Saturday, February 1, 2014

दो दोस्तों की हत्या, पेड़ पर लटकाए शव

murder in uttar pradesh
मोहम्मदपुरखाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गड़चप्पा गांव में दो दोस्तों की हत्या कर उनके शवों को पेड़ से लटका दिया गया। शुक्रवार की सुबह एक बाग में पेड़ से लटके मिले दोनों युवकों के शवों को देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।

मृतकों के परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि प्रेम प्रसंग के चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।

क्षेत्र के गड़चप्पा गांव के बाहर बालकराम नाग के बाग में लगे आम के पेड़ पर दो युवकों के शव फांसी के फंदे से लटके होने की सूचना वहां के ग्रामीणों ने शुक्रवार की सुबह पुलिस को दी।

युवकों की शिनाख्त अनिल यादव (20) पुत्र शंकर यादव निवासी कटरा टाड़ा व अवनीश उर्फ छंगा मिश्रा (24) पुत्र हीरालाल निवासी मोहम्मदपुर खाला के रूप में हुई है। दोनों गहरे दोस्त थे और एक साथ कै टरिंग का काम करते थे।

मृतक अनिल के पिता शंकर यादव ने पुलिस को तहरीर देकर क्षेत्र के ही भगनापुर गांव निवासी रामभजन, उसका पुत्र दुर्गेश तथा सर्वजीत के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

एसओ सुंदर सिंह सोलंकी ने बताया कि क्षेत्र की एक युवती से अनिल का प्रेम प्रसंग चल रहा था। कई बार समझाने के बाद भी जब दोनों नहीं माने तो आरोपियों ने अनिल को मौत के घाट उतारने की तैयारी कर ली।

हालांकि अनिल के साथ मारे गए छंगा मिश्रा की जान तो दोस्ती के चलते चली गई। घटना के बाद एसपी अब्दुल हमीद, एएसपी डॉ. ओपी सिंह, सीओ फतेहपुर सुभाष अत्री पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल की।

शरीर पर मिले चोटों के निशान
मृत मिले दोनों युवकों के शरीर पर चोट के भी कई निशान मिले हैं। इससे लगता है कि पहले दोनों की पिटाई की फिर हत्या कर शव पेड़ से लटकाकर वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।

जताई थी बेटे की हत्या की आशंका
अनिल के पिता शंकर यादव ने पहले ही अपने बेटे की हत्या होने की आशंका जताई थी। शंकर ने बताया कि उनके द्वारा आठ जनवरी को मोहम्मदपुर खाला थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी देते हुए आरोपी रामभजन को समझाने की बात कही थी पर पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उनके बेटे की जान चली गई।

आज मिल जाएगा उत्तराखंड को नया सीएम

uttarakhand new cm oath ceremony on saturday
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से विजय बहुगुणा के इस्तीफे के बाद शनिवार को कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई है। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर नेता के नाम का फैसला छोड़ने का प्रस्ताव पारित होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से पर्यवेक्षक हरीश रावत के नाम पर विधायकों की मुहर लगवाएंगे। शाम 3-4 के बीच नए मुख्यमंत्री को राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी।

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अपना इस्तीफा राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी का सौंप दिया। एक लाइन के इस्तीफे को राज्यपाल ने मंजूर कर लिया है। फिलहाल विजय बहुगुणा कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर कार्य करते रहेंगे। इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री सीधे दिल्ली रवाना हो गए।

नए नेता के नाम पर फैसला करने के लिए कांग्रेस विधान मंडल दल की बैठक शनिवार को साढ़े 11 बजे बीजापुर गेस्ट हाउस में होगी। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से दो पर्यवेक्षक देहरादून पहुंच रहे हैं।

बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव लाया जाएगा। जिसमें नेता चुनने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिया जाएगा। जिसके बाद पर्यवेक्षक सोनिया गांधी की ओर से सुझाए गए हरीश रावत का नाम की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा हरीश रावत के नाम प्रस्तावित करेंगे जिस पर विधानमंडल दल की मुहर लग जाएगी।

