Monday, December 30, 2013

विश्वास ने मांगा राहुल के खिलाफ टिकट

kumar vishwas will contest from amethi against rahul gandhi
दिल्ली में सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के हौंसले बुलंदी पर हैं। आप के नेता कुमार विश्वास ने यूपी की अमेठी लोकसभा सीट से ‌पार्टी का टिकट मांगा है।
कुमार विश्वास अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सामने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए बाकायदा आवेदन किया है।
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सूत्रों की मानें तो अगले 10-15 दिनों में आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। दिल्ली के बाद पार्टी की योजना करीब 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की है।
मोदी को भी चुनौती
इससे पहले रविवार को आप के नेता कुमार विश्वास ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि अगर वह राजनीति में वंशवाद को खत्म करना चाहते है तो आएं और अमेठी से चुनाव लड़कर दिखाएं।
कुमार विश्वास ने कहा कि एक खानदान ने पूरे देश को बर्बाद करके रख दिया है। अब इसे उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है। इसलिए वह अगले साल अमेठी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं, लेकिन वह उन्हें भी बुलाना चाहते हैं जो कांग्रेस के शहजादे के बारे में घंटों जिक्र करते हैं।
विश्वास ने कहा कि अगर मोदी नहीं आ सकते तो आम आदमी पार्टी को चिल्लर कहने वाले नितिन गडकरी को या राजनाथ सिंह को अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए भेज दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही नहीं, भाजपा में भी कई शहजादे हैं, जिन्हें दिल्ली में आप के उम्मीदवारों ने हराया है।

काम के पहले ही दिन केजरीवाल हुए बीमार

delhi chief minister arvind kejriwal unwell
सियासी जमीन पर कांग्रेस को कड़ी शिकस्त देने के बाद दिल्ली के नए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुखार से मात खा गए। केजरीवाल को अचानक बुखार हो गया, जिस वजह से वे सोमवार को ऑफिस भी नहीं पहुंच सके।
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केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'भगवान ने बहुत गलत समय पर मुझे बीमार बना दिया। मुझे रविवार से ही 102 डिग्री बुखार है। आज मुझे ऑफिस जाना था। दिल्लीवासियों को 700 लीटर मुफ्त पानी से लेकर कई अहम फैसले करने थे।'
इधर, शाम चार बजे दिल्ली जल बोर्ड की बैठक होनी है। माना जा रहा है बैठक में ‌दिल्लीवासियों को पानी देने को लेकर कोई अहम फैसला हो सकता है।
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इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए 7 से 10 दिन का समय मांगा।
केजरीवाल ने साफ कर दिया कि वह एक सिस्टम तैयार करना चाहते हैं और उसके बाद ही लोगों की शिकायतें स्वीकार की जाएंगी।
रविवार को उन्होंने कहा, 'मैं आपको कोई झूठी दिलासा नहीं देना चाहता हूं। पहले मैं सिस्टम तैयार करूंगा और उसके बाद ही हम लोगों की शिकायतों को स्वीकार करेंगे।'
रविवार को 'आप' के कौशांबी कार्यालय पर जनता दरबार नहीं लगने पर लोग अपनी शिकायत लेकर केजरीवाल के घर पहुंचे।
केजरीवाल ने लोगों से कहा कि सिस्टम बन जाने के बाद ही लोगों की शिकायतों का समाधान संभव हो सकेगा। इसके लिए उन्हें जनता का सहयोग चाहिए, बिना सहयोग के समस्याओं का समाधान कठिन होगा।

