Sunday, December 29, 2013

रेलवे स्टेशन पर आत्मघाती हमला, 14 मरे

Terrorist attack in russia
दक्षिणी रूस के वोल्गोग्राद शहर में एक रेलवे स्टेशन पर आत्मघाती बम हमले में कम से कम 14 लोग मारे गए हैं और करीब 50 लोग घायल हुए हैं।
धमाका वोल्गोग्राद-1 स्टेशन पर भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 2.15 बजे हुआ। रूस की चरमपंथ विरोधी समिति ने कहा है कि एक आत्मघाती हमलावर महिला को इस धमाके के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
इसी साल अक्तूबर में भी एक संदिग्ध महिला आत्मघाती बम हमलावर ने वोल्गोग्राद में एक बस पर हमला किया था जिसमें छह लोग मारे गए थे।
रूस चरमपंथी समूहों की हिंसात्मक गतिविधियों को लेकर खासा चिंतित है क्योंकि छह हफ़्ते में ही सोची शहर में 2014 के शीतकालीन ओलंपिक खेल होने वाले हैं।
हाल के वर्षों में उत्तरी कॉकेशस क्षेत्र में इस्लामी चरमपंथ के उभार के कारण कई हमले हुए हैं। चरमपंथियों ने रूस के कई बड़े शहरों को भी निशाना बनाया है।रूस सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
वोल्गोग्राद मॉस्को से 900 किमी दक्षिण में, उत्तरी कॉकेसस से 650 किमी उत्तर में और सोची से 700 किमी दूर उत्तर पूर्व में स्थित है। विवार को हुए इस विस्फोट की अभी किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
टीवी फुटेज में स्टेशन के पास खड़ी एंबुलेंस के पास मृतकों के शव पड़े दिखाई दे रहे थे। जुलाई में चेचेन विद्रोही नेता दोकु उमारोफ़ ने ऑनलाइन विडियो पोस्ट करके इस खेल आयोजन को रोकने के लिए चरमपंथियों से अपनी पूरी ताक़त झोंक देने की अपील की थी।

