Tuesday, January 14, 2014

करामाती तकनीक: कोहरे को चीर देंगी ट्रेन

New technique used by railways
वो दिन अब दूर नहीं है जब घने कोहरे में भी ट्रेने पूरी रफ्तार से धडधडाते हुए दौडेंगी। रेलवे ने कोहरे में रेलगाडियों का परिचालन शुरू करने के लिये व्यापक तकनीकी उपाय लागू करने का फैसला किया है।

इसके अंतर्गत रेलवे स्वचालित सिग्नल प्रणाली को तरंग आधारित करने के साथ ही तीन हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबे मार्ग पर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली लगायी जाएगी।

रेलवे सूत्रों के अनुसार स्वचालित सिग्नल प्रणाली को तंरग आधारित बनाने और इंजन में तरंग सिग्नल को ग्रहण करने की क्षमता बनाने से कोहरे में रेलगाडी का संचालन में आसानी होगी। लोको पायलट को तरंग सिग्नल की मदद से गति बनाये रखने में मदद मिलेगी।

लेकिन सिग्नल में किसी तरह की चूक की संभावना से दुर्घटना की आशंका को खत्म करने के लिये स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली भी लगायी जाएगी।

मांग बढ़ने से फिर महंगा हुआ सोना

gold priec rise hike again
बाजार में एक बार फिर मांग बढ़ने से सोना महंगा हो गया है। सोने की कीमत पिछले दिनों से लगातार बढ़ रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी और शादी-ब्याह के सीजन के मद्देनजर थोक बाजार में खरीदारी बढ़ने से दिल्ली सराफा बाजार में सोना 200 रुपये मजबूत होकर 30,400 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया।

औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी भी 320 रुपये की तेजी लेकर 45,120 रुपये प्रति किलो हो गई। सोने की रिकवरी का असर गिन्नी पर नहीं हुआ और आठग्रामी गिन्नी के भाव 25,100 रुपये प्रति पर टिके रहे। चांदी सिक्का लिवाली 85,000 और बिकवाली 86,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर रहे।

न्यूयार्क में सोने के भाव 0.30 फीसदी बढ़कर 1,252.40 डॉलर प्रति औंस हो गए। चांदी 1.17 फीसदी ऊपर 20.41 डॉलर प्रति औंस पर बोली गई।

केजरीवाल की गाड़ी के सामने क्यों लेटा?

lying undressed in front of car
भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के साथ दिल्ली की सत्ता में आए अरविंद केजरीवाल को अपना आदर्श मानने वाला ग्वालियर का एक युवक सोमवार को कपड़े उतारकर सीएम की गाड़ी के सामने लेट गया।

अरविंद से मिलने की जिद पर अड़ा युवक ग्वालियर से लोकसभा टिकट की भी मांग कर रहा था। हालांकि सुरक्षाकर्मियों के हटाने के बाद अरविंद दिल्ली रवाना हो गए।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की कार जैसे ही सोसायटी गेट से बाहर निकली ग्वालियर से मिलने पहुंचे मनोज अर्धनग्न अवस्था में अरविंद की कार के सामने लेट गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे उठाकर किनारे कर दिया।

arvind kejriwal

मनोज ने बताया कि वह पिछले कई साल से समाजसेवा के क्षेत्र में है। अरविंद केजरीवाल को अपना आदर्श मानता है। अरविंद से मिलकर ग्वालियर लोकसभा टिकट के लिए अपील करना चाहता है। वह भ्रष्टाचार की लड़ाई ग्वालियर में लड़ेगा। हालांकि अरविंद उससे बिना मिले ही दिल्ली सचिवालय के लिए रवाना हो गए।

उधर अरविंद की एक झलक पाकर अपनी समस्या बताने के लिए फरियादी सुबह अरविंद के गिरनार अपार्टमेंट स्थित आवास पर पहुंचे। हालांकि अरविंद ने किसी से मुलाकात नहीं की। वॉलंटियर्स ने शिकायत सेल में अपनी शिकायत लिखकर देने की सलाह सभी को दी।

350 सीटों पर कांग्रेस-बीजेपी को टक्कर देगी ‘आप’

Aap fight on 350 seats in loksabha election
लोकसभा चुनाव में उतरने जा रही आम आदमी पार्टी ने सीटों की संख्या का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 350 सीटों पर विरोधियों को टक्कर दी जाएगी।

