक्ष में नहीं हैं।

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दरअसल, कांग्रेस मानने लगी है कि बहुगुणा के पद पर बने रहने से वह प्रदेश की लोकसभा की सभी पांचों सीटें गंवा देगी। जबकि 2009 में कांग्रेस ने पांचों सीटें जीती थीं। केदारनाथ त्रासदी से निपटने में भी बहुगुणा नाकाम साबित हुए। इसके अलावा उनके आए दिन दिल्ली में डटे रहने से भी हाईकमान उनसे नाराज था।

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'अमेरिका के समलैंगिक दूतों को गिरफ्तार करे सरकार'

government to arrest us homosexual diplomats says bjp
भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरगड़े की अपमानजनक गिरफ्तारी पर भाजपा ने केंद्र सरकार से और कडा़ रुख अपनाने को कहा है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने भारत में रहे रहे अमेरिकी समलैंगिक राजनयिकों को धारा 377 ‌के गिरफ्तार ‌किए जाने की मांग की है।

उन्होंने राजनयिक देवयानी से अमेरिकी अधिकारियों के अपमानजनक बर्ताव की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कोई भी मित्रवत राष्ट्र किसी भी मित्र राष्ट्र के राजनयिक के सा‌थ ऐसा बूरा बर्ताव नहीं करता जैसा कि अमेरिका ने देवयानी के साथ किया है।

सुप्रीम कोर्ट के भारत में समलैंगिक संबंधों को अवैध करार देने के फैसले को ध्यान में रखकर सिन्हा ने कहा कि देश में रह रहे अमेरिकी राजनयिकों को इस संबंध में कोई विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। उनको भी इस कानून का सामना करने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार को अमेरिकी समलैंगिक राजनयिकों के वीजा रद्द कर देने चाहिए। सभी को गिरफ्तार करके जेल में डाला जाना चाहिए क्योंक‌ि वे सभी धारा 377 का उल्लंघन कर रहे हैं।

भीम! 40 अंडे, 6 चिकन, 40 रोटियां चाहिए रोज

haryana police found a new great khali

खास-खास

राजेश का दिन का खाना
  • 40 अंडे
  • 5-6 चिकन
  • 7 लीटर दूध
  • 30 रोटियां
  • 6-7 किलो फल

राजेश की कद-काठी

  • कद : 6 फुट 11.5 इंच
  • सीना (बिना फुलाए) : 48 इंच
  • सीना फुलाकर : 50 इंच
  • वजन : 142.5 किलो
हरियाणा के 'महाबली भीम' को प्रदेश सरकार अपनी पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी देने जा रही है।

मंत्रिमंडल की बुधवार को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। अंबाला जिले के धनौरा गांव के 39 वर्षीय 'महाबली भीम' का असली नाम राजेश कुमार है। उनका वजन 143 किलो है।

वह 'ग्रेट खली' की तर्ज पर वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। राजेश ने हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी मांगी थी, जिसे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्वीकार कर लिया है।

राजेश ने डीजीपी एसएन वशिष्ठ के पास आवेदन देकर कांस्टेबल की नौकरी के लिए आग्रह किया था। राजेश ने आवेदन में दावा किया था कि उसकी लंबाई 7 फुट 4 इंच है और पंजाब-हरियाणा में वह सबसे लंबा व्यक्ति है। वह दो बच्चों के पिता हैं और उनके आठ भाई-बहन हैं।

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द ग्रेट खली की तर्ज पर मिली छूट
हरियाणा सरकार ने राजेश कुमार को भर्ती करने के लिए द ग्रेट खली मामले का हवाला दिया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि जैसे खली को पंजाब पुलिस में भर्ती करने के लिए छूट दी गई थी और खली ने पंजाब पुलिस का नाम रोशन किया है, वैसे ही राजेश कुमार को छूट दी जाए। 20 मई, 1974 को जन्मे राजेश ने दसवीं तक पढ़ाई की है।