शपथ राजभवन में, संबोधन परेड ग्राउंड में
प्रदेश के आठवें मुख्यमंत्री हरीश रावत को पद और गोपनीयता की शपथ शाम 3-4 बजे के बीच राजभवन में राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी दिलाएंगे। उसकेबाद हरीश रावत परेड ग्राउंड में एक बड़ी जनसभा को सम्बोधित करेंगे। हरीश रावत केसमर्थक जनसभा को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं। देहरादून, हरिद्वार केअलावा बड़ी संख्या में कुमाऊं के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और अल्मोड़ा जिलों से लोग जनसभा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

विजय बहुगुणा:-इस्तीफे के पहले का बयान
पार्टी के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने राजभवन जा रहा हूं। कल विधायकों की बैठक होगी उसमें नए नेता का चयन होगा। मेरा विधायकों से अनुरोध है कि सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करेंगे। सोनिया गांधी जिसे नेता चुनेंगी विधायक उनकेसाथ हैं।

विजय बहुगुणा: इस्तीफे के बाद का बयान
राज्यपाल जी को इस्तीफा दे दिया है। पार्टी का फैसला सर आंखों पर। प्रदेश की सेवा करने का सौभाग्य मिला। आगे भी निरंतर सेवा करता रहूंगा। विधानमंडल दल की बैठक में सर्वसम्मति से नए नेता का प्रस्ताव पास करेंगे। पूरी पार्टी एक है नए नेता के साथ है।� नए मुख्यमंत्री को मेरी शुभकामनाएं और सहयोग रहेगा।

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मुलायम ने पूछा, कौन पीता है शराब?

house, escort and lucknow leave it: Akhilesh
समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को जहां दर्जा प्राप्त मंत्रियों को उनकी वरिष्ठता और सम्मान का हवाला देते हुए लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाने को कहा है।

वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें मकान, एस्कॉर्ट और लखनऊ का चक्कर छोड़ने की नसीहत दी। सीएम ने कहा कि वे सरकार की उपलब्धियों को जनता में पहुंचाएं।

ऐसा कोई काम नहीं करें जिससे सरकार की बदनामी हो। सपा मुखिया मुलायम सिंह ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में निगमों, आयोगों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और तमाम विभागों के सलाहकारों के साथ चुनावी तैयारियों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को मंत्री का दर्जा दिया गया है वे पार्टी के वरिष्ठ और वफादार नेता हैं। सम्मान के लिए उन्हें ये दर्जा दिया गया है।

लोकसभा चुनाव में सभी की अहम जिम्मेदारी है। वे न केवल पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में वोट डलवाएं बल्कि सभी नेताओं में एकजुटता भी कायम करें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस या भाजपा को बहुमत नहीं मिलेगा। यदि सपा ने लोकसभा की 50 सीटें जीत ली तो दिल्ली में सरकार बनाने का मौका मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि सभी नेता पूरी निष्ठा और लगन से चुनाव में जुट जाएं। पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का काम करें। बूथ से लेकर सभाओं और मतदान तक अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

मुख्यमंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि दर्जा प्राप्त मंत्रियों की कुछ शिकायतें मिली हैं। ज्यादातर लोग लखनऊ में रह रहे हैं, क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं।

मकान, दफ्तर, प्रोटोकॉल और एस्कॉर्ट के चलते विवाद तक कर रहे हैं। इन सबसे ऊपर उठने की जरूरत है। समाजवादियों के लिए लोकसभा चुनाव सबसे बेहतर मौका है।

ऐसे में कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे उनकी पार्टी की प्रतिष्ठा पर आंच आती हो। उन्होंने कन्या विद्या धन और लैपटॉप ले लेकर मुफ्त सिंचाई और मुफ्त दवाई तक तमाम उपलब्धियां गिनाईं।

कहा कि काम बहुत हुआ है, प्रचार कम रहा है। मीडिया भी सहयोग नहीं कर रहा। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

वे सरकार की योजनाएं गांव-गांव जाकर बताएं। उन्होंने बिजली उत्पादन को लेकर शुरू की गई पहल की भी जानकारी दी। उम्मीद जताई कि डेढ़-दो साल में शहरों में 24 घंटे, गांवों में 18 घंटे बिजली मिलने लगेगी।

तो मुलायम ने यह भी पूछ डाला...

