Thursday, January 2, 2014

पूर्व राजनयिक हरदीप पुरी भाजपा में शामिल

former diplomat hardeep puri joins bjp
संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व राजनयिक हरदीप पुरी बृहस्पतिवार को भाजपा में शामिल हो गए।

1974 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी पुरी अपने 39 साल के कार्यकाल के दौरान विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय में कई वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं। 2011 और 2012 में संयुक्त राष्ट्र में पुरे ने सुरक्षा परिषद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। इसकी आतंक रोधी कमेटी के भी वह अध्यक्ष थे।

हाल ही में भाजपा का दामन थामने वाले वह कोई पहले राजनयिक नहीं हैं। उनसे पहले पूर्व गृह सचिव आरके सिंह और पेट्रोलियम सचिव आरएस पांडे भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। गत 13 दिसंबर को उनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे सुनील शास्त्री और रेलवे के रिटायर्ड अधिकारी धरम सिंह भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो गए थे।

माना जा रहा है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पुरी को भाजपा में शामिल कराने में प्रमुख भूमिका निभाई है।

पुरी और जेटली के बीच अच्छे संबंध हैं। पार्टी में पुरी का स्वागत करते हुए राजनाथ सिंह ने, 'हम ट्रेड पॉलिसी, विदेशी मामलों और सुरक्षा के क्षेत्र में उनके अनुभव का उपयोग करेंगे।'

इस मौके पर पुरी ने कहा कि वह भाजपा से जुड़कर काफी खुश हैं क्योंकि इस पार्टी में राष्ट्रीयता की ज्यादा झलक मिलती है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के तले पार्टी के लिए काम करने को तैयार हैं।

इलाहाबाद विवि में बवाल, फायरिंग, आगजनी

demanding removal of UPPSC chairman students clash with police in allahabad
भाजपा विधायक के भाषण के बाद ही माहौल बिगड़ा। छात्रों के आंदोलन में अराजकतत्व भी शामिल थे। उपद्रव करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है।

- उमेश कुमार, एसएसपी

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अनियमितता के मसले पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में भारी उपद्रव हुआ।

बृहस्पतिवार को शांति मार्च से पहले सभा कर रहे प्रतियोगी छात्रों पर पानी की बौछारें फेंकी और लाठीचार्ज किया गया। इससे भड़के छात्रों ने पुलिस पर पथराव व बमबाजी की। एएसपी की बोलेरो में आग लगा दी। पुलिस ने भी फायरिंग की।

पुलिस अधिकारियों समेत 50 लोग घायल
दो घंटे तक चले बवाल में पुलिस अधिकारियों समेत 50 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, भाजपा विधायक के भाषण के बाद माहौल बिगड़ा। छात्रों को भड़काने के आरोप में भाजपा नेता समेत 28 को गिरफ्तार किया गया है।

लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों ने बृहस्पतिवार को इलाहाबाद बंद का ऐलान किया था। तैयारी थी कि छात्र दोपहर से पहले विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर सभा करेंगे, उसके बाद शांति जुलूस निकालेंगे।

तस्वीरों में, कैसे हुआ छात्रों और पुलिस के बीच संघर्ष

प्रतियोगी छात्र विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर जुटे। सभा चल रही थी, शांति मार्च की तैयारी थी लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। पुलिस ने छात्रों को वहीं से खदेड़ने की कोशिश की। छात्र शांति मार्च निकालने पर अड़े रहे तो उन पर पानी की बौछार कर दी गई।

उस दौरान वहां छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप सिंह और कई भाजपा नेता भी थे। भाजपा विधायक केशव प्रसाद मौर्य ने छात्रों को संबोधित भी किया। पानी की बौछार छोड़ने के बाद भी छात्र नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

भाग खड़े हुए पुलिस वाले
छात्रों के तेवर देख पुलिस वाले भाग खड़े हुए। गुस्साए छात्रों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ तो की ही, एएसपी की बोलेरो में आग भी लगा दी।

पत्थरबाजी में एसपी सिटी राजेश यादव, एएसपी देवरंजन, सीओ समर बहादुर समेत तीन दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने छात्रों को भड़काने के आरोप में भाजपा नेता योगेश शुक्ला, इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप सिंह समेत 28 को गिरफ्तार कर लिया।