हालांकि हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी के लिए दस जमा दो पास होना जरूरी है और उम्र भी 18 से 27 साल (एससी, पिछड़ी श्रेणी को 5 साल की रियायत) तक और लंबाई न्यूनतम 5 फुट 7 इंच होना जरूरी है। इसके अलावा छाती बिना फुलाए 33 इंच और फुलाने पर साढ़े 34 इंच होनी चाहिए।

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राजेश कुमार पढ़ाई और उम्र के लिहाज से तो नौकरी के पात्र नहीं थे लेकिन जब डीसीपी पंचकूला के कार्यालय में उनका फिजिकल टेस्ट लिया गया तो उनकी लंबाई 6 फुट, 11.5 इंच, छाती बिना फुलाए 48 इंच और फुलाकर 50 इंच और वजन 142.5 किलो निकला।

'द ग्रेट खली' से मिलने के बाद जागा जोश
राजेश कुमार ने बताया कि दो साल पहले जब खली अपने देश लौटे तो उनसे मिलने के बाद वे भी डब्ल्यूडब्ल्युई की ट्रेनिंग लेने के लिए तैयार हो गए। इन दिनों वह जापान में ट्रेनिंग ले रहे हैं।

अन्ना का अनशन खत्म, केजरीवाल पर हमला शुरू!

anna happy with lokpal, angry with mulayam and kejriwal
लोकपाल बिल पारित कराने को लेकर बीते आठ दिन से अनशन कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे ने लोकसभा में इसे हरी झंडी मिलने के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।

अन्ना हजारे ने एक तरफ जहां लोकपाल बिल पास होने पर खुशी जताई और सांसदों को धन्यवाद दिया, वहीं दूसरी तरफ इस मौके पर अपने चेले रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर बार-बार हमला बोला।

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अन्ना ने कहा, "यह खुशी की बात है कि राज्यसभा के बाद लोकसभा ने भी लोकपाल बिल पास कर दिया है। इसके लिए मैं सेलेक्ट कमेटी को धन्यवाद देता हूं।"

सेलेक्ट कमेटी को‌ दिया धन्यवाद
उन्होंने कहा कि जो विधेयक पहले लोकसभा में आया था, वो कमजोर था। इसके बाद सेलेक्ट कमेटी बनी, जो इसमें जनता की अपेक्षाओं के मुताबिक बदलाव लाई। इस बिल का विरोध करने वाले मुलायम सिंह यादव से अन्ना नाराज दिखे।

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अन्ना ने कहा, "समाजवादी पार्टी को छोड़कर मैं और पूरा रालेगन परिवार राज्यसभा और लोकसभा के सभी सांसदों को हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं। उन लोगों ने देश के लिए अच्छा कदम उठाया है।"

जिस लोकपाल बिल के पारित होने पर अन्ना खुश है, उसी विधेयक पर अरविंद केजरीवाल नाराजगी जता चुके हैं। केजरीवाल यहां तक कह चुके हैं कि उन्हें अन्ना के रुख पर हैरानी है और शायद उन्हें कोई भ्रमित कर रहा है।

केजरीवाल पर बार-बार हमला
बुधवार को अन्ना ने अनशन खत्म करने के मौके पर केजरीवाल पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "कैमरे के सामने बोलने से देश का भला नहीं होता। मुझे यह पसंद भी नहीं है। इसलिए मैं यहां गांव में अनशन कर रहा हूं।"

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उन्होंने माना कि इस कानून से सौ फीसदी भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा, लेकिन 50 फीसदी भ्रष्टाचार पर लगाम कसेगी। आप की फंडिंग को लेकर सवाल उठ चुके हैं, इसी पर निशाना साधते हुए अन्ना ने कहा, "हमने इस अनशन के लिए कोई विदेशी फंडिंग नहीं ली। यहां भी खर्च हुआ है, लेकिन सारा चंदा गांववालों ने दिया है।"

