Tuesday, February 25, 2014

दंगों पर फिर गर्माई सियासत, अखिलेश चुप!

opposition warmed house on riots
विधानसभा में सोमवार को दंगों को लेकर एक बार फिर हंगामा हुआ।

सरकार ने दावा किया कि वर्ष 2009 से 2014 तक केवल पांच दंगे हुए हैं जबकि विपक्षी सदस्यों ने सौ से ज्यादा दंगों की बात कहते हुए सरकार को घेरा।

विपक्ष का कहना था कि पिछले सत्र में ही सरकार ने दंगों की संख्या 27 बताई थी।

इसे लेकर पहले बसपा और फिर भाजपा के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे।

सदस्यों के हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय को दो बार में 15 मिनट के लिए प्रश्न प्रहर की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

प्रश्न प्रहर में कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह और प्रदीप माथुर, भाजपा के सुरेश कुमार खन्ना, डॉ. अरुण कुमार, पीस पार्टी के मो. अयूब और बसपा के नीरज मौर्य ने सरकार से वर्ष 2009 से 2013 तक प्रदेश में हुए दंगों के बारे में विस्तृत जानकारी चाही थी।

संसदीय कार्यमंत्री मो. आजम खां ने सदस्यों के सवाल के जवाब में बताया कि 2009-10 में एक दंगा हुआ जिसमें कोई मौत नहीं हुई। 28 लोग घायल हुए।

2010-11 और 2011-12 में कोई दंगा नहीं हुआ जबकि 2012-13 व 2013-14 में 15 फरवरी 2014 तक कुल चार दंगे हुए।
इनमें जिनमें 73 लोगों की मौत हुई और 153 लोग घायल हुए।

अनुग्रह नारायण सिंह ने अनुपूरक सवाल के जरिये प्रदेश में हर तरह के दंगे की जानकारी मांगी थी जबकि सरकार ने जवाब केवल सांप्रदायिक दंगे तक ही सीमित रखा।

बसपा सदस्यों की नारेबाजी के बीच आजम खां ने कहा कि दंगे में बसपा के लोग भी शामिल थे।

उन्हें बचाने के लिए बसपा सदन में हंगामा कर रही है।

बसपा के लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए और कार्रवाई की गई है। ये मुसलमानों के कभी हमदर्द नहीं रहे।

इनके हंगामे के बाद भाजपा के हुकुम सिंह, सुरेश राणा और सुरेश खन्ना ने सरकार पर हमला बोल दिया।

भाजपा सदस्य भी वेल में आ गए और सवाल किया कि सरकार जब कह रही है कि दंगे में बसपा के लोग थे तो उनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

भाजपा ने आरोप लगाया कि सपा और बसपा मिली हुए हैं। शोरगुल के बीच आजम ने भाजपा को दंगे का चैंपियन बताते हुए आरोप लगाया कि दंगे में भाजपा के लोग सबसे आगे थे।

उत्तर प्रदेश को गुजरात बनाने की कोशिश की गई लेकिन हमने बनने नहीं दिया।

हंगामे के चलते अध्यक्ष ने 11.38 बजे सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। बाद में स्थगन पांच मिनट और बढ़ा दिया गया।

दीवार फांदकर भाग गए 40नाबालिग कैदी, हंगामा

40 minor prisoners escaped from juvenile home

खास-खास

बाल सुधार गृहों से भागने के कुछ मामले:
17 दिसंबर 2013: मुखर्जी नगर स्थित सेवा कुटीर बाल सुधार गृह से हंगामे के बाद 35 बाल कैदी फरार, पथराव और आगजनी में 14 बाल बाल कैदी जख्मी।
05 अक्तूबर 2013: सेवा कुटीर बाल सुधार गृह में जमकर हंगामा, मौके का फायदा उठाकर 33 बाल कैदी हुए फरार।
08 अगस्त 2013: मजनू का टीला स्थित बाल सुधार गृह में भागने की नियत से बाल कैदियों ने किया जमकर हंगामा। बाल कैदियों ने दीवार पर चढ़कर पड़ोस के घरों में किया पथराव कोई भी बाल कैदी भागने में नहीं हुबआ सफल।
राजधानी के बाल सुधार गृहों से हंगामा कर बाल कैदियों के फरार होने का सिलसिला जारी है। मुखर्जी नगर स्थित सेवा कुटीर से सोमवार शाम 40 बाल कैदी दीवार फांदकर फरार हो गए।