बैठक में मुलायम सिंह ने चौधरी चरण सिंह की तरह सभी नेताओं को नैतिकता का पाठ भी पढ़ाया। परिवार के मुखिया और मास्टर की तरह उन्होंने समझाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शराब नहीं पीनी चाहिए।

ऐसी शिकायतें आती हैं कि कुछ लोग शराब पीकर अफसरों से बात करते हैं। यह उचित नहीं है। उन्होंने दर्जा प्राप्त मंत्रियों से पूछा कि कौन-कौन शराब पीता है।

उन्होंने हाथ उठवाया तो करीब 90 लोगों में केवल एक ने हाथ उठाया। हाथ उठाने वाले ने कहा कि केवल दो पैग लेते हैं, डॉक्टर ने बता रखा है।

बाद में नेताजी ने कहा कि यदि किसी ने शराब की बुराई ओढ़ रखी है तो आज से छोड़ दें। इस पर उन्होंने फिर हाथ उठवाया तो किसी ने नहीं उठाया। इस पर सभागार में ठहाके गूंज पड़े।

दिल्‍ली में विधायक के बेटे की पीट-पीट कर हत्या

arunachal MLA son dies after being thrashed by shopkeepers
यह कोई नया मामला नहीं है। पूर्वोत्तर के छात्रों के साथ पहले भी दिल्ली में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

- टाकम संजय, अरुणाचल से सांसद

अरुणाचल प्रदेश के कांग्रेस विधायक के 19 वर्षीय बेटे नीडो तानियन की दिल्ली के लाजपत नगर में बुधवार को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

तानियन के कलर कराए गए बालों पर एक दुकानदार की टिप्पणी से यह विवाद शुरू हुआ, जिसका विरोध करने पर उसे जमकर पीटा गया। तानियन के परिजनों ने इसे नस्लीय हमला करार दिया है।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दुकानदार व उसके भाई समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। दिल्ली सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

दुकानदार ने भद्दी टिप्पणी की
पुलिस के मुताबिक अरुणाचल के कांग्रेस विधायक नीडो पवित्रो का बेटा जालंधर स्थित लवली यूनिवर्सिटी में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। इन दिनों वह दिल्ली आया था और ग्रीन पार्क स्थित अपने घर में रह रहा था।

Arunanchal mla sonबुधवार को वह लाजपत नगर-वन में रहने वाले दोस्तों से मिलने गया था। रास्ते में उसने राजस्थान पनीर शॉप चलाने वाले फरमान से पता पूछा। इस दौरान तानियन के अलग-अलग रंग से कलर कराए बालों को देखकर फरमान हंसने लगा।

आरोप है कि दुकानदार ने तानियन को देखकर उसके प्रदेश को लेकर भद्दी टिप्पणी कर दी। इससे नाराज तानियन ने हाथ से दुकान का शीशा तोड़ दिया।

झगड़ा होने पर दुकानदार व उसके भाई समेत कुछ लोगों ने तानियन की जमकर पिटाई कर दी।

बाद में भी पीटा गया
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बताया गया है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया था और तानियन शीशे के पैसे देने को तैयार हो गया था।

तानियन के दोस्तों का आरोप है कि उसे बाद में पीटा गया। दोस्त उसे ग्रीन पार्क स्थित घर ले गए। बृहस्पतिवार को उसकी तबीयत खराब होने पर एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बताया गया है कि तानियन डीपीएस, सोनीपत का छात्र रह चुका है। मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।

नीडो पर नस्लभेदी हमला हुआ। दिल्ली में हर जगह हमारे साथ भेदभाव होता है।--नीडो का एक रिश्तेदार, टीवी पर