अन्ना ने अपने समर्थकों को उन लोगों से सचेत रहने के लिए कहा, जो उनके नाम का इस्तेमाल करते हैं। जाहिर है, यह हमला भी केजरीवाल पर था, क्योंकि आम आदमी पार्टी पर चुनाव प्रचार के दौरान अन्ना के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।

लड़की को ट्रेन से नीचे लेकर कूदा विकलांग भिखारी, रेप

kerala high court continues death sentence in rape and murder case
केरल हाई कोर्ट ने 23 वर्षीय युवती से बलात्कार करने वाले विकलांग भिखारी को मिली मौत की सजा बरकरार रखी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला से रेप और फिर उसके कत्ल का दोषी मानते हुए शख्स को मौत की सजा सुनाई थी।

दोषी गोविंदाचामी ने एक फरवरी, 2008 को चलती ट्रेन से युवती को ट्रेन से धक्का दे दिया था। फिर उससे रेप किया, जिसके बाद युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी।

हाई कोर्ट की जस्टिस टी रामचंद्रन नायर और बी कमल पाशा की बेंच ने गोविंदाचामी को त्रिसूर की फास्ट्र ट्रैक कोर्ट की ओर से सुनाई गई मौत की सजा बरकरार रखी।

लोगों की उदासीनता पर सवाल
बेंच ने कहा अब इस मामले में हस्तक्षेप के लिए कुछ नहीं बचा है। बेंच ने भारतीय रेलवे के रवैए और युवती के साथ ट्रेन में यात्रा कर रहे लोगों की उदासीनता की भी आलोचना की।

बेंच ने कहा कि महिलाओं के कोच में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। इस घटना के बाद भी महिलाओं के कोच को ट्रेन के बिल्कुल आखिर में ही रखा गया।

'मदद की होती तो...'
जजों का कहना था महिलाओं के कोच को बीच में जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही कंपार्टमेंट में दो महिला गार्डों की तैनाती की जाए। बेंच ने कहा कि मामले के दौरान ट्रेन के सहयात्रियों का रवैया बेहद खराब था। अगर उन्होंने मदद की होती तो इस वारदात को रोका जा सकता था।

गोविंदाचामी ने एक फरवरी, 2008 को एर्नाकुलम-शोरनूर पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रही एक 23 वर्षीय महिला को लूटने के लिए पहले धक्का देकर गिरा दिया और उसके साथ बलात्कार किया। पांच दिन बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

नीतीश नहीं, मोदी हैं लालू के नंबर 1 दुश्मन

now narendra modi becomes enemy No. 1 for RJD
जेल से रिहा होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जबर्दस्त सफलता के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू यादव अपनी रणनीति में बदलाव भी कर रहे हैं।

लालू के लिए अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के बजाए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी दुश्मन नंबर वन बन गए हैं।

तस्वीरों में देखिए:- क्या पोज है नगमा! नेताजी का ग्लैमरस अंदाज

चारा घोटाले के मामले में जेल गए लालू प्रसाद यादव को अदालत ने सोमवार को जमानत पर रिहा कर दिया है। अब जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरना शुरू भी कर दिया है।

उन्‍होंने अपने बेटे तेजस्वी के साथ मंगलवार को पटना से झारखंड के कोडरमा में पार्टी रैली में भाग लिया।

मोदी को निशाना बनाएगी पार्टी
लालू की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी पहले ही यह इशारा कर दिया था कि अगले साल चुनाव में नीतिश कुमार की पार्टी शीर्ष तीन में नहीं होंगे। अब माना जा रहा है कि पार्टी धर्मनिरपेक्षता के सहारे नरेंद्र मोदी को अपना निशाना बनाएगी।

नीतीश्‍ा कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के कांग्रेस से जुड़ने की संभावना खत्म होने के बाद अब माना जा रहा है कि आरजेडी भविष्य में कांग्रेस से गठजोड़ की उम्मीद कर रही है।

