Thursday, January 16, 2014

अब दिखेगा छोटा भीम का बड़ा कमाल

cartoon chhota bheem
बच्चों के बीच चर्चित किरदार भीम अब देश में सुरक्षित राइडिंग के गुर सिखाएगा। होंडा मोटर साइकिल और स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए छोटा भीम के साथ हाथ मिलाया।

होटल ललित में होंडा के छोटा भीम के साथ करार के वक्त छोटा भीम का मस्कट आया और उसने बच्चों के साथ मस्ती की। सड़क सुरक्षा और सुरक्षित राइडिंग का यह अभियान जल्द 11 शहरों में शुरू किया जाएगा।

इनमें ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, जयपुर, इंदौर, भुवनेश्वर, अहमदाबाद, चेन्नई, नागपुर आदि शामिल हैं।

मौजूद होंडा कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ कीटा मुरामात्सु ने कहा कि छोटा भीम न केवल बच्चों में बल्कि अभिभावकों में भी लोकप्रिय है, ऐसे में राइडिंग संबंधी संदेश को लोगों तक पहुंचाने में यह सक्षम होगा।

Wednesday, January 15, 2014

यूपी में कुमार विश्वास पर फिर चले अंडे

egg thrown on kumar vishwas once again
विरोधियों का 'अंडा' बम कुमार विश्वास का पीछा नहीं छोड़ रहा है।

पिछले दिनों लखनऊ में एक सपा कार्यकर्ता ने आम आदमी पार्टी के नेता विश्वास पर अंडा क्या फेंका, अब यह ट्रेंड ही बन गया है।

बुधवार को भी अमेठी में जन सभा के दौरान एक युवक ने विश्वास पर अंडा फेंक दिया।

जब तक कोई कुछ समझ पाता, वह युवक सभा स्‍थल से फरार हो गया। गौरतलब है कि रविवार को अमेठी में जनविश्वास रैली के दौरान भी विश्वास पर अंडा फेंका गया था।

हालांकि, उस दिन कांग्रेसियों ने जमकर विरोध किया था। अंडे के साथ विश्वास पर जला हुआ मोबिल ऑयल भी फेंका था और काले झंडे भी दिखाए थे।

विश्वास ने कहा था कि वह इन अंडों, डंडों और झंडों से डरने वाले नहीं हैं।

इससे भले ही विश्वास के मंसूबों पर कोई फर्क न पड़ा हो, पर एक बात तो साफ हो गई है कि इससे विश्वास को सुर्खियों में बने रहने का मौका जरूर मिल जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी या आम आदमी पार्टी की ओर से इस पूरे मसले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यूपी में कुमार विश्वास पर फिर चले अंडे

egg thrown on kumar vishwas once again
विरोधियों का 'अंडा' बम कुमार विश्वास का पीछा नहीं छोड़ रहा है।

पिछले दिनों लखनऊ में एक सपा कार्यकर्ता ने आम आदमी पार्टी के नेता विश्वास पर अंडा क्या फेंका, अब यह ट्रेंड ही बन गया है।

बुधवार को भी अमेठी में जन सभा के दौरान एक युवक ने विश्वास पर अंडा फेंक दिया।

जब तक कोई कुछ समझ पाता, वह युवक सभा स्‍थल से फरार हो गया। गौरतलब है कि रविवार को अमेठी में जनविश्वास रैली के दौरान भी विश्वास पर अंडा फेंका गया था।

हालांकि, उस दिन कांग्रेसियों ने जमकर विरोध किया था। अंडे के साथ विश्वास पर जला हुआ मोबिल ऑयल भी फेंका था और काले झंडे भी दिखाए थे।

विश्वास ने कहा था कि वह इन अंडों, डंडों और झंडों से डरने वाले नहीं हैं।

इससे भले ही विश्वास के मंसूबों पर कोई फर्क न पड़ा हो, पर एक बात तो साफ हो गई है कि इससे विश्वास को सुर्खियों में बने रहने का मौका जरूर मिल जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी या आम आदमी पार्टी की ओर से इस पूरे मसले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

महंगाई हुई कम, अब सस्ता होगा कर्ज!

inflation rate down and its time of cheaper loan
खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई से भी बड़ी राहत मिली है। दिसंबर में थोक महंगाई दर घटकर 6.16 फीसदी पर आ गई है, जबकि नवंबर में यह 7.52 फीसदी थी।