जब 'खूनी' कोठी से निकले बच्चों के कंकाल

noida nithari case after seven years
सात साल बाद एक बार फिर निठारी कांड की यादें ताजा हो गई हैं। 29 दिसंबर, 2006 को ही नोएडा के कोठी नंबर डी-5 के पीछे खुदाई में नर कंकाल मिले थे। पर्दाफाश हुआ था कोठी के अंदर कई सालों से चल रही मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र कोली की वहशियत का।
यहीं कई मासूमों के साथ दरिंदगी की गई और कत्ल करके जमींदोज कर दिया गया। वह लोग आज भी सिहर जाते हैं, जिनके बच्चों के कंकाल कोठी के पीछे मिले।
निठारीवासियों को वह मंजर याद आता है, जब पूरे देश ने पंधेर और कोली की करतूतों पर थूका था। नोएडा के नाम पर निठारी एक ऐसा धब्बा बन गया, जिसे शायद ही कभी धोया जा सके।
क्या था निठारी कांड
कोठी नंबर डी-5 का सच सामने आने की शुरुआत एक युवती की गुमशुदगी के साथ हुई। पायल नाम की एक लड़की निठारी की पानी की टंकी के पास से लापता हो गई थी। ये वही जगह थी, जहां दो साल के भीतर कई बच्चे गायब हुए, लेकिन पुलिस के कान पर जूं नहीं रेंगी।
पायल के पिता नंदलाल ने बड़े व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंधेर पर अपहरण का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस ने शिकायत नहीं लिखी। हाईकोर्ट के दखल के बाद नंदलाल की शिकायत पर 15 दिसंबर, 2006 को मोनिंदर और सुरेंद्र से पूछताछ की गई।
निठारी चौकी की प्रभारी सिमरनजीत कौर व सीओ दिनेश यादव ने कोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की, उसमें पंधेर और कोली को क्लीन चिट दी गई थी। मामले में मोड़ तब आया जब लापता पायल का मोबाइल ऑन हो गया। इसके जरिये पुलिस सुरेंद्र कोली तक पहुंची।
कोली ने पायल के साथ-साथ उन बच्चों की कहानी भी बताई, जिन्हें कत्ल किया गया था। सुरेंद्र और मोनिंदर से रात भर की पूछताछ के बाद अगली सुबह कोठी के पीछे खुदाई की गई और फिर सामने आए बच्चों के नर कंकाल।
खूनी कोठी बनी खंडहर
बच्चों के खून से सनी कोठी आज खंडहर बन चुकी है। अंदर खड़ी पंधेर की कार पर धूल की परतें चढ़ रही हैं। गेट पर झाड़ियां उग आई हैं। कोठी से चंद कदम की दूरी पर चाय बेचने वाले उमेश बताते हैं कि लोग इस कोठी को भूल गए हैं लेकिन पंधेर और कोली की कई कहानियां आज भी जिंदा हैं।
डासना जेल में बंद पंधेर डिप्रेशन में है और गंभीर बीमारियों की चपेट में है। सुरेंद्र कोली मान चुका है कि उसे सारी जिंदगी जेल में बितानी है।
बर्खास्तगी फिर बहाली
निठारी कांड के बाद तेरह पुलिसकर्मी बर्खास्त हुए, लेकिन वक्त बदला तो सब बदल गया। बर्खास्तगी के बाद तत्कालीन एसएसपी पीयूष मोर्डिया बहाल हो गए और अब बीएसएफ में तैनात हैं। निठारी के पीड़ित जतिन सरकार की हत्या के आरोप के बावजूद दिनेश यादव लखनऊ के हजरत गंज में सीओ हैं।
तत्कालीन थानाध्यक्ष आरएन सिंह अब शामली थाने के प्रभारी हैं। आरोपों के घेरे में आए विनोद पांडेय की तैनाती अब एसओजी बुलंदशहर में है। पंधेर का साथ देने की वजह से बर्खास्त हुईं सिमरनजीत कौर भी कोर्ट से बहाल हो गईं, अब बड़े शहर में ड्यूटी कर रही हैं।
इनका हुआ था कोठी में कत्ल
1-रचना2-रिम्पा हलधर
3-कु. बीना4-पायल
5-ज्योति6-हर्ष
7-कु. निशा8-पुष्पा विश्वास
9-सतेन्द्र उर्फ मैक्स10-दीपाली
11-नंदा देवी12-पिंकी सरकार
13-दीपिका उर्फ पायल14-शेख रजा खान
15-सोनी16-अंजली
17-आरती18-अज्ञात युवती
अदालत में निठारी कांड
-सीबीआई ने 19 केस रजिस्टर किए-17 मामलों में लगी है चार्जशीट
-पायल केस में आरोपी बनाया गया पंधेर -6 मामलों में पंधेर सह अभियुक्त है
-435 लोगों की हुई गवाही-57 प्रत्यक्ष गवाह के रूप में पेश हुए
-रिंपा हलधर मामले में कोली व पंधेर को मिली फांसी-हाईकोर्ट से पंधेर की सजा उम्रकैद में तब्दील
-अन्य मामलों में कोली पर केस