'अगर दलित से शादी की तो होगी बदनामी'

jyoti murder case: relation between MLA Ram Kumar Chaudhary and jyoti
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में लगातार कई गवाहों के बयान से मुकरने के बाद शुक्रवार को ज्योति की बहन अपने पूर्व बयान पर कायम रही।

उसने कोर्ट में बताया कि हिमाचल के दून क्षेत्र के विधायक रामकुमार चौधरी और ज्योति के संबंध थे। ज्योति अक्सर चौधरी के बारे में बात करती थी और चौधरी अक्सर ज्योति से मिलने चंडीगढ़ आता था।

ज्योति ने उसे यह भी बताया था कि चौधरी उससे शादी करेगा, लेकिन एमएलए का चुनाव जीतने के बाद उसने शादी से इनकार कर दिया।

बयान के मुताबिक, ज्योति ने बहन को बताया था कि चुनाव जीतने के बाद चौधरी कहने लगा कि अगर वह दलित से शादी करेगा तो उसकी बदनामी होगी।

इसलिए वह शादी नहीं करेगा, लेकिन उसके बैंक खाते में हमेशा पैसे जमा कराता रहेगा। ज्योति की बहन ने कहा कि चौधरी ने ज्योति को इसलिए मारा है, क्योंकि वह उससे शादी करना चाहती थी।

सिम कार्ड का सबूत हो गया पक्का
ज्योति की बहन के बयान से सिम कार्ड का सबूत भी पक्का हो गया है। दरअसल, पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक ज्योति के पास एक सिम था, जो ज्योति के नाम पर था।

इस नंबर से चौधरी के साथ बातचीत होती थी और वारदात वाले दिन यह नंबर व चौधरी का नंबर एक साथ चल रहे थे। अब शुक्रवार को ज्योति की बहन ने कोर्ट में कहा कि उसने ही अपनी वोटर आईडी पर ज्योति को नंबर लेकर दिया था।

चौधरी ने बूटी राम की अर्जी का किया विरोध
राम कुमार चौधरी ने शुक्रवार को कोर्ट में एक विरोध अर्जी दाखिल की, जो ज्योति के पिता बूटी राम की फिर से गवाही के खिलाफ है। अर्जी में कहा गया है कि जब बूटी राम ने पहले गवाही दी थी तो उसमें किसी तरह के दबाव का जिक्र नहीं किया था। अब फिर से गवाही नहीं कराई जाए। बूटी राम की दोबारा गवाही वाली अर्जी पर शनिवार को फैसला होना है।

बूटी राम भी मुकरे थे बयान से
ज्योति के पिता बूटी राम पिछले दिनों कोर्ट में बयान से मुकर गए थे। इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर पंचकूला को शिकायत दी थी कि रामकुमार चौधरी के जानकारों ने उन्हें व पूरे परिवार को मारने की धमकी दी थी, इसलिए वह बयान से मुकर गए थे।

इसके बाद पंचकूला पुलिस ने इस केस फाइल को होशियारपुर भेज दिया। बूटी राम की शिकायत पर होशियारपुर के हरियाना थाने में चौधरी व उसकी पत्नी सहित अन्य के खिलाफ धमकी देने व साजिश रचने का मामला दर्ज हुआ था।

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महाराज आशुतोष समाधि में, प्रशासन खामोश

Ashutosh Maharaj in meditation, administration silent
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख महाराज आशुतोष अभी भी गहन समाधि में हैं। तीसरे दिन उनके समाधि से वापस आने की बात डेरा प्रबंधकों द्वारा की जा रही थी लेकिन शुक्रवार को डेरे की तरफ से प्रेस वार्ता में बताया गया कि गहन समाधि की कोई समय सीमा नहीं है।

डेरे के प्रवक्ता स्वामी विशालानंद का कहना है कि महाराज जी के चेहरे पर पूरा नूर है। उनका शरीर पूरी तरह से तरोताजा है, यह समाधि की अवस्था में ही होता है।

महाराज आगे भी समाधि में चले जाते हैं लेकिन इस बार यह मामला समाचार की सुर्खियां बनने से काफी फैल गया है। शुक्रवार को डेरे की तरफ से स्वामी विशालानंद व साध्वी जया भारती मीडिया से मुखातिब हुईं।