इसमें हिंदी भाषी राज्यों की ज्यादातर सीटें शामिल होंगी। 20 जनवरी तक पार्टी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट भी जारी कर देगी।

दरअसल, दिल्ली चुनाव के बाद पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में उन्हीं सीटों से प्रत्याशी उतारा जाए, जहां पार्टी का सांगठनिक ढांचा कमोबेश मौजूद है।

इसके लिए 309 जिलों पर नजर थी। इसके आधार पर तैयारियां शुरू की गई थीं, लेकिन उम्मीदवारी के लिए देशभर से आए आवेदनों और सदस्यता अभियान में मिल रहे बेहतर रिस्पांस के आधार पर पार्टी ने तय किया है कि करीब 350 सीटों पर उम्मीदवारों को उतारा जाए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने बताया कि लोकसभा अभियान शुरू कर दिया गया है। देशभर में रैलियां चल रही हैं। हमारी कोशिश होगी कि करीब 350 सीटों पर चुनाव लड़ा जाए।

इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब की सभी सीटों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड की सीटें भी शामिल होंगी। हालांकि, इसका आखिरी फैसला सदस्यता अभियान के बाद लिया जाएगा।

बुधवार शाम तक ऑनलाइन होंगे आवेदन
लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी के लिए देशभर से दो हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं जिन्हें शार्ट लिस्ट किया जा रहा है। उम्मीद है कि पहली शार्ट लिस्ट बुधवार शाम तक ऑनलाइन हो जाएगी।

एक सीट पर तीन से पांच लोगों के नाम होंगे। फिर देशवासियों से राय ली जाएगी। इसके बाद पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति उम्मीदवारों के नाम पर आखिरी फैसला करेगी।

प्रवासी कार्यकर्ता जाएंगे अपने प्रदेश
पार्टी दिल्ली के सक्रिय प्रवासी कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल लोकसभा चुनावों में करेगी। इसके लिए उन्हें अपने राज्यों में भेजा जाएगा। पार्टी का मानना है कि इसका दोहरा फायदा मिलेगा।

इस तरह के कार्यकर्ताओं में जहां अपने मूल निवास स्थान की जानकारी होगी, वहीं दिल्ली के चुनावी मॉडल की भी इनमें समझ है। रणनीतिकारों की राय में प्रवासी व स्थानीय कार्यकर्ताओं की जुगलबंदी चुनावी अभियान को रफ्तार देने में मददगार होगी।

स्पीक एशियाः आपका डूबा पैसा मिलेगा वापस?

speak asia : your's money will be back
कॉरपोरेट मामलों के केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट का कहना है कि उनका मंत्रालय कंपनियों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। नया कंपनी कानून इस मामले में अहम साबित होगा। कॉरपोरेट समूहों द्वारा राजनीतिक दलों को दी जाने वाली रकम को वह गलत नहीं मानते हैं, लेकिन उनका मानना है कि रकम देने की प्रक्रिया का पारदर्शी होना जरूरी है। घोटाले करने वाले लोगों को पकड़ने के साथ यह भी जरूरी है कि प्रभावित लोगों को उनकी डूबी रकम वापस मिले। इन तमाम मुद्दों पर कॉरपोरेट अफेयर्स मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सचिन पायलट ने अमर उजाला के सीनियर एडिटर हरवीर सिंह और संवाददाता प्रशांत श्रीवास्तव के साथ लंबी बातचीत की। पेश हैं इसके मुख्य अंश:

प्रश्न-राजनीतिक दलों को कॉरपोरेट फंडिंग को लेकर कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं, ऐसे में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
उत्तर- हमने इसके लिए एक अहम कदम उठाया है। राजनीतिक दलों को फंडिंग करने वाली कंपनियों को अब अलग से इलेक्शन ट्रस्ट बनाना अनिवार्य होगा। जिसके जरिए कंपनियां फंडिंग कर सकेंगी। इसके लिए कंपनी कानून में प्रावधान किया गया है। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक होगा। इसमें� कंपनी को केवल यह बताना होगा कि उसने ट्रस्ट को कितनी राशि दी है। ट्रस्ट किस राजनीतिक दल को कितनी राशि देता है, उसे डिसक्लोज करने की जिम्मेदारी केवल ट्रस्ट पर होगी।