लौटकर येदियुरप्पा भाजपा में आए

bs yeddyurappa come back in bjp
महीनों से लगाए जा रहे कयास को खत्म करते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को घोषणा की कि वह अपनी पैतृक पार्टी भाजपा में लौटे जाएंगे।
एक साल पहले ही येदियुरप्पा ने भाजपा से अलग होकर कर्नाटक जनता पार्टी (केजीपी) का गठन किया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नव वर्ष के पहले सप्ताह में एक अच्छी खबर देंगे। उन्हें पता है कि जिस पार्टी का उन्होंने गठन किया, उनकी अनुपस्थिति के कारण वह प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि वह न केवल अपनी पैतृक पार्टी में वापसी करेंगे बल्कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पूरे राज्य का दौरा भी करेंगे।
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा और येदियुरप्पा दोनों को हुए नुकसान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री को पैतृक पार्टी में लाने की कोशिश की जा रही है। राज्य के लिंगायत समुदाय के कद्दावर नेता येदियुरप्पा की नई पार्टी भी चुनाव में कुछ खास नहीं कर पाई थी।
उनकी पार्टी केवल छह सीटों पर विजयी हुई थी। एक दिन पहले ही येदियुरप्पा ने शिमोगा जिले के अपने शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र में अपनी पार्टी की एक बैठक में कहा था कि यह केजीपी की अंतिम बैठक हो सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से उनकी बात हुई और राज्य के नेता उनकी वापसी की तैयारी में लगे हुए हैं।

'बीवी के अवैध संबंध थे, सो हथौड़े से मैंने मार दिया'

man killed his wife in saharanpur
'साहब, बीवी के दूसरे व्यक्ति से अवैध संबंध थे। उसे काफी समझाया, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं थी। इस वजह से मकान भी बदल दिया। वो नहीं मानी। फिर झगड़ा हुआ और मैंने हथौड़े से उसके सिर पर मार दिया।'
ऐसा कहना है उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के 28 वर्षीय अफजल का। सिराज कॉलोनी में रहने वाले अफजल ने शनिवार रात अवैध संबंधों के शक में पत्नी की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी। फिर कोवताली पहुंच कर उसने पत्नी के कत्ल की सूचना दी।
जब 'खूनी' कोठी से निकले बच्चों के कंकाल
पुलिस ने अफजल को हिरासत में लेकर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा बरामद कर लिया। महिला के मायके वालों ने कोतवाली में तहरीर दी है।
कत्ल कर पहुंचा कोतवाली
अफजल रविवार सुबह मंडी कोतवाली पहुंचकर पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी। पुलिसकर्मी तुरंत युवक को जीप में बैठाकर घटनास्थल सिराज कॉलोनी ले गए। वहां खून से लथपथ महिला का शव पड़ा था। उसका चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत था। युवक को थाने लाकर पूछताछ की तो उसने अवैध संबंधों के शक में हत्या करना कबूला।
बड़ी बहन से रेप, ‌‌फिर छोटी बहन का कत्‍ल
अफजल ने बताया कि वह पक्का बाग निवासी है और कढ़ाई कारीगर है। करीब छह साल पूर्व उसकी शादी इस्लामनगर निवासी शहनाज उर्फ रानी से हुई थी। दोनों की पांच साल की एक बेटी भी है।
झगड़े के दौरान मारा हथौड़ा
उसने बताया कि पत्नी को उसने काफी समझाया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। इसी वजह से दोनों ने दो दिन पूर्व पक्का बाग से सिराज कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रहना शुरू किया। बेटी को नानी के घर भेज दिया था। शनिवार रात दोनों में काफी झगड़ा हुआ।
हाथापाई भी हुई और पत्नी ने उस पर चाकू से वार किया। इस पर उसने भी पास रखे हथौड़े से उस पर वार कर दिए। शहनाज बेहोश होकर गिर पड़ी और वह मकान को बाहर से बंद करके वहां से फरार हो गया। इंस्पेक्टर बीपी सोलंकी ने बताया कि शहनाज के मायके वालों की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।

माँ - मुनव्वर रना साहब

माँ - मुनव्वर  रना  साहब  

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लबो पर उसके कभी बद्दुआ नहीं होती
बस एक माँ है जो कभी खफा नहीं होती|

इस  तरह  मेरे  गुनाहों  को  वो  धो  देती  है,
माँ  बहुत  गुस्से  में  होती  है  तो  रो  देती  है|

मैंने  रोते  हुए  पोंछे  थे  किसी  दिन  आंसू,
मुद्दतों  माँ  ने  नहीं  धोया  दुपट्टा  अपना|

अभी  ज़िंदा  है  माँ  मेरी  मुझे  कुछ  भी  नहीं  होगा,
मैं  जब  घर  से  निकलता  हूँ  दुआ  भी  साथ  चलती  है|