दरअसल, सोमवार शाम को शिकायतें मिलने के बाद कुछ नाबालिगों को मजनू का टीला स्थित बाल सुधार गृह में शिफ्ट किया जा रहा था। इससे नाराज नाबालिगों ने हंगामा कर दिया।

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सुरक्षा कर्मियों ने जब इन्हें रोकने का प्रयास किया तो नाबालिगों ने पथराव कर दिया और सभी फरार हो गए। सूत्रों की मानें तो फरार होने वाले नाबालिगों में एक हत्या के मामले का आरोपी व कई संगीन मामलों के बाल कैदी हैं।

बाल सुधार गृह प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ समय से कुछ बड़े बाल कैदियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। कुछ छोटे बच्चों ने इन पर यौन शोषण के आरोप तक लगाए थे। इसके अलावा मारपीट के भी आरोप थे। इसी की वजह से हत्या व अन्य संगीन मामलों में शामिल नाबालिगों को मजनू का टीला शिफ्ट किया जा रहा था।

सोमवार को सेवा कुटीर में करीब 140 बाल कैदी मौजूद थे। इसी दौरान एक नाबालिग ने दीवार पर सिर मारकर अपना सिर फोड़ लिया और चिल्लाने लगा। शोर सुनकर आए अन्य नाबालिगों को उसने बताया कि उसके साथ मारपीट की गई है।

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इस बात पर नाबालिगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान दूसरे नाबालिगों ने ताले में बंद अन्य बाल कैदियों को बाहर निकल लिया। इसके बाद इन लोगों ने सेवा कुटीर की ऊंची दीवार पर लगे कटीले तारों पर कंबल और तौलिए डाल दिए। इसके बाद एक-एक कर सभी फरार होने लगे।

विरोध करने पर इन लोगों ने सुरक्षा कर्मियों पर पथराव भी कर दिया। वारदात के दौरान बड़ी मुश्किल से बाकी बचे बाल कैदियों को काबू कर उन्हें अंदर लाया गया। सूत्रों की मानें तो फरार हुए नाबालिगों में पांच को वापस पकड़ लिया गया। इधर बाल सुधार गृह के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की गिनती की जा रही है।

'धोखेबाजों की पार्टी है एनसीपी'

ncp is party of fraudsters
शिव सेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को धोखेबाजों की पार्टी करार दिया है। शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पवार का दामन थाम रहे 'लालची' सैनिकों (शिवसेना कार्यकर्ताओं) को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे डूब रहे जहाज में सवार हो रहे हैं।

डोबिंविली में शिव सेना, भाजपा, आरपीआई और एसडब्ल्यूपी की एक ब़ड़ी रैली में शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस को उनकी नाकामियों के लिए खूब कोसा और लोगों से भरोसेमंद गठजोड़ का चुनाव करने को कहा।

रविवार को देर रात की रैली में उद्धव ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने अच्छा काम करने वाले योग्य शिव सैनिकों को चुन कर उन्हें अहम पद दिए थे। लेकिन उन्होंने लालच में आकर पार्टी और इसके नेतृत्व को धोखा दिया। वे इसे छोड़ कर दूसरी पार्टी में चले गए। ऐसे लोगों में एक नाम आनंद परांजपे का है। आप उसे सबक सिखाएं।

