Friday, March 28, 2014

तीरंदाज लिंबाराम को चेले ने ठगा, अवार्ड तक लेकर हुआ गायब

padmshree awardee limbaram cheated
पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित तीरंदाज लिंबाराम को उनके चेले ने ही ठग लिया। लाखों रुपए की धोखाधड़ी करनेवाले इस ठग ने उनके पद्मश्री अवार्ड तक को नहीं छोड़ा। पुलिस के अनुसार सस्ती जमीन दिलाने के नाम पर आरोपी ने लिम्बाराम को झांसा दिया और फिर अवार्ड और रूपए लेकर गायब हो गया।

व्यस्तता और विश्वास के चलते लिंबाराम ने काफी समय तक आरोपी का इंतजार किया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं आया। तो उन्होंने बुधवार को ज्योति नगर थाने में मामला दर्ज करवाया। मामले की जांच कर रहे एसआई ओमप्रकाश ने बताया कि उदयपुर, झाडोल निवासी तीरंदाज लिंबाराम पुत्र थावरजी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है।

उन्होंने अपने पास एसएमएस स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भादरा निवासी प्रवीण शर्मा पर आरोप लगाए हैं। करीब तीन साल पहले आरोपी ने उन्हें हनुमानगढ़ में अच्छी जमीन दिलाने का झांसा दिया था और रुपए व अवार्ड लेकर चला गया, तभी से उसका अता-पता नहीं है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर बताया कि 26 जनवरी, 2011 को लिंबाराम को पद्मश्री अवार्ड व 10 लाख रुपए मिले थे।

आरोपी प्रवीण शर्मा ने उन्हें बताया कि हनुमानगढ़ में उन्हें एकेडमी के लिए सस्ती जमीन दिलवा देगा। वह जमीन सिर्फ भील जाति वालों को ही मिलेगी। लिंबाराम उसके झांसे में आ गए� और पांच लाख रूपए उसे दे दिए। आरोपी ने उनसे अवार्ड भी मांगा कहा कि इससे जमीन मिलने में आसानी होगी।

कांग्रेस और भाजपा को महिलाओं पर नहीं पूरा भरोसा!

congress and bjp has shown little faith on women
महिलाओं की बात करनेवाली देश की दोनों बड़ी पार्टियों कांग्रेस और भाजपा ने आधी दुनिया पर पूरा भरोसा नहीं दिखाया है। राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों के लिए जारी दोनों पार्टियों की टिकट पानेवालों की सूची में महिलाओं की संख्या मात्र सात है। भाजपा ने तो केवल एक ही महिला उम्मीदवार को उतारा है, वहीं कांग्रेस ने छह को।

कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का दावा करती हैं, लेकिन टिकट देने में कंजूसी बरतती हैं। भाजपा ने झुंझुनूं लोकसभा सीट से संतोष अहलावत को मैदान में उतारा है, जो राजस्थान में भाजपा की एकमात्र महिला उम्मीदवार हैं। कांग्रेस के हाल भाजपा के मुकाबले बेहतर हैं। कांग्रेस ने 6 सीटों पर महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। इनमें झुंझुनूं से राजबाला ओला, पाली से मुन्नी देवी गोदारा, जोधपुर से चन्द्रेश कुमारी, बासंवाड़ा से रेशम मालवीया, चित्तौडग़ढ़ से डॉ. गिरिजा व्यास और नागौर से ज्योति मिर्घा शामिल हैं। इनमें से तीन वर्तमान सांसद भी है। हालांकि कांग्रेस भी 33 प्रतिशत के आंकड़े को नहीं छू पाई है।

वर्ष 2009 के लोकसभा चुनावों में दोनों पार्टियों ने 8 महिलाओं को टिकट जारी किए थे। पिछली बार भी कांग्रेस की सूची में महिलाओं की संख्या अधिक थी। कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनावों में 5 को जबकि भाजपा ने 3 महिलाओं को मौका दिया था। कांग्रेस ने चित्तौडग़ढ़ से डॉ. गिरिजा व्यास, झालावाड़ से उर्मिला जैन भाया, जोधपुर से चन्द्रेश कुमारी, जालौर से संध्या चौधरी और नागौर से ज्योति मिर्घा को टिकट दिया था। इनमें से तीन महिलाओं ने जीत दर्ज की थी। वहीं भाजपा ने की तीनों महिला उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा था।

शर्मनाक! सगे भाई ने ही लूट ली मासूम बहन की अस्मत

Rape case at Solan
भाई बहन का पवित्र रिश्‍ता एक बार ‌फिर शर्मसार हो गया। जिला सोलन में एक कलयुगी युवक ने अपनी ही मासूम बहन की अस्मत लूट ली। आरोपी यह गुनाह पिछले कई महीनों से कर रहा था।

सोलन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पीड़ित लड़की महज 14 साल की है। यह अपने भाई और पिता के साथ कोटलानाला के पास रहती है।

इसका आरोप है कि उसका सगा भाई पिछले कई महीनों से उसके साथ दुराचार कर रहा था। पुलिस ने लड़की का मेडिकल भी करवा लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

डरा धमकाकर कर रहा था मनमानी

पुलिस को दिए बयान में लड़की का कहना है कि कई बार उसका भाई उसे मारता पीटता भी था। जब कभी लड़की इसकी मनमानी की शिकायत करने की बात कहती तो यह उसे मारने की धमकी देता था।

डर के मारे लड़की किसी को यह बात नहीं बता पा रही थी। आखिरकार इसने वीरवार को पुलिस के पास अपनी आपबीती बता दी। उधर, 22 साल का यह आरोपी पकड़े जाने के डर से फरार हो गया है।