पिटाई का बदला लेने के लिए कर डाली भाभी की हत्या

bhabhi murderer arrested
ब्यूटीशियन रितिका उर्फ रीशु श्रीवास्तव की हत्या अपमान का बदला लेने के लिए उसके देवर ने चालक व दोस्त के साथ मिलकर की थी।
शनिवार को गोमतीनगर पुलिस ने ब्यूटीशियन रितिका हत्याकांड का खुलासा कर शहीद पथ के पास से 'प्रेस' लिखा इंडिगो कार में सवार देवर समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो चाकू भी बरामद किए हैं।। आरोपी ने जुर्म कुबूलते हुए भाभी के चरित्र पर अंगुली उठाई।
उसने बताया कि एक माह पूर्व चालक के सामने बाल उखाड़कर पिटाई का बदला लेने के लिए रितिका के हत्या की साजिश रची थी।
सीओ गोमतीनगर विद्या सागर मिश्र के मुताबिक, 24 दिसंबर की रात हत्यारों ने ब्यूटीशियन रितिका की चाकू से गोदने के बाद गला रेतकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद महिला के पति प्रभात कुमार समेत 24 लोगों से पूछताछ की गई। सर्विलांस से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।
इसमें सबसे खास वारदात की रात रितिका के देवर अरुण कुमार की लोकेशन गोमतीनगर इलाके में मिली।
इसी दौरान रितिका की सहेली ने भी देवर व उसके चालक के चाल चलन के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस टीम को देवर व उसके चालक की निगरानी में लगाया गया।
इस दौरान कुछ ऐसे सबूत मिले, जिससे साफ हो गया कि अरुण हत्या में शामिल है। शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या के आरोपी इंडिगो कार से शहीद पथ होते हुए गोमतीनगर की ओर बढ़ रहे हैं।
एसओ उमेश बहादुर सिंह की टीम ने शहीद पथ से इंडिगो कार सवार अरुण समेत तीन को दबोच लिया। साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर गोमती किनारे से हत्या में इस्तेमाल दो चाकू भी बरामद किए।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान फैजाबाद के बेगमगंज मकबरा निवासी अरुण कुमार, उसके चालक फैजाबाद के देवकाली चौकी के पीछे निवासी सूरज लाल निषाद एवं फैजाबाद के देवकाली निवासी शुभम यादव के रूप में हुई।
इनमें रितिका का देवर अरुण अपने पिता बलदेव प्रसाद के साथ फैजाबाद शहर कोतवाली के पास खिलौने की दुकान चलाता है।
सूरज पर फैजाबाद कोतवाली में एक, बीकापुर कोतवाली में चोरी, धमकाने लूट समेत तीन, सुल्तानपुर कोतवाली में एक एवं गोंडा शहर कोतवाली में बोलेरो लूट समेत छह मुकदमे दर्ज हैं।
इंटर पास आउट शुभम यादव (19) अरुण का दोस्त है। अरुण कुमार ने बताया कि रितिका का चरित्र ठीक नहीं था। वह भइया प्रभात से मारपीट करती थी।
वह मां समेत पूरे परिवार के प्रति द्वेष रखती थी। फैजाबाद से आते वक्त मां भइया के लिए टिफिन पैककर खाना देती थी।
मगर, रितिका मेरे सामने ही टिफिन पालतू कुत्ते को खिला देती थी। आए दिन मुझसे अपमानित करती थी।
एक माह पूर्व उसने मेरे चालक सूरज लाल के सामने बाल उखाड़कर थप्पड़ जड़े थे। उसी दिन उसके हत्या की साजिश रच डाली।
फ्रेश होने के बहाने घुसे थे घर में
हत्या के आरोपी अरुण ने बताया कि 24 दिसंबर को सूरज व शुभम के साथ वह शहर आया और भइया के घर की रेकी की। पता चला भइया-भाभी घर पर हैं।
मुझे मालूम था कि भाइया शाम को बीयर पीने निकलेंगे। शाम को छह बजे हम लोग गए, मगर मकान में ताला लगा था।
आठ बजे फिर गए तो देखा कि भइया की बाइक नहीं थी। फर्स्ट फ्लोर स्थित मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। मकान के सामने कार पार्क कर तीनों कमरे की ओर बढ़े और बेल बजाई। रितिका ने दरवाजा खोला।
मगर, प्रभात के घर न होने की बात कही। इस पर अरुण ने फ्रेश होने का बहाना बनाया तो रितिका ने दरवाजा खोल दिया। अरुण के पीछे चालक सूरज और शुभम ड्राइंग रूम में आ गए।
अरुण बाथरूम की ओर बढ़ा। इस दौरान रितिका बेडरूम में चली गई। साजिश के मुताबिक, पीछे से अरुण, सूरज बेडरूम में पहुंच गए और रितिका को पीछे से पकड़ लिया, लेकिन रितिका प्रभात को फोन मिलाने लगी।
अरुण ने फोन छीन लिया। फिर, दोनों ने शुभम को भी बुला लिया। शुभम ने रितिका को दबोच लिया और सूरज ने धारदार हथियार और अरुण ने नुकीली हथियार से वार करने शुरू कर दिए।
हत्यारों के चंगुल से छूटने के लिए रितिका ने संघर्ष किया। इसके बाद अरुण व सूरज ने पेट में चाकू से गोदा। इसके बाद सूरज ने धारदार हथियार से रितिका का गला रेत दिया।
कमरे में बदले कपड़े
साजिश के तहत हत्यारे एक-एक जोड़ी कपड़े लेकर आए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने हाथ पैर धुलने के बाद कमरे में ही कपड़े बदले।
खून से सना कपड़ा आरोपियों ने बैग में रख लिया। आरोपी खून से सने चाकू के जरिए सीढ़ियों पर खून टपकाते हुए भाग गए।
लखनऊ से भागकर तीनों फैजाबाद पहुंचे और सरयू नदी में खून से सने कपड़े फेंकने के बाद घर चले गए। पुलिस की मानें तो प्रभात ने रात 10.50 बजे पिता को फोन किया तो अरुण घर पर था।
जांच के घेरे में प्रभात
एसओ गोमतीनगर की मानें तो प्रभात को अभी क्लीन चिट नहीं दी गई है। प्रभात की भूमिका की जांच की जा रही है। दरअसल, पूछताछ के दौरान प्रभात के विरोधावासी बयान शक पैदा कर रहे हैं।
यह साफ है कि प्रभात को हत्या के पूर्व भाई के मंसूबों की कोई जानकारी नहीं थी। वह रितिका का साथ नहीं छोड़ना चाहता था।
उसके साथ रहना चाहता था। मगर, भाई से विवाद की जानकारी उसे थी। उसने पुलिस से भाई के व्यवहार के बारे में नहीं बताया।
कुत्ते को प्रभात बंद कर गया था जाली में
पुलिस की मानें तो बाहर जाते वक्त प्रभात ने कुत्ते को जाली में बंद कर दिया था। देवर, उसके चालक व दोस्त को कुत्ता पहचानता था।
तीनों पहले भी कई बार प्रभात के घर आ चुके हैं। इसलिए तीनों के आने पर कुत्ते ने भौंका नहीं। चूंकि, प्रभात का मकान चारो ओर से बंद है। इसलिए रितिका के चीखने की आवाज बाहर नहीं सुनाई दी।