प्रश्‍न-पिछले दो-तीन साल से भ्रष्टाचार और घोटालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शारदा घोटाला, स्पीक एशिया, रीबॉक और एनएसईएल घोटाले जैसे कई मामले सामने आए हैं, जहां आम निवेशक की पूंजी डूबी है, इस दिशा में सरकार की कार्रवाई और जांच की क्या स्थिति है?
उत्तर- हमारी कोशिश केवल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी है कि जिन लोगों की जमा पंजी डूबी है उनको किस तरह से उनका पैसा वापस दिलवाएं। हमने मंत्रालय में ऐसे लोगों को एसएफआईओ में रखा है, जो कानूनी जानकारी के साथ तकनीक के मामले में भी एक्सपर्ट हों। इन मामलों में कई एजेंसियों जैसे सेबी, ईडी, आर्थिक अपराध शाखा और मंत्रालयों के बीच तालमेल की जरूरत होती है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि हाई प्रोफाइल केस को जांच के लिए चुनने के पहले यह देखिए की क्या आप कार्रवाई के जरिए केस को कारगर नतीजे तक पहुंचा सकते हैं। अगर जवाब हां है तो ही जांच करें।

प्रश्‍न-हाल के घोटालों में सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी खास तौर से दिखी है। एनएसईएल मामले में जांच की क्या स्थिति है?
उत्तर- मंत्रालय में हमने ऐसे लोगों को अहम जिम्मेदारी दी है, जो तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ ही सरकार की एजेंसियों के बीच बेहतर सामंजस्य बना सकते हैं। इसके लिए हम हर तीसरे महीने डाटा की साझेदारी कर उनकी समीक्षा कर रहे हैं। कंपनी कानून में सेल्फ रिपोर्टिंग, सेल्फ डिसक्लोजर जैसे प्रावधान किए गए हैं। जहां तक एनएसईएल घोटाले में कंपनी कानून के उल्लंघन की बात है तो इसकी जांच पूरी हो गई है। अंतिम रिपोर्ट जल्द आ जाएगी, जिसके बाद आगे कार्रवाई होगी। दूसरी संबंधित एजेंसियां काम कर रही हैं, चार्जशीट भी दायर हुई है और कार्रवाई सही दिशा में जारी है।

प्रश्न-नया कंपनी कानून 1956 के कानून की जगह लेने जा रहा है। यह कानून लागू करने की प्रक्रिया कब तक पूरी हो जाएगी?
उत्तर- करीब 11 साल की कवायद के बाद नया कंपनी कानून पारित हुआ है। जहां तक कंपनी कानून के लागू होने के समय की बात है, तो अभी तक तीन चौथाई कानून बना दिए गए हैं। हमें 100 फीसदी भरोसा है कि नया कंपनी कानून अप्रैल 2014 से लागू हो जाएगा।

प्रश्न-एलएलपी में एफडीआई की अनुमति पर मंत्रालय का क्या रुख है?
उत्तर-एलएलपी में काफी छोटी कंपनियां है। इसमें एफडीआई को लेकर कई तरह की राय सामने आ रही है। कुछ एलएलपी को इस बात की आशंका है, कि एफडीआई आने से उनका धंधा चौपट हो जाएगा। वहीं कुछ एफडीआई के जरिए अपना धंधा बढ़ाना चाहते हैं। ऐसे में इंडस्ट्री स्तर पर एक आम सहमति बनाने की कोशिश है।

प्रश्न-निवेशकों को जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे है?
उत्तर- जागरूकता बढ़ाने की जिम्मेदारी मंत्रालय की है। इस दिशा में हम कदम उठा रहे हैं। हमने समाचार माध्यमों के अलावा, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और संस्थानों के जरिए लोगों को जागरूक करने का रोडमैप तैयार किया है। जिससे लोगों को झांसा देने वालों के चंगुल से बचा सकें।