कोटलानाला पुलिस ने इसकी तलाश शुरू कर दी है। इस पर केस दर्ज कर लिया गया है।

मोदी पीएम बने तो देश को कर देंगे तबाह : माया

Modi will ruin the country after becoming pm
बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री बने तो देश सांप्रदायिक हिंसा की आग में तबाह हो जाएगा। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता को संतुलित करने वाली ताकत बनकर उभरेगी।

उन्होंने कहा कि मोदी 2002 के दंगों के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने कांग्रेस की भी आलोचना करते हुए कहा कि सत्ताधारी दल ने दलितों और आदिवासियों सहित पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यकों की जिंदगी में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

उन्होंने कहा कि पिछले 60 साल के दौरान देश के पिछड़ेपन और कुशासन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हालांकि किसी को अपना पीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया है लेकिन यह तय हैं कि उसके युवराज शीर्ष पद के दावेदार हैं।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि मोदी दावा कर रहे हैं कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो देश की तस्वीर बदल देंगे, लेकिन जब एनडीए सत्ता में था तो उसने क्या किया।

आतंकी भुल्लर की सजा बदलने में केंद्र सरकार को कोई परेशानी नहीं

the centre has no problem to change bhullar's punishment
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बृहस्पतिवार को सूचित किया कि उसे खालिस्तान समर्थक आतंकवादी देविंदर पाल सिंह भुल्लर की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने पर कोई परेशानी नहीं है। दया याचिकाओं के निपटारे में विलंब के आधार पर मौत की सजा उम्रकैद में तब्दील करने की शीर्षस्थ अदालत की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उसकी याचिका मंजूर की जानी है।

चीफ जस्टिस पी. सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिसमें अनुमति दी जाएगी। क्योंकि दोषी की दया याचिका का निपटारा आठ साल के विलंब से किया गया था। पीठ ने कहा कि इस मामले में अब 31 मार्च को संक्षिप्त आदेश सुनाया जाएगा।

वहीं, अटार्नी जनरल ने कहा कि वह पीठ को यह बताना चाहते हैं कि 21 जनवरी के निर्णय पर पुनर्विचार के लिए केंद्र सरकार की याचिका खारिज की जा चुकी है। अंतत: हमें 21 जनवरी के फैसले का पालन करना होगा और इसमें हमें कोई परेशानी नहीं है। अटार्नी ने पीठ से कहा कि भुल्लर की पत्नी नवनीत कौर की सुधारात्मक याचिका के गुण दोष पर गौर करने की अब कोई आवश्यकता नहीं है।

इससे पहले सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने भुल्लर के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मांगी और मानसिक चिकित्सा संस्थान की आठ फरवरी की रिपोर्ट पर गौर किया। अदालत ने 31 जनवरी को भुल्लर की फांसी तामील किए जाने पर रोक लगाते हुए अपने उस फैसले पर पुनर्विचार करने पर सहमति जतायी थी जिसके तहत 1993 के दिल्ली बम विस्फोट कांड में उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने की अपील ठुकरा दी गई थी। गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करने के साथ ही इहबास संस्थान से भुल्लर के स्वास्थ्य के बारे में रिपोर्ट मांगी थी।

‘हर हर मोदी’ के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा

Congress complaint against bjp over 'Har Har Modi' slogan
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। बनारस में 'हर हर मोदी' के नारों के आधार पर पार्टी ने चुनाव आयोग में शिकायत की है कि धर्म का इस्तेमाल करना चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के खिलाफ है।

शिकायत में भाजपा की मान्यता खत्म करने की मांग करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि मुख्य विपक्षी दल सफाई दे रहा है कि 'हर हर मोदी, घर घर मोदी' उसका अधिकृत नारा नहीं है। मगर पार्टी कार्यकर्त्ता इसका लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं।

चुनाव आयोग में दाखिल ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा है कि मोदी ने बनारस में एक जनसभा को संबोधित किया तो मंच पर पीछे भगवान शिव का चित्र लगाया गया था।

ऐसा करने की चुनाव आचार संहिता के तहत इजाजत नहीं है। कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख के सी मित्तल ने ज्ञापन में यह शिकायत की है।

ज्ञापन में आरोप लगाया है कि नरेंद्र मोदी को भगवान महादेव के रूप में पेश करते हुए भाजपा वोटों के लिए श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।

नहीं भर पाए दस हजार करोड़, सुब्रत रॉय रहेंगे जेल में

subrat roy will be in jail up to three april
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को निवेशकों के बीस हजार करोड़ रुपए लौटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। जमानत के लिए दस हजार करोड़ नहीं भर पाने की वजह से सुब्रत रॉय को तीन अप्रैल तक जेल में ही रहना होगा।

सुब्रत रॉय के वकील ने अदालत में कहा कि कंपनी दस हजार करोड़ रुपए जमा करने की स्थिति में नहीं है। वकील ने कहा कि पांच हजार करोड़ रुपए नगद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी देना संभव नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने शेयर बाजार की नियामक संस्था सेबी के साथ सहारा मामले की सुनवाई तीन अप्रैल तक टाल दी है। इसलिए सुब्रत रॉय को तीन अप्रैल तक फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

अदालत में सुनवाई के दौरान सहारा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों पर पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए उनसे सुनवाई से अलग होने की अपील की। सहारा के वकील ने सुब्रत रॉय की जमानत पर बड़ी पीठ से सुनवाई की अपील की है।

सहारा के वकील का कहना है कि सुब्रत रॉय को जेल में रखना संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन है।

सुब्रत रॉय और दो निदेशकों को इस मामले में पांच मार्च को तिहाड़ जेल भेजा गया था। कल सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जे एस केहर ने सुनवाई करते हुए कहा था कि जमानत देने के लिए सुब्रत रॉय को दस हजार करोड़ रुपए देने होंगे।