जब  भी  कश्ती  मेरी  सैलाब  में  आ  जाती  है,
माँ  दुआ  करती  हुई  ख्वाब  में  आ  जाती  है|

ए  अँधेरे  देख  ले  मुंह  तेरा  काला  हो  गया,
माँ  ने  आँखें  खोल  दी  घर  में  उजाला  हो  गया|

मेरी  ख्वाहिश  है  कि  मैं  फिर  से  फरिश्ता  हो  जाऊँ,
माँ  से  इस  तरह  लिपटूँ  कि  बच्चा  हो  जाऊँ|

'मुनव्वर' माँ  के  आगे  यूँ  कभी  खुलकर  नहीं  रोना,
जहाँ  बुनियाद  हो  इतनी  नमी  अछ्ही  नहीं  होती|

लिपट  जाता  हूँ  माँ  से  और  मौसी  मुस्कुराती  है,
मैं  उदृ  में  ग़ज़ल  कहता  हूँ  हिंदी  मुस्कराती  है|

भारत ने कड़ी टक्कर दी, तो हिल गया अमेरिका!

america shaken after india's reaction on devyani case
भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी पर भारत की ओर से कड़ा रुख अपनाए जाने के कारण अमेरिका को उन खामियों की समीक्षा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है जिसके चलते इस हाई-प्रोफाइल केस में भारत से विवाद हुआ और द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण हुए।
व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, विदेश एवं न्याय विभाग समेत अमेरिका के कई विभाग इस समीक्षा में शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, 'फिलहाल इंटर-एजेंसी रिव्यू चल रहा है जिससे उन खामियों पर गौर किया जा सके, जिनके कारण यह मामला सामने आया।'
'मोदी को वीजा नहीं, तो ओबामा को भी नहीं देंगे'
सूत्रों का कहना है कि इस मामले को समझने में गलती हुई। विदेश विभाग के नेतृत्व में इंटर-एजेंसी टीम 24x7 इस पर काम कर रही है ताकि जल्द से जल्द विवाद का निपटारा हो सके। देवयानी का मामला अब न्यायपालिका में है और बहुत कुछ न्यायाधीशों पर भी निर्भर करता है।
ऐसे में न्याय विभाग और न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले को भी सक्रिय रूप से शामिल किया गया है। समझा जा रहा है कि रक्षा विभाग ने उस तरीके पर नाखुशी जाहिर की है, जिस तरह से इस पूरे मामले को लिया गया। पेंटागन एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपनी नीति की समीक्षा कर रहा है और भारत इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण देश है।
छेड़छाड़ के आरोपी राजनयिक ने देश छोड़ा

अधिकारियों का कहना है कि ऐसे समय में अमेरिका भारत के साथ रिश्तों में किसी तरह का तनाव नहीं चाहता है। भारत की सख्त प्रतिक्रिया से अमेरिकी अधिकारी पूरी तरह से हिल गए। नई दिल्ली के कड़े तेवर पर खास तौर पर उन लोगों को यकीन नहीं हुआ, जो विदेश नीति के मामले देखते हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने भारत से इस तरह की कड़ी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी। सरकार में शामिल लोग और सांसद अब यह कह रहे हैं कि इस तरह की गिरफ्तारी से पहले अच्छा-खराब पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।
ओबामा प्रशासन के एक सूत्र ने कहा कि हमें महसूस हो गया है कि इसके नतीजे भुगतने होंगे। भारत ने जोर देकर कहा है कि इस तरह की गिरफ्तारी न सिर्फ विएना कनवेंशन का उल्लंघन है बल्कि भारत-अमेरिका के संबंध की उस भावना के खिलाफ है, जिसके लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा पिछले पांच वर्षों से प्रयासरत हैं।

'चुनाव में AAP नहीं, अराजकता जीती'

congess attacks on aam aadmi party and kejriwal
चाहे कांग्रेस दिल्ली में चुनाव हार गई हो, लेकिन कार्यकर्ताओं ने सराहनीय काम किया है। आने वाले समय में कार्यकर्ताओं को संगठन में जगह मिलेगी। जब-जब कांग्रेस सत्ता से बाहर जाती है तो नया नेतृत्व उभरता है। युवाओं और बुजुर्गों से कहूंगा, काम में जुट जाएं। जो काम करेगा, वह जमीन फाड़कर भी ऊपर आएगा।