विधानसभा के परिणामों ने यह बता दिया है कि अगले आम चुनावों में नरेंद्र मोदी का प्रभाव जरूर दिखेगा।

हो सकता है कि कांग्रेस आरजेडी से करार कर बिहार में लालू को नरेंद्र मोदी के विरोध में प्रचार की कमान सौंप सकती है।

डीएसपी ने धोए पैर
लालू प्रसाद यादव के रांची के रजरप्पा मंदिर में दर्शन के बाद वापस लौटने पर उनके पैर में कुछ लग गया था। रामगढ़ के डीएसपी अशोक कुमार ने लालू के पैर धोए। और बिहार के एक जवान ने उनके चप्पलों को ढोया।

स्‍थानीय सूत्रों के अनुसार, डीएसपी ने लालू के पैर धोने की बात से इनकार नहीं किया है।

तिरंगे का अपमान, फाड़कर बनाया लिफाफा

Agriculture research Council Insulting national flag
राष्ट्रध्वज के अपमान मामले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले की गूंज लोकसभा तक पहुंच गई है।

बसपा सांसद रमाशंकर राजभर ने मामले को सदन में उठाने के लिए स्पीकर मीरा कुमार को नोटिस देकर कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि मंगलवार को सदन में हंगामे के चलते स्पीकर नोटिस का संज्ञान नहीं ले पाईं। मामला तिरंगे के अपमान से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरे मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

सांसद राजभर ने आईसीएआर की ओर से स्पीड पोस्ट से मिले तिरंगे वाले लिफाफे को अमर उजाला को दिखाते हुए कहा कि राष्ट्रध्वज की यह दुर्गति देखकर एकबारगी विश्वास ही नहीं हुआ कि एक सरकारी संस्थान भी इस तरह का दुस्साहस कर सकता है।

उन्होंने कहा कि पहले लगा कि शायद यह निजी कूरियर से भेजा गया हो सकता है लेकिन यह देखकर दंग रह गया कि यह स्पीड पोस्ट से आया है। स्पीड पोस्ट से भेजे जाने का सीधा मतलब है कि इसके लिए लिफाफा आईसीएआर में ही तैयार हुआ है।

दरअसल तिरंगे को फाड़कर कागज के बने लिफाफे में अंदर से साट दिया गया था। एजेंडे की कॉपी बीते 29 नवंबर को आईसीएआर की गवर्निंग बॉडी की बैठक के लिए थी।

क्या है मामला

भारतीय कृषि अनुसंधान संगठन ने गवर्निंग बॉडी की बैठक का एजेंडा भेजने के लिए तिरंगे को फाड़कर लिफाफा बना दिया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब स्पीड पोस्ट से भेजा गया लिफाफा उत्तर प्रदेश के सलेमपुर से बसपा सांसद और आईसीएआर के गवर्निंग बॉडी के सदस्य रमाशंकर राजभर को मिला।

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
तिरंगे के अपमान से बेहद आहत और नाराज राजभर ने इस मामले में आईसीएआर के अधिकारियों को सबक सिखाने की ठान ली है।

उनका कहना है कि कड़ा संदेश देने के लिए इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने मंगलवार को भी यह मामला लोकसभा में उठाने की पुरजोर कोशिश की।

मगर हंगामे के कारण वह अपनी बात नहीं रख सके। अब राजभर की योजना इस मामले को बुधवार को उठाने की है।

वरिष्ठ सांसदों ने भी जताया अचंभा
बसपा सांसद ने तिरंगे वाले लिफाफे को लोकसभा में कई वरिष्ठ नेताओं को भी दिखाया। चूंकि तिरंगा फाड़ने के मामले में सरकारी संस्थान शामिल है, इसलिए लिफाफा देखने वाले सभी नेता हतप्रभ रह गए।

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव, जदयू सुप्रीमो शरद यादव समेत कई नेताओं ने आईसीएआर के कदम पर आश्चर्य जताया।