प्रश्न-सीएसआर प्रवाधान को लेकर कॉरपोरेट जगत की चिंताएं अभी बरकरार हैं, इस पर आप का क्या कहना है?
उत्तर-सीएसआर में हमने दायरे को काफी खोल दिया है। कंपनी कानून में यह प्रावधान कर दिया गया है कि सीएसआर के तहत कंपनियां सरकार के सुझावों के अलावा अपनी इच्छानुसार किसी भी क्षेत्र में खर्च कर सकती हैं। खर्च के लिए बोर्ड के तहत बनी सीएसआर समिति द्वारा तय प्रस्ताव की बोर्ड से मंजूरी लेनी होगी। साथ ही कंपनी को अपने फैसले की जानकारी वेबसाइट पर भी डालनी होगी। सीएसआर के जरिए साल में हमें 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।

प्रश्‍न-आप पार्टी की चुनौती के साथ-साथ युवा पीढ़ी की उम्मीदें भी राजनीतिक दलों से बढ़ी हैं।
उत्तर- भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए हमें ऊपर से सफाई करनी होगी। यूपीए सरकार ने आरटीआई, लोकपाल जैसे कदम उठाए हैं। कानून बनाने से ज्यादा उसको अमल में लाने की जरूरत है। इतिहास हमें इस बात पर परखेगा कि हमने लोगों को क्या आर्थिक मौके दिए हैं। हमें कौशल विकास पर जोर देना होगा, जिससे देश में मैन्यूफैक्चरिंग का मॉडल खड़ा हो सके।

नेवी में 300से ज्यादा भर्ती, करें आवेदन

Recruitment in Naval Dockyard
नौसेना पोतवाहक मुंबई में फिटर, इलेक्ट्रिशियन, सिविल वर्क, मैकेनिस्ट आदि समूह सी के ‌विभिन्न पदों पर कुशल ट्रेडमैनों के कुल 349 पदों को भरने के लिए रिक्तियां जारी की गई हैं।

वेतनमान के तौर पर इन पदों के लिए 5200-20200 तथा ग्रेड पे 1900 रुपये निर्धारित है।

शैक्षिक योग्यता के तहत आवेदक दसवीं कक्षा या समकक्ष उत्तीर्ण हो।

इसके अतिरक्ति आवेदक के पास नेशनल काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग द्वारा जारी संबंधित ट्रेड में नेशनल अप्रैंटि‌शिप सर्ट‌िफिकेट हो।

इन पदों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा अधिकतम आयु 25 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग को नियमानुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की गई है। आयु की गणना 3 फरवरी, 2014 से की जाएगी।

इन पदों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 20 जनवरी, 2014 से की जाएगी तथा पंजीकरण की अंतिम तिथि 3 फरवरी, 2014 निर्धारित है।

अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आवेदक नौसेना पोतवाहक, मुंबई की वेबसाइट https://www.godiwadabhartee.com/ पर लॉग ऑन करें।

विवादों में फंसी केजरीवाल की टोपी

kejriwal cap in controversy
आम आदमी पार्टी के मुखिया एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टोपी अब विवादों के घेरे में आ गई है। बुढ़ाना के अधिवक्ता एहतेशाम सिद्दीकी ने केजरीवाल को नोटिस भेजकर पार्टी के चुनाव चिह्न झाड़ू को टोपी पर लगाने को गलत ठहराया है।

तर्क है कि सर्वसमाज के लोग टोपी पहनकर धार्मिक और सामाजिक कार्य करते हैं। टोपी से झाडू का चुनाव चिह्न हटाने की मांग की गई है।

पढ़ें, 'बेनी के दिमाग का इलाज कराए कांग्रेस'

बुढ़ाना निवासी एहतेशाम सिद्दीकी ने अपने अधिवक्ता सुरेश चंद्र गर्ग के माध्यम से सोमवार को अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया। सिद्दीकी का कहना था कि आप के सदस्य नाव नुमा टोपी पर झाड़ू का चुनाव चिह्न प्रयोग कर रहे हैं। टोपी हिंदू, मुस्लिम, इसाई और अन्य सभी धर्मों में सम्मान का प्रतीक है।

सामाजिक कार्यों में भी टोपी को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में झाड़ू का निशान टोपी पर बनाकर उसे पहनना अच्छा नहीं है। ऐसे कृत्य से सामाजिक मूल्यों के गिरने की तीव्र संभावना पैदा हो गई है।

15 दिन के अंदर टोपी से झाड़ू का निशान हटाने के लिए कहा गया। जवाब नहीं मिला तो सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने की चेतावनी भी दी गई है।