महाराज जी समाधि से कब लौटेंगे, इस पर स्वामी विशालानंद ने कहा कि यह समय सीमा तय नहीं होती है। यह डेरे के अनुयायियों के लिए रूटीन है।

प्रशासनिक अधिकारियों को डेरे के अंदर न जाने देने व मीडिया को महाराज आशुतोष के दर्शन करवाने की बात पर स्वामी विशालानंद जी ने कहा कि यह गुरु महाराज की इच्छा पर निर्भर है।

आगे भी महाराज आशुतोष की इच्छा के बिना किसी को उनसे मिलाया नहीं जाता था। वे पहले भी मीडिया में नहीं आते थे और डेरे के सिद्धांत के मुताबिक वे अब भी मीडिया में नहीं आएंगे।

स्वामी विशालानंद ने कहा कि महाराज आशुतोष अकसर कमरे की कुंडी लगाकर कई घंटे समाधि में चले जाते थे लेकिन दो दिन पहले जब महाराज आशुतोष समाधि में गए तो कमरे की कुंडी खुली क्यों रखी गई थी?

इस पर डेरा प्रबंधकों ने कहा कि यह वे नहीं बता सकते। स्वामी विशालानंद से जब वीडियोग्राफी करवाकर दिखाने की बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।

स्वामी विशालानंद ने कहा कि डॉ. करतार, डॉ. हरपाल, डॉ अशोक ने चेक किया था। महाराज अभी भी गहन समाधि में है और उनकी नब्ज शून्य है। यह मेडिकल साइंस से ऊपर की अवस्था है, जिसका ज्ञान अध्यात्म में ही है।

वहीं तीसरे दिन भी प्रशासन की चुप्पी बरकरार रही। डिप्टी कमिश्नर या मातहत अधिकारी मीडिया से कन्नी काटते रहे।

डेरे में प्रबंधन व संचालन पर विवाद!
स्वामी विशालानंद ने उन अटकलों का खंडन किया कि डेरे में प्रबंधन व संचालन को लेकर विवाद उठ रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान चलाने के लिए एक गवर्निंग बॉडी बनी हुई है। डेरे में दो ही पदवी हैं, एक गुरु महाराज की दूसरी शिष्य की। ऐसे में विवाद का सवाल ही नहीं है।

डेरा नूरमहल के पास बन रहा हेलीपैड
डेरा नूरमहल से चंद किलोमीटर दूर गांव लित्तरां में हेलीपैड बनाए जाने की खबर से डेरा प्रबंधकों ने इसकी जानकारी होने से इंकार किया है।

डेरा प्रबंधकों ने कहा कि हेलीपैड प्रशासन तैयार कर रहा है, इसकी जानकारी डेरे को नहीं है। प्रशासन क्यों हेलीपैड तैयार कर रहा है, यह वे खुद ही बता सकते हैं।

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वसुंधरा ने पलटा कांग्रेस का बड़ा फैसला

Rajasthan too scraps FDI in multi-brand retailing
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की पूर्व सरकार की अनुमति को पलट दिया है।

राजस्थान देश के उन 12 राज्यों में शामिल था जिसने विदेशी कंपनियों को अपने यहां सुपर स्टोर खोलने की अनुमति दी थी।

इससे पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने भी खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने वाले पूर्व सरकार के फैसले को वापस ले लिया था।

फैसले को पलटे जाने के बारे में राजस्थान की मुख्यमंत्री की ओर से वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा को एक पत्र प्राप्त हुआ है।

राजस्थान सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की है कि एफडीआई की अनुमति देने वाले आदेश को वापस लेने के बारे में शर्मा को पत्र लिखा गया है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय को पत्र मिल गया है। साल 2012 में केंद्र सरकार ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी थी।

इसके साथ ही राजस्थान सहित देश के अधिकतर कांग्रेस शासित राज्यों ने अपने यहां भी इसकी अनुमति दी थी।