मिस्रः अल-अजहर यूनिवर्सिटी में आग, छात्र की मौत

fire in cairo university student dies
मिस्र में पुलिसबलों और मुस्लिम ब्रदरहुड समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़पों में एक छात्र की मौत हो गई।
राजधानी काहिरा में यूनिवर्सिटी परिसर में आगज़नी की घटनाएं भी हुई हैं।
सरकारी मीडिया ने क़ाहिरा की अल-अज़हर यूनिवर्सिटी में आग के लिए प्रदर्शनकारियों को ज़िम्मेदार बताया है। आगज़नी के कारण यूनिवर्सिटी की परिक्षाएं टाल दी गई हैं।
सुन्नी इस्लाम के मुख्य अध्ययन केंद्रों में से एक, अल-अज़हर यूनिवर्सिटी भी, मुस्लिम ब्रदरहुड समर्थक छात्रों और पुलिस के बीच संघर्ष का केंद्र बनती जा रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक़ शनिवार दोपहर तक आग पर पूरी तरह क़ाबू पा लिया गया। आगज़नी के आरोपों में 60 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मुस्लिम ब्रदरहुड का कहना है कि पुलिस झूठे आरोप लगा रही है।
जुलाई में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही मुस्लिम ब्रदरहुड के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। हाल ही में इस संगठन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सितंबर में मुस्लिम ब्रदरहुड की तमाम गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी। पुलिस मुख्यालय पर आत्मघाती हमले के बाद बुधवार को ब्रदरहुड को चरमपंथी संगठन घोषित कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि आत्मघाती हमले के पीछे ब्रदरहुड का हाथ है हालाँकि ब्रदरहुड ने इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है।
मिस्र की अंतरिम सरकार समर्थित सेना ब्रदरहुड के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाइयां कर रही हैं। संगठन के शीर्ष नेताओं समेत हज़ारों सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और कई के ख़िलाफ़ मुक़दमे चलाए जा रहे हैं।
गुरुवार को क़ाहिरा में एक बस पर हुए बम हमले के बाद भी ब्रदरहुड के सदस्यों को हिरासत में लिया गया था।
पूर्व प्रधानमंत्री गिरफ़्तार
शुक्रवार को क़ाहिरा, दक्षिणी मिनया और नील डेल्टा इलाक़ों में पुलिस और मुस्लिम ब्रदरहुड समर्थकों के बीच हुई हिंसा में तीन लोग मारे गए थे।
मिस्र के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को तीन जुलाई को सत्ता से हटा दिया गया था। मोर्सी के ख़िलाफ़ भी व्यापक प्रदर्शन हुए थे।
सत्ता से बेदख़ल किए गए मोर्सी के ख़िलाफ़ भी कई मुक़दमे चल रहे हैं। उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं।
इसी हफ़्ते मिस्र की पुलिस ने हिशाम कांदिल को भी गिरफ़्तार किया था। कांदिल 1954 के बाद से देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। वे अगस्त 2012 में मिस्र के प्रधानमंत्री बने थे।
अधिकारियों के मुताबिक़ उन्हें सूडान भागने की कोशिशें करने के दौरान देश के पहाड़ी इलाक़े से गिरफ़्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार वे तस्करों की मदद से देश छोड़कर भाग रहे थे।