- अरवदिंर सिंह लवली

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जनार्दन द्विवेदी का कहना है कि दिल्ली का चुनाव कांग्रेस की नीतियां नहीं हारी हैं, बल्कि अराजकता और दुष्प्रचार से नई पार्टी जीती है।
सरकार किसी न किसी विचारधारा पर चलती है। जो नारे तात्कालिक रूप से बहुत अच्छे लगते हैं, लेकिन जिनका व्यावहारिक दर्शन नहीं होता, उनसे नहीं चलती। इनका कोई व्यावहारिक दर्शन नहीं है।
AAP-कांग्रेस पर बयान देकर बुरे फंसे गडकरी!
द्विवेदी रविवार को दिल्ली के नए प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के कार्यभार संभालने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोले रहे थे।
केजरीवाल की कोई विचारधारा नहीं
उन्होंने कहा, 'आम आदमी पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है। तमाम जो जीवन के क्षेत्र हैं, उनमें दृष्टि नहीं है। मैं नहीं समझता की यह कोई अच्छी स्थिति है। इससे अराजकता और अव्यवस्था तो हो सकती है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकता। कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि प्रकृति परीक्षा ले रही है, जो काम सरकार ने किए हैं, हम संदेश नीचे तक नहीं पहुंचा सके। फिर भी हताश होने की जरूरत नहीं है।'
एक मंच पर जुटे नेता
दिल्ली की कुर्सी छिनने का असर कांग्रेस में दिखाई दिया। कार्यक्रम में पार्टी के दिग्गज नेता एक मंच पर दिखाई दिए। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मंच पर थीं तो अजय माकन, सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर, आरके धवन, कपिल सिब्बल और कृष्णा तीरथ भी मौजूद थे।
सांसद महाबल मिश्रा और रमेश कुमार ने भी नए प्रदेश अध्यक्ष को बधाई दी। सत्ता में रहने के दौरान प्रदेश कार्यालय में होने वाले कार्यक्रमों में ऐसी भीड़ देखने को नहीं मिली थी।
'मोदी को वीजा नहीं, तो ओबामा को भी नहीं देंगे'

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जेपी अग्रवाल बाहर होने के कारण कार्यक्रम में नहीं आए, लेकिन उनका संदेश प्रदेश अध्यक्ष को मिला। कांग्रेस के नेता भी दबी जुबान में कहते नजर आए कि सत्ता हाथ से गई तो संगठन में शक्ति दिखाई देने लगी।
सभी नेताओं ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। शीला दीक्षित ने कहा कि युवा नेता को नेतृत्व सौंपा है तो अब पार्टी 15 साल के पुराने स्तर पर पहुंचेगी। सिब्बल ने कहा कि कार्यकर्ताओं की गलती से चुनाव नहीं हारे। गलती हमारी थी।
आप पार्टी की राह चली कांग्रेस
दिल्ली का चुनाव हारने के बाद प्रदेश कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी की राह पर चलने का फैसला किया है। लवली ने कहा है कि दिल्ली में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करेंगे कि यूनिट अध्यक्ष न सिर्फ कांग्रेस की विचारधारा फैलाएगा, बल्कि लोगों के हक की लड़ाई भी लड़ेगा।
आप में शाम‌िल होने पह‌ुंचे कमाल फारूखी को वापस लौटाया
यूनिट अध्यक्ष जो आवाज उठाएंगे, वह प्रदेश कांग्रेस की होगी। सरकार बनाने के लिए जो समर्थन कांग्रेस ने दिया है, वह आप पार्टी को नहीं, बल्कि उनके घोषणा पत्र को दिया है।
अगर दिल्ली के हित का काम करेंगे तो साथ देंगे। कांग्रेस कार्यकर्ता या नेताओं के मान सम्मान के साथ समझौता नहीं करेंगे। विधानसभा के अंदर या बाहर कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में ही काम करेगी। हम चाहे चुनाव जीते या हारें, कांग्रेस की नीतियों के साथ समझौता नहीं करेंगे।