उद्धव ने कहा, एनसीपी शिव सेना के नेताओं को तोड़ रही है। लेकिन इससे हमारी पार्टी कमजोर नहीं होगी। हमारा विस्तृत जनाधार ही हमारी संपत्ति है और आने वाले चुनाव में जनता अपनी ताकत साबित कर देगी। जो लोग एनसीपी में जा रहे हैं उन्हें मालूम नहीं है कि वे एक डूब रहे जहाज में सवार हो रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों के भीतर शिवसेना के कई नेता पार्टी छोड़ कर चले गए हैं। इससे पार्टी को झटका लगा है। हाल में शिरडी के सांसद भाऊसाहेब बाकचौड़े कांग्रेस में शामिल हो गए। पारभनी से सेना के एक और नेता गणेश दूधगांवकर के भी एनसीपी में शामिल होने की खबर है।

सेना की गोपनीयता में सेंध, ISI एजेंट गिरफ्तार

invading in indian army privacy, isi agent arrested
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं व दस्तावेज भेजने वाले सेना के सेवानिवृत्त सूबेदार इंद्रपाल कुशवाहा को एटीएस ने रविवार की रात सदर बाजार में दबोचा है।

उसके पास से दो सीडी और एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें सेना से जुड़ी कई अहम जानकारियां हैं। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सोमवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

एटीएस के डीआईजी को सूचना मिली थी कि भारतीय सेना का सेवानिवृत्त सूबेदार लंबे समय से पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई को सेना के अफसरों व सैन्य प्रतिष्ठानों से संबंधित सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा है। इसके एवज में उसके बैंक एकाउंट में पैसा जमा किया जा रहा है।

सुराग हाथ लगने पर डीआईजी ने लखनऊ से इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में 21 फरवरी को एटीएस की एक टीम झांसी भेजी थी। 23 फरवरी यानी रविवार की शाम टीम को सूचना मिली कि इंद्रपाल सैन्य सूचनाएं आईएसआई को भेजने के लिए सदर बाजार स्थित एक साइबर कैफे आने वाला है।

सदर बाजार पहुंचते ही रात करीब 8.55 बजे एटीएस के जवानों ने आईएसआई एजेंट को दबोच लिया। उसके पास से झांसी में तैनात सैन्य अफसरों के फोन नंबर, गोपनीय कोडवर्ड व महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।

इंद्रपाल मूल रूप से बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र के बिछावरी गांव का रहने वाला है। सेवानिवृत्ति के बाद से वह झांसी के कैंट क्षेत्र में डी-174/3 टैगोर लेन में रहता था।

Monday, February 24, 2014

बेटियों, बीवी को मार कर खुद फांसी लगाई

man shot daughter and wife then kills self
दिल्ली के द्वारका इलाके से चार लोगों की लाशें मिली हैं। पुलिस ने बताया कि द्वारका के जेजे कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति ने पहले अपनी पत्नी और उसके बाद दो बच्चों को गोली मारकर खुद आत्महत्या कर ली।

सोमवार की इस घटना के बाद पडोस के लोग सकते में हैं। पुलिस कारण जानने में जुटी हुई है। रविंद्र नाम का यह व्यक्ति डॉइक्लिनिंग की दुकान चलाता था।

35 वर्षीय रविंद्र के जानने वालों से पुलिस पूछताछ कर रही है लेकिन अभी तक उसे किसी ठोस कारण का पता नहीं चल पाया है। हालांकि पुलिस पति-पत्नी के बीच आपसी मनमुटाव को कारण मान रही है।

पुलिस ने बताया कि पत्नी चंदा (30) और दो बेटियां नंदिनी (9) और यासिका (7) दो बेटियों के सिर पर लोहे के पाइप से मारकर हत्या करने के बाद उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

बेटियों और पत्नी की लाश घर के ग्राउंड फ्लोर मे मिला है। उनके घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

