Thursday, February 27, 2014

...तो और बढ़ेंगी शीला दीक्षित की मुश्किलें

delhi government will not fight for sheila dixit
चुनावों में सरकारी धन का दुरुपयोग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का मुकदमा दिल्ली सरकार नहीं लडे़गी।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार (आप सरकार) के उस आवेदन को स्वीकार कर लिया, जिसमें निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील को वापस लेने की इजाजत देने का आग्रह किया गया था।

निचली अदालत ने शीला के खिलाफ अमानत में खयानत व भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।

न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने फिलहाल शीला दीक्षित को कुछ राहत प्रदान करते हुए उन्हें मामले में पक्ष बनाते हुए अपना पक्ष स्वयं रखने की इजाजत प्रदान कर दी। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 19 मार्च तय की है।

इससे पूर्व शिकातयकर्ता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि दिल्ली सरकार को तय नियमों के तहत अपनी अपील वापस लेने की इजाजत दी जानी चाहिए। वहीं शीला दीक्षित के उस आवेदन को खारिज किया जाए जिसमें स्वयं को सुनने का तर्क रखा है।

उन्होंने कहा यदि शीला को निचली अदालत के फैसले पर आपत्ति है तो उन्हें नए सिरे से याचिका दायर करनी चाहिए। शीला के अधिवक्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा जब सरकार अपनी अपील वापस ले रही है तो उनकी मुवक्किल को अपना पक्ष रखने की इजाजत मिलनी चाहिए।

डोंड‌ियाखेड़ा की जगह शामली से न‌िकला सोना-चांदी!

Gold coin recover from shamli
मोहल्ला कानूनगोयान में मंगलवार को हवेली में खुदाई के दौरान निकले सोने और चांदी के सिक्के के बंटवारे को लेकर श्रमिकों और मकान मालिक में रातभर रस्साकशी चलती रही।

बुधवार की सुबह भी मकान से सिक्के निकलने का शोर पूरे क्षेत्र में मचा रहा। मकान मालिकों ने मजदूरों को हटाकर खुद खुदाई शुरू कर दी है। नगर में मोहल्ला कानूनगोयान में एक व्यक्ति ने कुछ दिन पहले हवेली खरीदी थी।

हवेली खरीदने के बाद उसके खस्ताहाल हिस्से को गिराने के लिए कुछ मजदूर उसने लगाए थे। मंगलवार को शोर मचा था कि इस हवेली में खुदाई के दौरान हवेली से चांदी के सिक्के निकले हैं। पूरे कस्बे में इस बात का शोर मचा रहा।

ऐसी चर्चा थी कि वहां काम कर रहे मजदूरों के हाथ कुछ सिक्के लगे। इसे लेकर आपस में उनकी मकान मालिकों से कहासुनी भी हुई। चर्चा है कि हवेली में निकले सिक्के सालों पुराने हैं।

बुधवार को भी हवेली में सिक्के निकलने का शोर मचा रहा। हालांकि इसकी कोई अधिकृत पुष्टि नहीं हो रही। मकान मालिक सिक्के निकलने की बात से इंकार कर रहा है।

हवेली से मलबा हटाने के कार्य के दौरान यहां पर लोगों का जमावड़ा लगा रहा।� बाद में मकान मालिक ने मकान पर खुदाई कर रहे श्रमिकों को हटाकर खुद अपने पुत्र के साथ मकान की खुदाई के कार्य में लग गया है।

शराब पीने से रोका तो पिता को आग लगाई

Son Burned his father in up
शराब पीने पर पिता ने बेटे को डांट दिया तो आक्रोशित बेटे ने पिता पर केरोसिन छिड़क कर आग लगा दी। जिससे पिता झुलस गया। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। हालांकि पिता ने बेटे द्वारा जलाने की कोशिश से इनकार किया है।