रांची रैली: भाषण में फिर दो बार फिसले मोदी

narendra modi rally in ranchi
भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने रविवार को रांची में आयोजित रैली में एक बार फिर केंद्र की यूपीए सरकार को निशाने पर लिया।
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत झारखंड के महापुरुषों का बखान करते हुए की। मोदी ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी प्राकृतिक संपदा के बावजूद झारंखड गरीब क्यों है।
तस्वीरों में देखिए:- बिरसा मुंडा की धरती पर मोदी की दहाड़
अपने भाषण के दौरान मोदी ने रविवार को भी दो गलतियां की। मोदी ने राज्य के प्रभारी और उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को रमापति राय कह दिया।
इसके अलावा वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में तीन अलग-अलग राज्यों के गठन का जिक्र करते हुए उत्तराखंड को बद्रीनाथ बता डाला। हालांकि, इसके थोड़ी ही देर बाद मोदी ने अपनी गलती सुधार ली।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक झारखंड को अलग राज्य बनाने की मांग उठती रही, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने इसपर कभी ध्यान नहीं दिया। मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अलग झारखंड राज्य का गठन किया।
भाजपा के 'भावी प्रधानमंत्री' ने कहा कि झारखंड के साथ-साथ उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ भी अलग राज्य बने। छत्तीसगढ़ के विकास का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विकास के नए आयाम छुए हैं क्योंकि वहां भाजपा की सरकार है।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत उत्तराखंड और झारखंड विकास की दौड़ में आज तक पिछड़े हुए हैं। मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इन राज्यों में भी कांग्रेस की सरकार नहीं होती तो वहां भी भरपूर विकास होता। मोदी ने कहा कि कांग्रेस इस देश के लिए बोझ और संकट है।
लोकसभा चुनाव में लोगों से वोट की अपील करते हुए मोदी ने कहा कि 2014 में चुनाव है और झारखंड में लोकसभा की भी 14 सीटें हैं, हमें ये सारी सीटें जीतकर राजनाथ सिंह को देनी है।
'वादे नहीं, नेक इरादे की जरूरत'
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार झारखंड का भाग्य नहीं बदल सकती। कांग्रेस केवल वादे करती है जबकि झारखंड को बदलने के लिए वादे की नहीं, बल्कि नेक इरादे की जरूरत है।
मोदी ने कहा कि दिल्ली की सरकार की लकवा मार गया है। कांग्रेस अपना दायित्व नहीं निभा रही है। मोदी ने कहा कि कुछ लोग केवल विकास की आकाशवाणी करके गायब हो जाते हैं।
झारखंड की प्राकृतिक संपदा का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इस राज्य में भरपूर बारिश होती है, इसके बावजूद यहां के लोगों को पीने का साफ पानी तक नहीं मिलता। इसके लिए कांग्रेस की सरकार जिम्मेदार है।

'जयराम और शश‌ि थरूर झोलाछाप नेता'