नानी के लिव पार्टनर ने 9 साल की बच्ची से किया रेप

Grandma's lover, paternal uncle rape 9-year-old
जिन रिश्तेदारों को पिता का साया खो चुकी बच्ची को प्यार से बड़ा करना चाहिए था उन्‍हीं रिश्तेदारों ने उसका बारी बारी से रेप ‌किया। मामला कोच्चि के कुट्टमपुजहा इलाके का है।

पिछले साल यहां नौ साल की बच्ची को पिता की मौत के सदमे को भुलाने के लिए उसकी नानी के घ्‍ार भेज दिया गया था। लेकिन नानी के घर में रहने वाले नानी के लिव इन पार्टनर का बच्‍ची पर बुरी नजर थी। उसने मौका देख्‍ाकर छोटी बच्ची का रेप कर डाला।

थोड़े दिनों बाद जब उस बच्ची को उसके पापा के घर में दोबारा ले जाया गया। वहां भी दुष्कर्म का ये सिलसिला नहीं रुका और इस बार बच्ची के फूफा ने ही उसे अपना शिकार बनाया। बच्ची का फूफा उसे अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने पर मजबूर भी करता रहा।

बच्ची के साथ हो रही इस ज्यादती से बच्ची की मां बेखबर थी। ये सिलसिला यहीं नहीं थमा। कुछ दिनों बाद जब उस बच्ची को वापस अपनी नानी के घर में ले जाया गया तब वहां उसे एक बूढ़ी औरत ने अपने 57 साल के पति के हवाले उसकी आबरू से खेलने दिया।

पिछले दिनों उस छोटी बच्ची ने साल भर से हो रही इन ज्यादतियों के बारे में अपनी टीचर को बता दिया। ये सुनते ही टीचर ने इस बारे में एनजीओ और लड़की की मां को बताया। ये सब जानते हुए बच्ची की मां ने फौरन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री पर छेड़छाड़ का आरोप

molestation charge against uttarakhand Cabinet minister
उत्तराखंड में सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक कैबिनेट मंत्री पर छेड़छाड़ का आरोप लगा है। एक युवती ने दिल्ली के दक्षिण जिला पुलिस में छेड़छाड़ की शिकायत की है।

सफदरजंग एंक्लेव थाने में मामले की जांच

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंत्री के खिलाफ शिकायत मिलने की पुष्टि की है। हालांकि सोमवार देर शाम तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। मामले की जांच सफदरजंग एंक्लेव थाना पुलिस कर रही है।

पुलिस के अनुसार मामला पिछले वर्ष सितंबर महीने का है। 30 वर्षीय पीड़ित युवती सुमन (बदला हुआ नाम) मूल रूप से मेरठ की रहने वाली है। वह काफी समय से दिल्ली में रह रही है और दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई कर रही है।

कार्यक्रम में मंत्री से मुलाकात हुई

युवती ने अपनी शिकायत में कहा कि वह कैबिनेट मंत्री को पहले से जानती है। एक कार्यक्रम में मंत्री से उसकी मुलाकात हुई थी।

सितंबर, 2013 में वह मंत्री से ग्रीन पार्क स्थित एक घर में मिलने गई थी। यह घर पहले मंत्री का बताया जा रहा था। मंत्री ने उसे नौकरी दिलवाने के लिए बुलाया था। युवती ने आरोप लगाया है कि घर में मंत्री ने उसके साथ छेड़छाड़ की। मंत्री ने नौकरी लगवाने के लिए अपनी और भी कुछ इच्छाएं रखी। इस घटना से युवती बहुत ज्यादा डर गई थी।

छह महीने बाद शिकायत क्यों

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि युवती ने करीब छह महीने बाद शिकायत क्यों दी है। ऐसा तो नहीं है कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई हो या डर की वजह से युवती चुप थी।

दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती की शिकायत पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। मामला एक कैबिनेट मंत्री का होने के कारण दक्षिण जिला पुलिस अधिकारी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं।

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