असमोली के कुतुबपुर सत्ता गांव के 50 वर्षीय व्यक्ति को झुलसी अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। गांव में चर्चा है कि उसका बेटा शराब पीकर घर आया तो पिता ने उसे फटकार लगाई।

जिससे आक्रोशित होकर बेटे ने केरोसिन अपने पिता पर फेंक दिया और फिर आग भी लगा दी, हालांकि परिजनों ने शीघ्रता से बचा लिया, जिससे उसका पैर झुलस गया। उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया।

अस्पताल में पिता ने बताया कि बीड़ी गिरने से उसका पैर झुलस गया। बेटे से किसी विवाद से इनकार किया है।

भाजपा प्रत्याशियों की पहली सूची आज!

first list of bjp candidates may come today
लोकसभा की सियासी जंग के लिए भाजपा बृहस्पतिवार को अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। केंद्रीय चुनाव समिति की शिवरात्रि को होने जा रही बैठक में पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे।

पहली सूची में भाजपा पूर्वोत्तर समेत छोटे राज्यों के लिए प्रत्याशियों के नाम जारी कर सकती है लेकिन इसमें बड़े नेताओं के नाम शामिल होने की संभावना बहुत कम है।

इस बार केंद्र में सरकार बनाने की उम्मीद कर रही भाजपा में टिकटों को लेकर ज्यादा मारामारी है। माना जा रहा है कि ज्यादातर नाम अंतिम समय पर ही जारी किए जाएंगे।

भाजपा इस बार लोकसभा की 543 सीटों में से 425 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बृहस्पतिवार को प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

Wednesday, February 26, 2014

AAP विधायक को लोगों ने बंधक बनाया

aap mla rajesh garg held hostage by locals
आम आदमी पार्टी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए रोहिणी के निवासियों ने स्थानीय विधायक राजेश गर्ग को बुधवार को बंधक बना लिया।

करीब पांच घंटे तक आम लोगों की कैद से छूटने में नाकाम रहने के बाद विधायक ने शाम को खुद ही घरने पर बैठने का ऐलान कर दिया। राजेश गर्ग के मुताबिक, जब तक लोगों की मांग पूरी नहीं होती, वह मौके से नहीं हटेंगे। दिन-रात उनका धरना जारी रहेगा।

यह भी पढ़ें:केजरीवाल के पास नहीं है अपने खर्चे कर हिसाब!

दरअसल, समयपुर बादली इंडस्ट्रियल एरिया में डीएसआईआईडीसी ने एक कारोबारी को एक प्लॉट अलॉट किया था। इसी प्लॉट से स्थानीय निवासियों की निकासी का रास्ता भी था। चुनाव से पहले डीएसआईआईडीसी ने प्लॉट पर एक दीवार खड़ी दी। इससे रास्ता बंद हो गया।

चुनाव के दौरान स्थानीय निवासियों ने इसे हटाने की मांग आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने से की थी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उस समय केजरीवाल दीवार हटवाने का वायदा भी किया था। लेकिन सरकार बनी और चली भी गई, आम आदमी पार्टी ने लोगों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया।

यह भी पढ़ें:आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर फिर किया 'लेटर वार'

वहीं, बुधवार करीब 11 बजे स्थानीय विधायक राजेश गर्ग डीएसआईआईडीसी अधिकारियों के साथ मौके का मुआयना करने पहुंचे। इस पर लोगों ने उन्हें बंधक लिया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि जब तक दीवार नहीं हटाई जाती विधायक को नहीं छोड़ा जाएगा।

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस भी राजेश गर्ग को छुड़ाने में नाकाम रही। करीब पांच घंटे तक राजेश गर्ग दलील देते रहे कि जमीन पर मालिकाना हक का मामला जांच का विषय है। लेकिन जनता को सहूलियत देना भी जरूरी है। बगैर लोगों के कैद से निकले उपराज्यपाल तक लोगों की फरियाद नहीं पहुंचाई जा सकेगी। लेकिन स्थानीय निवासियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