Controversial statement of congress mp
कांग्रेस सांसद सज्जन सिंह वर्मा ने पार्टी के स्थापना दिवस समारोह में अपने वरिष्ठ नेताओं पर करारा प्रहार किया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव का पद भी संभाल रहे वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस हाईकमान को जयराम रमेश और शशि थरूर जैसे झोलाछाप नेताओं की राय भारी पड़ रही है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में कमलनाथ के समर्थक माने जाने वाले वर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह पर भी व्यंग्य किया है कि वह एनसाइक्लोपीडिया हैं, जो प्रवक्ताओं के कुछ कहने के पहले ही सारी बातें बोल जाते हैं।
वर्मा पार्टी के उन मुखर सांसदों में से हैं जो कांग्रेस की रीति नीति को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करते रहे हैं। हाल ही के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी रेखा वर्मा ने देवास से भाजपा के तुकोजीराव पवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था और वह चुनाव हार गई थीं।
सज्जन सिंह वर्मा ने कुछ माह पहले यह कहकर कांग्रेस में हलचल मचा दी थी कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की दिल्ली में दुकान जमी है और उन्हें प्रदेश में पार्टी का क्या हो रहा है, इस बात की चिंता नहीं है।
कांग्रेस में नेताओं का एक वर्ग है जो इस बात से पीड़ित रहा है कि उनकी संगठन में कोई सुनवाई नहीं है और कांग्रेस ने दस साल तक राज किया लेकिन उसमें ऐसे लोगों की राय हावी रहती है जिनका राजनीति से कोई सरोकार नहीं है।
शशि थरूर के कैटलक्लास वाले बयान को लेकर उनसे नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। वहीं जयराम रमेश की आए दिन की बयानबाजी को लेकर भी नाराजगी रही है। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के लिए बड़े नेताओं की बयानबाजी को जिम्मेदार मानने वालों की बड़ी संख्या है।
एक कांग्रेस नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, 'कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह जैसे नेता जिस तरह से अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल की टीम के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे, उससे जनता में खराब संदेश गया।
बाबा रामदेव को महाठग कहकर ग्रामीण इलाकों में इन नेताओं ने कांग्रेस के प्रति नाराजगी पैदा की। इस सबसे बचने के लिए राजनीतिक तौर तरीके अपनाए जाने थे।'
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की आलोचना शरद पवार जैसे नेता पहले ही झोलाछाप सलाहकार कहकर कर चुके हैं। कांग्रेस के कई नेता एनएसी को दोषी नहीं मानते।
एक वरिष्ठ नेता का कहना है, 'जिन्हें आप झोलाछाप कह रहे हैं, वैसे ही लोग अरविंद केजरीवाल के साथ थे, और उन्होंने चुनावी सफलता हासिल की है। क्या आप सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को भी दोषी ठहराएंगे?
बहरहाल कांग्रेस में विधानसभा चुनाव हारने के बाद परस्पर दोषारोपण का दौर चल रहा है। लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस को अपने ज्यादा अवसर दिखाई नहीं दे रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि सांसदों ने पहले ही किसी न किसी नेता को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है।

कुमार व‌िश्वास ने मोदी को ललकारा

Kumar vishwas challenge narendra modi

खास-खास

जुबानी जंग
  • आप नेता कुमार विश्वास ने भाजपा पर बोला हमला
  • कहा, मोदी न सही तो गडकरी या राजनाथ सिंह लड़ें
आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ ही भाजपा पर सीधा हमला बोला है।
भाजपा से प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह राजनीति में वंशवाद को खत्म करना चाहते है तो आएं और अमेठी से चुनाव लड़कर दिखाएं।
कुमार विश्वास ने रविवार को कहा कि एक खानदान ने पूरे देश को बर्बाद करके रख दिया है। अब इसे उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।
इसलिए वह अगले साल अमेठी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। मगर वह उन्हें भी बुलाना चाहते हैं जो कि कांग्रेस के शहजादे के बारे में घंटों जिक्र करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर मोदी को जनता की इतनी फिक्र है तो उन्हें अमेठी से चुनाव लड़कर वंशवाद के खिलाफ राजनीतिक चुनौती देनी चाहिए।
विश्वास ने कहा कि अगर मोदी नहीं आ सकते तो आम आदमी पार्टी को चिल्लर कहने वाले नितिन गडकरी को या राजनाथ सिंह को अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए भेज दें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही नहीं, भाजपा में भी कई शहजादे हैं, जिन्हें दिल्ली में आप के उम्मीदवारों ने हराया है।
दिल्ली में आप की सरकार बनने पर विश्वास ने कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने वादों को पूरा करना है। सरकार कितने दिन चलेगी, इसकी फिक्र नहीं है।
अरविंद केजरीवाल सिर्फ काम पर ध्यान देंगे। अगर सरकार विश्वास मत हासिल कर पाई तो आने वाले कुछ दिनों में ही दूसरी सरकारों की तुलना में आप की सरकार में लोगों को अंतर नजर आने लगेगा।