महंगाई के तेवर ढीले करने में सबसे ज्यादा मदद फल-सब्जियों, दालों और चीनी की कीमतों में नरमी से मिली है। हालांकि, थोक महंगाई दर 5 महीने में सबसे कम है, लेकिन अर्थशास्त्री इस मौसमी राहत को ज्यादा तवज्जो देने से बच रहे हैं। उद्योग जगत और कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि महंगाई में नरमी आने से 28 जनवरी की अगली मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हो गया है। इससे कर्ज कीब्याज दरों में कुछ राहत ही मिलने की उम्मीद है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई महीने दर महीने आधार पर 19.93 फीसदी से घटकर 13.68 फीसदी रह गई। सर्दियों के चलते सब्जियों की महंगाई 95 फीसदी से घटकर 57 फीसदी पर आ गई है, जबकि फलों की महंगाई 13.73 फीसदी से घटकर 9.07 फीसदी रही। रसोई का बजट बिगाड़ने वाले प्याज की महंगाई 190 फीसदी से घटकर 39 फीसदी रह गई है। प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई भी नवंबर के 15.92 फीसदी से घटकर 10.78 फीसदी पर आ गई है।

बुनियादी चुनौती अब भी कायम
अर्थशास्त्री डॉ. अशोक लाहिरी ने कहना है कि मौसमी प्रभाव के चलते थोक महंगाई कम हुई है। यह अच्छी खबर है, लेकिन महंगाई की बुनियादी चुनौतियां अभी भी कायम है। सीजनल फैक्टर के बावजूद थोक महंगाई दर अभी भी 6 फीसदी से ऊपर है। इसलिए इस राहत को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि गत दिसंबर में भी ईंधन और ऊर्जा की महंगाई 11 फीसदी के करीब बनी हुई है, जबकि फैक्ट्री में बने सामानों पर भी महंगाई कम नहीं हुई है।

चीनी, खाद्य तेल और दालें सस्ती
दिसंबर के दौरान खाने-पीने से जुड़ी कई वस्तुओं की महंगाई से राहत मिली है। दालों की कीमतें करीब 7 फीसदी गिरी हैं, जबकि चीनी के दाम करीब 6 फीसदी कम हुए हैं। खाद्य तेलों की कीमतों में भी करीब 6 फीसदी की गिरावट आई है। फल-सब्जियों की महंगाई कम होने के बावजूद आलू की महंगाई दर 27 फीसदी से बढ़कर 55 फीसदी तक पहुंच गई है।

सोने, चांदी की कीमतों में आई गिरावट

gold and silver prices fell down
एक दिन के अंदर ही सोने और चांदी की कीमतों में काफी गिरावट दर्ज की गई हैं।

विदेशी बाजारों में कमजोरी के बीच घरेलू स्तर पर स्टॉकिस्टों की बिकवाली से दिल्ली सराफा बाजार में सोने के भाव 365 रुपये घट कर 30,035 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गए। चांदी की कीमत में भी 420 रुपये की नरमी रही और यह 44,700 रुपये प्रति किलो पर आ गई।

ग्लोबल स्तर पर कारोबारी धारणा कमजोर रहने से सिंगापुर में सोना 0.5 फीसदी घटकर 1,239 डॉलर प्रति औंस पर रहा। चांदी में 0.3 फीसदी की कमजोरी रही और भाव 20.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गए।

घरेलू बाजार में सोने की अठग्रामी गिन्नी 100 रुपये घटकर 25,000 रुपये के भाव पर रही। चांदी सिक्के के भाव 85,000 रुपये प्रति सैकड़ा लिवाली और 86,000 रुपये प्रति सैकड़ा बिकवाली पर स्थिर रहे।

यहां भी एक आम आदमी चला रहा शासन

one aam aadmi ruling in dubai
दुबई के शासक हैं शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल मक़तूम। साल 2006 से ही देश के प्रधानमंत्री हैं। इनकी पारिवारिक संपत्ति क़रीब चार अरब डॉलर यानी लगभग 27 हज़ार करोड़ रूपयों से ज़्यादा की है।

शानों-शौक़त और सुख सुविधाओं का भरा-पूरा अमला भी उनके आसपास नज़र आता है। लेकिन दुबई की चमक-दमक और शानों-शौक़त के बीच शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल मक़तूम एक तरह की सादगी भी अपनाते रहे हैं।

उनकी जीवन-शैली के बारे में जानने के लिए बीबीसी संवाददाता जॉन सोपल उनसे मिलने उनके शाही महल पहुंचे।

शेख़ साहब ने अपना महल ख़ु्द दिखाते हुए बताया कि उनके दादा के समय से ही यह महल ऐसा ही है। शेख ने बताया, "जब हमारा जन्म हुआ था, तब दुबर्ई में लाइट नहीं थी, लालटेन होता थी। पानी भी नहीं।"