देर शाम तक कैद से निकलने में नाकाम रहे विधायक ने धरने पर बैठने पर ऐलान कर दिया। राजेश गर्ग ने बताया कि अभी तक हमें आम लोगों ने बंधक बनाया था, लेकिन अब हम खुद धरने पर बैठे हैं। जब तक दीवार नहीं गिराई जाएगी, वह यहां से नहीं उठेंगे।

बंद कमरे में सपा नेता को कैसे लगी गोली?

smajwadi party leader shot by gun
सपा के लोकसभा प्रत्याशी अजमल नवाज खान उर्फ बिल्लू बुधवार सुबह बंद कमरे में रिवाल्वर से चली गोली लगने से घायल हो गए। जौलीग्रांट अस्पताल में ऑपरेशन के बाद आंख के समीप लगी गोली निकाल ली गई।

सपा नेता की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। गोली लगने की खबर पर सपा नेताओं का जमावड़ा जौलीग्रांट अस्पताल में लगा रहा।

घर में ही लगी गोली
पथरी क्षेत्र के गांव ऐथल में सपा नेता का पैतृक आवास है। बुधवार सुबह साढे़ आठ बजे नाश्ता करने के बाद अजमल खान अपने कमरे में थे। अचानक गोली चलने की आवाज होने पर परिजन कमरे की तरफ दौडे़। लहूलुहान अवस्था में भूमि पर गिरे सपा नेता को परिजन सीधे जौलीग्रांट अस्पताल ले गए।

ऑपरेशन कर निकाली गई गोली
जौलीग्रांट अस्पताल में शाम तक चले ऑपरेशन के बाद आंख के समीप फंसी गोली निकाल ली गई। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है।

एसओ रितेश शाह के मुताबिक सपा नेता के अपनी लाईसेंसी रिवाल्वर साफ करने के दौरान गोली चलने की बात घर पर मौजूद पुत्री शबीम ने बताई है। परिजनों से पूछताछ के लिए पुलिस टीम जौलीग्रांट अस्पताल रवाना कर दी गई है। सपा नेता पर एक रायफल व रिवाल्वर का लाईसेंस है।

पिता रहे आजाद हिंद फौज का हिस्सा
सपा नेता के पिता जनरल शाहनवाज खान सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज का अहम हिस्सा रहे है। वे केन्द्र में कई बार मंत्री भी रहे है। सपा प्रत्याशी बेहद सम्पन्न है।

सोती रही स्थानीय पुलिस
सुबह साढे़ आठ बजे की घटना की जानकारी शाम पांच बजे लगने पर स्थानीय पुलिस के सूचना तंत्र का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

शाम को भी खबरनवीसों के सक्रिय होने पर पुलिस को घटना का पता चला। तब कहीं जाकर एसओ रितेश शाह सपा प्रत्याशी के घर पर पहुंचे लेकिन घर पर पुत्री के अलावा कोई नहीं मिला। वो भी दोपहर तीन बजे जौलीग्रांट अस्पताल से लौटी है।पुलिस को अभी वह लाइसेंसी हथियार नहीं मिल पाया है जिससे गोली चली है।

सपा नेता के घर उमड़ता रहा हुजूम
सपा प्रत्याशी को गोली लगने के बाद सपा नेता व ग्रामीणों का हुजूम घर पर उमड़ता रहा। लेकिन घर पर परिजनों के मौजूद न होने पर हर कोई वापस लौटता रहा।

बेहद सम्पन्न व राजनैतिक घराने से ताल्लुक रखने वाले सपा प्रत्याशी का क्षेत्र में अच्छा रसूख है। बुधवार सुबह दिन के चढ़ने के साथ साथ आस पास के गांवों में सपा प्रत्याशी को गोली लगने की खबर आग की तरह फैली। हर कोई सपा नेता का कुशलक्षेम व घटनाक्रम की जानकारी लेने पहुंचता रहा।

अन्य अपटेड लगातार हासिल करने के लिए अमर उजाला फेसबुक पेज ज्वाइन करें.