जस्टिस गांगुली को पद से हटाया जाएगा

law interns sexual abuse case, ak ganguly deviates from the post!
पद छोड़ने पर मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं। मुझे फैसला करने के लिए कुछ समय की जरूरत है। थोड़ा वक्त दीजिए, उसके बाद मैं आपको अपने फैसले के बारे में बताऊंगा।

- जस्टिस एके गांगुली

यौन उत्पीड़न का आरोप झेल रहे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके गांगुली को पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने के प्रस्ताव पर अब कार्यवाही शुरू होगी।

जस्टिस गांगुली के खिलाफ जांच के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट को भेजने के प्रस्ताव 'प्रेजिडेंशियल रेफरेंस' को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने इस फैसले की जानकारी दी।

सरकार ने लॉ इंटर्न की ओर से जस्टिस गांगुली पर लगाए गए आरोपों के मुद्दे पर अटॉर्नी जनरल से कानूनी सलाह मांगी थी और अटॉर्नी ने जस्टिस गांगुली के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर सहमति जताई थी।

सरकार की सिफारिश पर अब राष्ट्रपति की ओर से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जस्टिस गांगुली के खिलाफ जांच की सिफारिश की जाएगी। चीफ जस्टिस की राय पर राष्ट्रपति की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

राष्ट्रपति ने ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र के बाद इस मामले को सरकार को प्रेषित किया था।

ममता की ओर से जस्टिस गांगुली के खिलाफ यौन उत्पीड़न और विदेश दौरों के संबंध में कार्रवाई करने की मांग की गई थी। मध्यस्थता के लिए किए गए विदेशी दौरों पर जस्टिस गांगुली ने राज्य सरकार से कोई अनुमति नहीं ली थी।

मालूम हो कि यौन उत्पीड़न मामले में जस्टिस गांगुली को पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की चौतरफा मांग हो रही है।

भाजपा, तृणमूल कांग्रेस के अलावा एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह समेत कई महिला वकील भी उन्हें हटाने की मांग कर चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया जस्टिस गांगुली को दोषी माना है।

क्या है मामला
जस्टिस गांगुली पर एक लॉ इंटर्न ने यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। उसने अपने हलफनामे में कहा था कि दिसंबर 2012 में होटल के कमरे में जस्टिस गांगुली ने उसे शराब पिलाई। उसका हाथ चूमा और आई लव यू बोला। उन्होंने उससे रात में होटल में ही रुकने के लिए भी कहा था।

'किसी भी भ्रष्टाचारी को नहीं बख्‍शेंगे'

will not spare any corrupt, says kejriwal
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद दिल्ली की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह सच्चाई और ईमानदारी की जीत है।

केजरीवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारे सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियां का हम सभी को मिलकर सामना करना है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एमसीडी और दिल्ली सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होगी। केजरीवाल ने कहा कि किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्‍शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनलोकपाल हमारे लिए बड़ा एजेंडा है। हम तन-मन-धन से दिल्‍ली की जनता की सेवा करने को तैयार हैं।

कंधा केजरीवाल का, निशाने पर मोदी

Digvijay asks NaMo to learn from Kejriwal
कभी अरविंद केजरीवाल की खिलाफत करने वाले दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी को उनका उदाहरण देते हुए सलाह दे डाली है। इससे पहले दिग्विजय ने एक बार केजरीवाल की तुलना मोदी से कर दी थी और उनके रवैये को तानाशाही बताया था।

अपने बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इस बार मोदी को नैनो गाड़ी से चलने की सलाह दी है।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि मोदी को कठोर नियम और विनम्रता केजरीवाल और ममता बनर्जी से सीखने चाहिए जो वैगनआर और मारुति ऑल्टो इस्तेमाल करते हैं। क्या मोदी को नैनो नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए?

गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई है। केजरीवाल ने दिल्ली का सीएम बनने के बाद बंगला, सुरक्षा और बाकी सरकारी सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया था।

आदर्श घोटाला: किसी नेता पर कार्रवाई नहीं!

shinde, ashok chavan and fruitiness are ideal scandal
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि आदर्श सोसायटी घोटाले की रिपोर्ट को महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि इस मामले में किसी भी नेता पर कार्रवाई की जरूरत नहीं है। आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले की जांच से संबंधित रिपोर्ट को महाराष्ट्र विधानसभा ने आंशिक तौर पर स्वीकार कर लिया है। आदर्श सोसायटी घोटाले में सोसायटी के 25 अपात्र सदस्यों के खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि गलत आवंटन वाले फ्लैट रद्द किए जाएंगे। आदर्श में फ्लैट वाले 12 आईएएस की जांच होगी। इसके अलावा 22 बैनामी फ्लैटों की भी जांच की जाएगी।

चव्हाण ने कहा कि बैनामी फ्लैटों के मामले में सीबीआई इसकी जांच करेगी।

पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ भी जांच करने की सिफारिश की गई है।

इससे पहले यह आशंका जताई जा रही ‌थी कि रिपोर्ट के आधार पर सुशील कुमार शिंदे और अशोक चव्हाण मुश्किल में घिर सकते हैं। इससे पहले आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गवर्नर की ओर से अनुमति न दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी।

एक पूर्व पत्रकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गवर्नर के इस कदम पर सवाल उठाया है।

पूर्व पत्रकार किरण तिरोड़कर ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सीबीआई को उन मामलों में सरकारी सेवकों के खिलाफ मुकदमा चलाने में गवर्नर की सहमति और अनुमति की जरूरत नहीं है, जो न्यायपालिका की निगरानी में हैं।

पढ़े-आदर्श घोटोले में चह्वाण की मुश्किलें बढ़ीं

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेब्लिशमेंट एक्ट की धारा 6-ए के तहत जो मामले अदालत की निगरानी में हैं उनमें सरकारी सेवकों के खिलाफ सीबीआई को गवर्नर की अनुमति की जरूरत नहीं है।

याचिका के मुताबिक सीबीआई ने अशोक चह्वाण के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गवर्नर को जो दस्तावेज सौंपे हैं वे पक्के हैं। इनमें कहा गया है कि चह्वाण ने अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स की अनुमति देने के मामले में गलत फैसला किया। इसके बदले चह्वाण की सास और एक करीबी रिश्तेदार को आदर्श हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट दिए गए।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के गवर्नर के शंकरनारायणन ने अशोक चह्वाण के खिलाफ सीबीआई को मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी थी। इससे खफा तिरोड़कर ने शुक्रवार को हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

अशोक चह्वाण पर आदर्श हाउसिंग सोसाइटी में फ्लोर स्पेस इंडेक्स बढ़ाने की अनुमति देने के आरोप हैं। साथ ही उन्होंने राजस्व मंत्री रहने के दौरान सोसाइटी में 40 फीसदी फ्लैट सिविलयन के लिए मंजूर कर दिए थे। जबकि ये फ्लैट कारगिल शहीद की विधवाओं और दूसरे सैन्यकर्मियों के लिए थे।

'बेटे की शादी में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं'

no misuse of government machinery at my son wedding says parrikar
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने बेटे की शादी में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

पार्रिकर ने बृहस्पतिवार को उन आरोपों को बकवास करार दिया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने पिछले महीने हुई अपने बेटे की शादी में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शादी के लिए कभी भी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने खुद अपनी कार से लोगों के यहां जाकर निमंत्रण पत्र बांटे।

पढ़ें, नरेंद्र मोदी के ड्रीम से नए वर्ष की शुरुआत

स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक कुछ कांग्रेस नेताओं ने पार्रिकर पर बेटे अभिजीत की शादी में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। अभिजीत की शादी पिछले महीने 26 तारीख को हुई थी।

पार्रिकर ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा, अगर आप सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का एक भी वाकया गिना दें तो मैं इसका तुरंत जवाब दूंगा।

अगर कुछ अफसर अपनी सरकारी कार से शादी में शामिल होने के लिए आते हैं तो इसे सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं कहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी और भाजपा के कई शीर्ष नेता इस शादी में शामिल होने के लिए आए थे। लिहाजा प्रोटोकोल के मुताबिक उन्हें सुरक्षा देने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल तो करना ही था।

पार्रिकर ने यह भी कहा कि भाजपा नरेंद्र मोदी की 12 तारीख की रैली के लिए राज्य सरकार की कदंब ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड की बसों की सेवा के लिए पूरा किराया अदा करेगी।