सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली फरीदाबाद पुलिस का नए साल में एक ऐसा चेहरा सामने आया जिसकी आमतौर पर उम्मीद नहीं की जा सकती। ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने वर्दी के रौब में आकर एक महिला और उसके पति की पिटाई कर दी।
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साइबर कैफे में युवक की हत्या
मामले की शिकायत एसीपी के पास पहुंची तो उन्होंने आरोपी सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया। सेक्टर-23 में रहने वाला ऑटो चालक सूरज अपनी पत्नी के सीमा के साथ एनआईटी में बच्चे की दवा लेने के लिए आया था। सूरज के साथ ऑटो में उसकी बहन गुड़िया, उसके बच्चे संगम व सन्नी भी बैठे हुए थे।
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जब शराबियों की हरकत देख पुलिस ने लगाए ठहाकेसुबह 11 बजे जब सूरज बच्चों को दवा दिलाकर परिवार के साथ लौट रहा था तो एनएच-एक चौक पर भीड़ होने के कारण सूरज का ऑटो जाम में फंस गया। तभी सड़क के दूसरी तरफ खड़ा ट्रैफिक पुलिस का सिपाही पवन कुमार जाम खुलवाने के लिए आ गया। पवन ने सूरज के ऑटो को आगे बढ़वाने के लिए उस पर डंडा मारा।
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रेप के मामलों में टूटा पांच साल का रिकॉर्डसूरज ने विरोध जताया तो सिपाही ने सूरज को थप्पड़ जड़ दिए। सूरज की पत्नी ने जब सिपाही का विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सिपाही ने सूरज से कहा कि हार्डवेयर चौक पर ऑटो का चालान कटवाया जाएगा। सूरज ऑटो लेकर हार्डवेयर की तरफ चल दिया।
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ये क्या! ताला तोड़कर चुराई सिगरेटइसके बाद सिपाही ने हार्डवेयर चौक पर सूरज का ऑटो रुकवा दिया और वहां भी उसके साथ मारपीट की। ऐसे में आसपास खडे़ ऑटो चालकों ने सिपाही के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और जाम लगा दिया।
मामले की सूचना मिलने पर एसीपी दलबीर सिंह (मुजेसर) कोतवाली थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी ने सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद ऑटो चालकों ने जाम खोल दिया।
एक तरफ गुलाब, दूसरी ओर मारपीटएक तरफ पुलिस लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए गुलाब का फूल देने का दिखावा कर रही है तो दूसरी ओर उसके कर्मचारी आम जनता से इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं। सवाल यह है कि पुलिस पहले जनता की मानसिकता बदलेगी या फिर अपने ऐसे कर्मियों की।