शेख़ ऐसे शासक हैं, जहां कोई भी आम नागरिक, कभी भी उनके पास अपनी समस्या लेकर पहुंच सकता है। महल का एक हिस्सा ऐसा है जहां रोज़ाना आम जनता अपनी समस्या लेकर पहुंचती है और निर्धारित समय पर शेख़ साहब ख़ुद ही समस्याएं सुनते हैं और उसका हल निकालने की कोशिश करते हैं।

गाड़ी चालक शेख़
शेख़ साहब ने अपना फ़ोन नंबर भी आम जनता के लिए मुहैया कराया है। वे बताते हैं, "मेरे पास दो नंबर है, एक व्यक्तिगत है और दूसरा आम लोगों के लिए। लोग इसे जानते हैं और मुझे कभी भी फ़ोन करते रहते हैं।"

इतना ही नहीं, दुबई पर शासन करने वाले और अरबों की संपत्ति के मालिक शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल मक़तूम बीते दस वर्षों से एक ही फ़ोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्मार्टफ़ोन के ज़माने में यह एक तरह की सादगी ही है।

शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल मक़तूम, दुबई के प्रधानमंत्री बताते हैं ‌कि "मेरे पास दो नंबर है, एक व्यक्तिगत है और दूसरा आम लोगों के लिए। लोग इसे जानते हैं और मुझे कभी भी फ़ोन करते रहते हैं।"

इतना ही नहीं, गगनचुंबी इमारतों और अपने पुरखों के बसाए गए शहर को बीबीसी संवाददाता जॉन सोपल को दिखाने का ज़िम्मा राशिद ने अपने किसी मातहत को नहीं सौंपा। वे ख़ुद ही मर्सिडीज़ की एसयूवी पर बीबीसी संवाददाता को लेकर निकल पड़े।

उन्होंने सोपल को भरोसा दिलाते हुए कहा, "मैं गाड़ी बहुत अच्छी तरह से चलाता हूं।"


'आप' में नहीं थमे बगावत के सुर, गोपीनाथ ने खोला मोर्चा

captain gopinath tina sharma question aap policies
आम आदमी पार्टी में बगावत के सुर थमते नजर नहीं आ रहे हैं।

विधायक विनोद कुमार बिन्नी के बाद अब कैप्टन गोपीनाथ और टीना शर्मा ने 'आप' की नीतियों और तरीकों पर सवाल उठाए हैं। ये दोनों नेता हाल ही में पार्टी में शामिल हुए हैं।

कैप्टन गोपीनाथ ने रिटेल में एफडीआई संबंधी फैसला पलटने के लिए केजरीवाल सरकार की तीखी आलोचना की। गोपीनाथ ने कहा, 'सरकार के ये कदम स्‍थानीय कारो‌बारियों के लिए मददगार नहीं है।'

बिन्नी फिर हुए बागी, AAP और केजरीवाल पर हमला

वहीं टीना शर्मा ने 'आप' के लोकसभा प्रत्याशियों के चयन पर भी सवाल उठाए।

टीना ने कहा, 'पहले ही दिल्ली के लिए पांच लोकसभा प्रत्याशियों का नाम तय हो चुका है। इनमें शाजिया इल्मी, आशुतोष, गोपाल राय, दिलीप पांडे और आशीष तलवार शामिल हैं। तो फिर आम लोगों से भला फॉर्म भरवाने का क्या तुक है?'

कहां हैं महिला कमांडो?
शर्मा ने कहा, 'मेरा मानना है कि पार्टी 2013 के घोषणापत्र पर काम करने के बजाय 2014 के घोषणापत्र पर काम कर रही है। जनता यह सवाल जरूर पूछेगी। सरकार महिलाओं की सुरक्षा को नकार रही है। उन्होंने पूछा कहां हैं महिला कमांडो? महिलाओं के मुद्दे पर क्या हुआ?'

इससे पहले विनोद कुमार बिन्नी ने अरविंद केजरीवाल के लिए नया सिरदर्द पैदा कर दिया।

बिन्नी ने अपनी पार्टी के तौर-तरीकों पर हमला बोला और बातों-बातों में संकेत दिया कि वह केजरीवाल की वजह से AAP के साथ नहीं आए हैं। आम आदमी पार्टी ने बिन्नी की बगावत पर कड़ा रुख दिखाया है।

लक्ष्मी नगर से विधायक और इससे पहले मंत्री न बनाए जाने से खफा हो चुके विनोद कुमार बिन्नी ने कहा कि आम आदमी पार्टी मुद्दों को लेकर भटक चुकी है।

बिन्नी ने कहा, 'पार्टी की कथनी-करनी में फर्क दिख रहा है। मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा हूं और ब्योरेवार तरीके से अपनी बात रखूंगा। मेरा मानना है कि केजरीवाल सरकार मुद्दों से भटक रही है।'