Tuesday, February 25, 2014

अनोखी पहलः यहां खरीदें 10रुपये में 10किताबें

New idea: buy 10 books in rupees 10
अगर ‌इस महंगाई के जमाने में कोई आपको डेढ़ रुपये में एक किताब दे दे तो। मुख्य रूप से यह छात्रों के लिए है लेकिन आम नागरिक भी इस छूट का फायदा उठा सकता है।

अगर आप बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम या एमबीए के छात्र है तो द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज आपके लिए शौगात लेकर आया है।

90 फीसदी की छूट पर कई नामचीन लेखकों की फिजिक्स, कैमेस्ट्री स‌हित अन्य विषयों की किताब खरीदकर ला सकते हैं। यानी महंगाई के इस दौर में दस रुपये में बैग भर कर किताब खरीदा जा सकता है। यह मौका मिल रहा है कॉलेज में आयोजित दस दिवसीय पुरानी किताबों के मेले से। जिसकी शुरुआत मंगलवार से कॉलेज की लाइब्रेरी में हुई है।

छात्रों के अलावा किताबों के शौकीनों के लिए भी हिन्दी व अंग्रेजी के पुराने जमाने की साहित्य रचना मौजूद है। सुबह से ही अनौपचारिक रुप से इसकी शुरुआत कर दी, जिसे खरीदने के लिए छात्रों की भीड़ लगी रही।

कॉलेज छात्रों के अलावा अन्य किताब प्रेमी भी लाइब्रेरी तक पहुंच रहे थे। छात्रों की पहली प्राथमिकता पाठ्यक्रम से संबंधित किताबें थी।Gurgaon book fair

दरअसल, कॉलेज छात्रों को मूल्यवान किताबें सस्ती दरों में छात्रों को उपलब्ध कराने के लिए इस तरह का मेले का आयोजन कर रहा है। इसमें 1950-70 की दशक की वो किताबें है, जिनका प्रयोग प्रोफेसर सरीखे लोग बतौर संदर्भसूची या टेक्स्ट बुक के रूप में करते थे।

अब लेखकों से अनुमति लेकर छात्रों को 90 फीसदी छूट पर बेची जा रही है। लाइब्रेरी में साइंस, कॉमर्स, हिन्दी, साहित्य व अन्य विषयों की करीब 53 सौ किताबें रखी गई है।

कुछ लोग हुए परेशान
पुस्तक मेले में रखी किताबों का विषयवार व्यवस्था नहीं होने से छात्रों समेत अन्य किताब प्रेमियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कौन सी किताब किस विषय की कहां की रखी, इसकी कोई अनुक्रमणिका नहीं बनी हुई थी।

कुछ किताबें डेस्क पर रखी थी, तो कुछ जमीन पर रखी थी। इसकी वजह से नीचे रखी किताबों को ढूंढना परेशानी का सबब बना रहा। बाइंडिग बुक में नाम दर्ज नहीं होने से भी छात्रों को परेशान होना पड़ा।

द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके यादव ने बताया ‌कि अनौपचारिक रुप से पुस्तक मेले का शुभारंभ कर दिया गया है। इस दस दिवसीय पुस्तक मेले में 90 फीसदी छूट पर सभी तरह की किताबें दी जा रही है। छात्रों की रुचि बनी हुई है।

वहीं एक छात्र सकिर ने बताया ‌कि इस तरह का प्रयास सराहनीय है। कैमेस्ट्री किताब लेने आया था। डेढ़ रुपये में किताब मिल गई। बाहर 600 रुपये दाम है। इस तरह का आयोजन होते रहना चाहिए। वहीं सागर ने कहा ‌कि बायोटेक की किताबें बहुत आसानी से मिल गई। इतनी सस्ती किताबें मिलेंगी। इसकी उम्मीद नहीं थी। बीस रुपये में 12 किताबें आ गई। आज इनकी कीमत हजारों में है।